भाद्रपद महीने में आएंगे ये तीज और त्योहार, जानें पूरी लिस्ट

Vrat tyohar of Bhadon: भादो में पड़ेंगे ये प्रमुख व्रत त्यौहार, साथ ही जानें इनका महत्व | Boldsky

भाद्रपद, जिसे हम भादो या भद्रा भी कहते हैं, हिंदू कैलेंडर का छठा महीना होता है। इस बार भाद्रपद की शुरुआत रक्षाबंधन के बाद पूर्णिमा से हो गयी है। चूंकि इस पूर्णिमा पर चंद्रमा भाद्रपद नक्षत्र में आता है इसलिए इसे भाद्रपद कहते हैं। आज हम आपके लिए इस महीने की सभी महत्वपूर्ण तिथियों और त्योहारों की सूची लेकर आए हैं।

तो आइए जानते हैं हिंदू कैलेंडर के अनुसार इस महीने में आने वाले व्रतों और त्योहारों के बारे में।

Bhadrapad festivals

इस माह त्योहारों की शुरुआत कजरी तीज से हुई है जो की 29 अगस्त को थी। कजरी तीज जिसे बड़ी तीज भी कहते हैं सुहागिनों का उत्सव होता है। इस दिन स्त्रियां अपने पति की लंबी आयु के लिए भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती हैं। इसके अलावा कुंवारी कन्याएं भी मनचाहा वर पाने की इच्छा में इस दिन व्रत और पूजन करती हैं।

कृष्ण जन्माष्टमी- 2 सितंबर

भाद्रपद की कृष्ण पक्ष की आठवीं तिथि को भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। जन्माष्टमी को गोकुलाष्टमी, कृष्ण जयंती, कृष्ण अष्टमी, रोहिणी अष्टमी, श्री जयंती आदि भी कहते हैं। इस दिन भक्त श्री कृष्ण का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए पूजा के साथ साथ व्रत भी रखते हैं। आपको बता दें इस बार जन्माष्टमी 2 सितंबर को है।

गोवत्स द्वादशी- 7 सितंबर

भाद्रपद मास में कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि को गोवत्स द्वादशी मनाई जाती है। इस दिन महिलाएं गायों और बछड़ों की पूजा करती हैं। इसके बाद प्रसाद के रूप में बच्चों को नारियल दिया जाता है। आपको बता दें इस बार गोवत्स द्वादशी 7 सितंबर को है।

हरतालिका तीज- 12 सितंबर

हरतालिका तीज सुहागिन औरतों के लिए बड़ा ही महत्वपूर्ण होता है। यह व्रत भाद्रपद माह की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को पड़ती है। कहते हैं सबसे पहले माता पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में प्राप्त करने के लिए यह कठिन व्रत रखा था। इस दिन माता पार्वती और भोलेनाथ की पूजा की जाती है। स्त्रियां निर्जल व्रत रखती हैं। आपको बता दें इस बार हरतालिका तीज 12 सितंबर को है।

गणेश चतुर्थी- 13 सितंबर

भाद्रपद महीने की चौथी तिथि को गणेश चतुर्थी का त्योहार मनाया जाता है। इस दिन लोग गणेश जी की पूजा करते हैं और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए व्रत भी रखते हैं। गणेश चतुर्थी पर प्रसाद के रूप में गणपति का पसंदीदा मोदक और लडडू का भोग लगाया जाता है। इस बार गणेश चतुर्थी 13 सितंबर को है।

ऋषि पंचमी- 14 सितंबर

भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को ऋषि पंचमी मनाई जाती है। इस दिन सभी सातों संतों यानी सप्तऋषियों की पूजा की जाती है। इन्हीं सप्तऋषियों ने संसार को सच्चाई के मार्ग पर चलना सिखाया था।

देवझूलनी एकादशी- 20 सितंबर

चौबीस एकादशियों में से देवझूलनी एकादशी भी एक होता है। भाद्रपद मास में आने वाली शुक्ल ग्यारह को जलझुलनी (देवझूलनी) ग्यारह कहते हैं। इसे पद्मा एकादशी भी कहते हैं जो उत्तराषाढ़ नक्षत्र में पड़ता है। इस दिन जुलूस निकाली जाती है जिसमें श्री कृष्ण पालने पर सवार रहते हैं और उन्हें पास के ही नदी में स्नान कराया जाता है। इस दिन भक्त व्रत भी रखते हैं। इस बार देवझूलनी एकादशी 20 सितंबर को है।

अनंत चतुर्दशी- 23 सितंबर

भाद्रपद मास के शुक्लपक्ष की चतुर्दशी को अनंत चतुर्दशी कहा जाता है। इस दिन भगवान विष्णु के अनंत अवतार की पूजा की जाती है। इस दिन ॐ अनंताय नमः का मंत्र जाप करना बड़ा ही शुभ माना जाता है। आपको बता दें इस बार अनंत चतुर्दशी 23 सितंबर को है।

Desktop Bottom Promotion