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गणेश चतुर्थी 2020: इस साल गणपति पूजा का मुहूर्त रहेगा केवल 2 घंटे 36 मिनट का
गणेश चतुर्थी का त्योहार भगवान गणेश के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। हिंदू धर्म के अनुसार भगवान शिव और माता पार्वती के पुत्र गणेश का जन्म शुक्ल चतुर्थी पर भाद्रपद चंद्र महीने के दौरान हुआ था। गणेश चतुर्थी का पर्व गणपति स्थापना के साथ शुरू होता है।

गणेश चतुर्थी के मौके पर बुद्धि, समृद्धि, सौभाग्य का आशीर्वाद प्रदान करने वाले गणपति की पूजा बड़े ही धूमधाम से की जाती है। गणेश चतुर्थी के त्योहार पर देशभर में गणपति बप्पा मोर्या के जयकारों की गूंज सुनाई देती है। इस साल जानते हैं गणेश चतुर्थी की तिथि क्या है और पूजा का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा।

साल 2020 में गणेश चतुर्थी
इस वर्ष गणेश चतुर्थी का त्योहार 22 अगस्त, शनिवार के दिन पड़ रहा है। पौराणिक कथाओं के अनुसार गणेश जी का जन्म भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी के दिन ही हुआ था, इसलिए इस दिन से लेकर 10 दिन तक उनका जन्मोत्सव मनाया जाता है।

श्रीगणेश चतुर्थी पूजा का शुभ मुहूर्त
इस साल भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि का प्रारंभ 21 अगस्त के दिन शुक्रवार की रात 11 बजकर 02 मिनट से होगा और यह 22 अगस्त के दिन शनिवार को शाम 07 बजकर 57 मिनट को समाप्त होगा। ऐसा माना जाता है कि गणेश जी का जन्म दोपहर के समय हुआ था इसलिए इनकी पूजा दोपहर के समय की जाती है। इस बार 22 अगस्त के दिन भगवान गणपति की पूजा के लिए दोपहर में 02 घंटे 36 मिनट का समय है। इस साल आप दिन में 11 बजकर 06 मिनट से दोपहर 01 बजकर 42 मिनट के बीच विघ्नहर्ता गणेश जी की पूजा कर सकते हैं।

गणेश चतुर्थी पूजा का महत्व
विघ्नहर्ता श्रीगणेश के जन्मोत्सव के रूप में गणेश चतुर्थी का पर्व मनाया जाता है। ऐसी मान्यता है कि सभी देवों में प्रथम पूजनीय गणेश जी की उत्पत्ति इसी शुभ मौके पर हुई थी। भक्त गणेश जी का विशेष आशीर्वाद पाने के लिए गणेश चतुर्थी पर पूजा अर्चना करते हैं। गणपति बप्पा को अपने घर लाते हैं और उन्हें स्थापित करते हैं। वो इस दौरान परिवार के सदस्य की तरह गणेश जी की सेवा करते हैं और उनसे जीवन में सुख समृद्धि और कामयाबी की कामना करते हैं। गणेश चतुर्थी के ग्यारहवें दिन भक्त उन्हें विसर्जित करते हैं और अगले बरस जल्दी आने की प्रार्थना करते हैं। गणपति बप्पा का आशीर्वाद मिलने से जीवन की कठिनाइयां दूर हो जाती हैं। साथ ही घर परिवार में खुशहाली का वास होता है।



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