Latest Updates
-
Diwali 2026: कब करें लक्ष्मी पूजन? श्री देवकीनंदन ठाकुर जी ने बताया शुभ मुहूर्त और समृद्धि का उपाय -
Happy Diwali 2026: परिवार और दोस्तों को संस्कृत में भेजें ये मंगलमय संदेश -
दिवाली पर घी, सरसों या तिल के तेल का दीपक जलाना है शुभ? आचार्य वसंत विजय महाराज से जानें सही नियम -
दिवाली के दिन अगर पीरियड हो जाए तो कैसे करें पूजा? जानें मां लक्ष्मी और गणेश पूजन की धार्मिक मान्यताएं -
Choti Diwali 2026: पति-पत्नी के लिए प्यार भरे शुभकामना संदेश और रोमांटिक विशेज -
नरक चतुर्दशी 2026: जब श्रीकृष्ण ने नरकासुर का वध कर 16,000 राजकुमारियों को दिलाई मुक्ति, जानें पौराणिक कथा -
रूप चौदस 2026: बहू और बेटी को भेजें ये खूबसूरत शुभकामना संदेश, रिश्तों में घोलें प्यार और अपनापन -
Narak Chaturdashi 2026: बाल और नाखून काटना क्यों है अशुभ? निरोगी रहने के लिए कर लें ये उपाय -
धनतेरस पर धनिया खरीदने के बाद करें यह एक उपाय, घर में बनी रहेगी बरकत -
धनतेरस पर 13 दीपक क्यों जलाए जाते हैं? प्रदोष काल में पढ़ें यमदीपदान की कथा
नंदी पूजा से शुरू हुई दीपिका की शादी की रस्में, जानें क्या है इस पूजा की विधि और लाभ
इस साल रणवीर सिंह और दीपिका पादुकोण विवाह के बंधन में बंधने जा रहे हैं। इसका एलान उन्होंने कुछ दिन पहले ही सोशल मीडिया पर किया था और जिसमें उन्होंने शादी की तारीख भी शेयर की थी। बॉलीवुड के ये बड़े सितारे 14-15 नवंबर को सात फेरे लेंगे।
शादी की तारीख नज़दीक आने के साथ ही तैयारियों और रस्मों का सिलसिला भी शुरू हो चूका है और सबसे पहली रस्म के तौर पर भगवान नंदी की ख़ास पूजा का आयोजन किया गया। ये पूजा बंगलुरु में दीपिका के घर में हुई। इस खास पूजा में परिवार के साथ कुछ ख़ास दोस्त ही शामिल हुए।

जानें नंदी पूजा के बारे में
आपने इस बात पर गौर किया होगा कि हर शिव मंदिर में नंदी भी मौजूद होते हैं। दरअसल नंदी बैल भगवान भोलेनाथ की सवारी हैं। लोग अपनी मनोकामनाएं नंदी बैल के कान में कहते हैं। माना जाता है कि अपने मन की बात नंदी को बता देने से जल्दी इच्छित परिणाम मिलते हैं क्योकि वो खुद ही भक्तों का संदेश शिव जी तक पहुंचाते हैं।

कैसे की जाती है नंदी पूजा
सबसे पहले नंदी बैल की मूर्ति को दूध और गंगा जल मिले पानी से स्नान कराएं। उन्हें अर्पित करने के लिए अक्षत के साथ गुड़ मिलाएं और उन्हें चढ़ा दें। अब नंदी भगवान की अर्चना करें। उनके माथे पर चंदन का लेप लगाएं।
यदि कोई व्यक्ति किसी विशेष इच्छा की पूर्ति के लिए इस पूजा का आयोजन करवा रहा है तो वो अपने मन की बाद नंदी बैल के कानों में कह दे। उनके चरणों में अपना शीष झुकाए और सच्चे मन से प्रार्थना करते हुए उनका ध्यान करे। किसी भी तरह के द्वेष भाव से दूर होकर इस विधि से पूजा करने से मनोकामनाएं ज़रूर पूरी होती है।



Click it and Unblock the Notifications
