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Ash Wednesday : कब और क्यों मनाया जाता है ऐश वेडनेसडे का त्यौहार, ईसाई समुदाय करता है 40 दिन तक व्रत
ऐश वेडनेसडे शुरु 26 फरवरी बुधवार को शुरु हो गया है। विश्व भर के ईसाई लोग ऐश वेडनेसडे से 40 दिन के उपवास पर्व की शुरुआत करते हैं। ऐश वेडनेसडे यानी लेंट डे दुख भोग के रुप में मनाया जाता है। इन 40 दिनों तक ईसाई लोग भगवान से प्रार्थना करते हैं। लेंड के पवित्र समय के दौरान लोग प्रभु ईशु के बलिदान को याद करते हैं। ईशा मसीह ने 40 दिन का व्रत रखा था, उनके 40 दिन के व्रत को त्याग, बलिदान के रुप में मनाया जाता है।

इन 40 दिनों में लोग ईसा मसीह द्वारा क्रूस पर दिए बलिदान को याद करते हैं। इसका मकसद भगवान पर भरोसा करना होता है। लेंट को त्याग और मंथन के रुप में जाना जाता है। इस दौरान ईसाई लोग मांस खाना कम देते है, अहंकार को दूर करते है और दान करना काफी अच्छा मानते हैं। चलिए जानते है कि क्या है ऐश वेडनेसडे।

क्या है ऐश वेडनेसडे
ऐश वेडनेसडे ASH Wednesday ईसाई समाज का पवित्र दिन होता है। इस दिन ईसाई लोग अपनी गलती को स्वीकार करते हैं, और भगवान के प्रति अपनी आस्था दिखाते हैं। ऐश वेडनेसडे ईसाई लोगों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण दिन माना जाता है। ऐश वेडनेसडे से लेंट काल की शुरुआत होती हैं। इस दिन पवित्र राख से माथे पर क्रूस का निशान बनाते हुए ईशा मसीह को याद किया जाता हैं। माथे पर राख लगाते हुए लोगों को याद दिलाया जाता है कि तुम मिट्टी हो और मिट्टी में मिल जाओगे। इसके साथ लोगों को अंहकार छोड़कर अच्छी सीख दी जाती है।

क्या हैं लेंट
लेंट ईसाई लोगों का आध्यात्मिक समय होता है। लेंट समय की शुरुआत ऐश वेडनेसडे से होती है। लेंट समय 40 दिनों तक चलता है और ईस्टर संडे पर खत्म होता है। ईस्टर संडे ईसाई समाज के लिए पवित्र दिन होता है। लेंट के 40 दिनों तक ईसाई लोग प्रभु से प्रार्थना करते हुए अपनी पापों की माफी मांगते हैं।





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