7 मई को है अक्षया तृतीया, एक दशक बाद बन रहा है ये शुभ संयोग

अक्षय तृतीया वैशाख मास के शुक्‍ल पक्ष की तृतीय तिथि को मनाई जाती है। इसे अत्यंत ही शुभकारी और सौभाग्यशाली मानी गई है। अक्षय तृतीया को एक अबूझ मुहूर्त माना जाता है। इस दिन आप कोई भी मांगल‍िक कार्य बिना सोच-विचार के कर सकते हैं। इस साल यानी वर्ष 2019 में मंगलवार 7 मई को देशभर में अक्षय तृतीया का त्योहार मनाया जाएगा। खास बात यह है कि इस दिन करीब एक दशक बाद चार ग्रहों का विशेष संयोग भी बन रहा है, जो आपके लिए फायदेमंद हो सकता है।

अक्षय तृतीया शुभ मुहूर्त

अक्षय तृतीया शुभ मुहूर्त

तृतीया तिथि प्रारंभ - 7 मई 2019 को 00:47 बजे से

अक्षय तृतीया पूजा मुहूर्त - 06:40 से 12:26 बजे तक

अवधि - 6 घंटे

सोना खरीदने के लिए शुभ मुहूर्त

7 मई मंगलवार को - 06.26 बजे से 23:47 बजे तक

बन रहा ग्रहों का विशेष संयोग

बन रहा ग्रहों का विशेष संयोग

इस साल यानी 2019 में अक्षय तृतीया का अद्भुत संयोग बन रहा है। ऐसा पूरे एक दशक बाद हो रहा है। इससे पूर्व वर्ष 2003 में 5 ग्रहों का ऐसा योग बना था और अब वर्ष 2019 में एक बार फिर ऐसा संयोग बनेगा, जब 4 ग्रह सूर्य, शुक्र, चंद्र और राहु अपनी उच्च राशि में गोचर करेंगे। कुल मिलाकर देखा जाए तो मानव जीवन पर इनका प्रभाव बेहतर होगा। हालांकि कुंडली के हिसाब से ग्रहों के प्रभाव अलग-अलग हो सकते हैं।

इसल‍िए मनाया जाता है अक्षय तृतीया?

इसल‍िए मनाया जाता है अक्षय तृतीया?

भगवान विष्‍णु के छठें अवतार माने जाने वाले भगवान परशुराम का जन्‍म हुआ था। परशुराम ने महर्षि जमदाग्नि और माता रेनुकादेवी के घर जन्‍म लिया था। यही कारण है कि अक्षय तृतीया के दिन भगवान विष्‍णु की उपासना की जाती है। भगवान परशुराम की पूजा भी इस समय की जाती है। इसके अलावा मान्‍यता है कि इसी मां गंगा स्‍वर्ग से धरती पर अवतर‍ित हुई थी। इसल‍िए इस द‍िन पवित्र गंगा में ड्रबकी लगाने से मनुष्‍य के सारे पाप खत्‍म हो जाते हैं। अक्षय तृतीया के अवसर पर ही म‍हर्षि वेदव्‍यास जी ने महाभारत ल‍िखना शुरु किया था। इसल‍िए इस दिन कई लोग श्रीमद्भागवत गीता के 18 वें अध्‍याय का पाठ करते हैं।

अक्षय तृतीया का महत्व?

अक्षय तृतीया का महत्व?

अक्षय तृतीया के दिन शुभ कार्य करने का विशेष महत्व है। अक्षय तृतीया के दिन कम से कम एक गरीब को अपने घर बुलाकर सत्‍कार पूर्वक उन्‍हें भोजन अवश्‍य कराना चाह‍िए। गृहस्‍थ लोगों के लिए ऐसा करना जरूरी बताया गया है। मान्‍यता है कि ऐसा करने से उनके घर में धन धान्‍य में अक्षय बढ़ोतरी होती है। इस द‍िन अपनी कमाई का कुछ ह‍िस्‍सा दान करना चाह‍िए।

करें ये उपाय

करें ये उपाय

अक्षय तृतीया के दिन धन प्राप्ति आदि के लिए लोग कई तरह के उपाय करते हैं। हम यहां कुछ उपाय बता रहे हैं,

- अक्षय तृतीया के दिन सोने-चांदी की चीजें खरीदने का विधान है। आप भी बरकत चाहते हैं इस दिन सोने या चांदी की लक्ष्मी की चरण पादुका लाकर घर में रखें और इसकी नियमित पूजा करें।

- अक्षय तृतीया के दिन 11 कौड़ियों को लाल कपडे में बांधकर पूजा स्थान में रखने से देवी लक्ष्मी आकर्षित होती हैं। देवी लक्ष्मी के समान ही कौड़ियां भी समुद्र से उत्पन्न हुई हैं।

- अक्षय तृतीया के दिन केसर और हल्दी से देवी लक्ष्मी की पूजा करने से आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं।

- अक्षय तृतीया के दिन घर के पूजा स्थल पर एकाक्षी नारियल स्थापित करने से देवी लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है।

- इस दिन पितरों की प्रसन्नता और उनकी कृपा प्राप्ति के लिए जल कलश, पंखा, खड़ाऊं, छाता, सत्तू, ककड़ी, खरबूजा, फल, शक्कर, घी आदि ब्राह्मण को दान करने चाहिए।

- इस दिन गौ, भूमि, तिल, स्वर्ण, घी, वस्त्र, धान्य, गुड़, चांदी, नमक, शहद और कन्या यह बारह दान का महत्व है।

- सेवक को दिया गया दान एक चौथाई फल देता है।

- कन्या दान इन सभी दानों में सर्वाधिक महत्वपूर्ण है इसीलिए इस दिन लोग शादी विवाह का विशेष आयोजन करते हैं।

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