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नंदी पूजा से शुरू हुई दीपिका की शादी की रस्में, जानें क्या है इस पूजा की विधि और लाभ
इस साल रणवीर सिंह और दीपिका पादुकोण विवाह के बंधन में बंधने जा रहे हैं। इसका एलान उन्होंने कुछ दिन पहले ही सोशल मीडिया पर किया था और जिसमें उन्होंने शादी की तारीख भी शेयर की थी। बॉलीवुड के ये बड़े सितारे 14-15 नवंबर को सात फेरे लेंगे।
शादी की तारीख नज़दीक आने के साथ ही तैयारियों और रस्मों का सिलसिला भी शुरू हो चूका है और सबसे पहली रस्म के तौर पर भगवान नंदी की ख़ास पूजा का आयोजन किया गया। ये पूजा बंगलुरु में दीपिका के घर में हुई। इस खास पूजा में परिवार के साथ कुछ ख़ास दोस्त ही शामिल हुए।

जानें नंदी पूजा के बारे में
आपने इस बात पर गौर किया होगा कि हर शिव मंदिर में नंदी भी मौजूद होते हैं। दरअसल नंदी बैल भगवान भोलेनाथ की सवारी हैं। लोग अपनी मनोकामनाएं नंदी बैल के कान में कहते हैं। माना जाता है कि अपने मन की बात नंदी को बता देने से जल्दी इच्छित परिणाम मिलते हैं क्योकि वो खुद ही भक्तों का संदेश शिव जी तक पहुंचाते हैं।

कैसे की जाती है नंदी पूजा
सबसे पहले नंदी बैल की मूर्ति को दूध और गंगा जल मिले पानी से स्नान कराएं। उन्हें अर्पित करने के लिए अक्षत के साथ गुड़ मिलाएं और उन्हें चढ़ा दें। अब नंदी भगवान की अर्चना करें। उनके माथे पर चंदन का लेप लगाएं।
यदि कोई व्यक्ति किसी विशेष इच्छा की पूर्ति के लिए इस पूजा का आयोजन करवा रहा है तो वो अपने मन की बाद नंदी बैल के कानों में कह दे। उनके चरणों में अपना शीष झुकाए और सच्चे मन से प्रार्थना करते हुए उनका ध्यान करे। किसी भी तरह के द्वेष भाव से दूर होकर इस विधि से पूजा करने से मनोकामनाएं ज़रूर पूरी होती है।



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