Latest Updates
-
Hantavirus Outbreak: बीच समंदर क्रूज पर फैला हंतावायरस, 3 की मौत; जानें कैसे फैलता है यह वायरस? -
Met Gala 2026: सोने की साड़ी और हीरे जड़ा ब्लाउज पहन रेड कार्पेट पर उतरीं ईशा अंबानी, बनाने में लगे 1200 घंटे -
Bada Mangal 2026 Upay: ज्येष्ठ के पहले बड़े मंगल पर करें ये आसान उपाय, हनुमान जी दूर करेंगे सभी संकट -
39 की उम्र में शादी करने जा रही हैं हुमा कुरैशी? जानें कौन है उनका होने वाला दूल्हा -
Ekdant Sankashti Chaturthi 2026: एकदंत संकष्टी चतुर्थी आज, जानें शुभ मुहूर्त, चंद्रोदय का समय और पूजा विधि -
Bada Mangal Wishes in Sanskrit: इन संस्कृत श्लोकों और संदेशों से प्रियजनों को दें बड़े मंगल की शुभकामनाएं -
Bada Mangal 2026 Wishes: संकट मोचन नाम तुम्हारा...पहले बड़े मंगल पर प्रियजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Aaj Ka Rashifal, 5 May 2026: साल का पहला 'बड़ा मंगल' आज, बजरंगबली की कृपा से इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत -
Mother's Day Wishes for Dadi & Nani: मां की भी मां हैं वो; मदर्स डे पर दादी -नानी को भेजें ये अनमोल संदेश -
Himanta Biswa Sarma Net Worth: कितने पढ़े-लिखे हैं असम के CM हिमंता बिस्व सरमा? नेट वर्थ जानकर दंग रह जाएंगे आप
Gudi Padwa 2021: इस दिन मनाया जाएगा हिंदू नववर्ष का उत्सव
हिंदू धर्म में चैत्र महीना की महत्ता बहुत अधिक है। यह हिंदू कैलेंडर का पहला महीना होता है। इस महीने के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को उगादि कहा जाता है। इसका अर्थ है नये वर्ष का आगाज। साल 2021 में हिंदू नववर्ष नव संवत्सर 2078 की शुरुआत होगी। महाराष्ट्र में ये दिन गुड़ी पड़वा के नाम से मनाया जाता है। इस दिन धूमधाम से नए वर्ष का स्वागत किया जाता है। इस तिथि के साथ ही चैत्र नवरात्र की भी शुरुआत होती है। जानते है इस साल गुड़ी पड़वा का उत्सव किस दिन मनाया जाएगा और पूजा का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा।

गुड़ी पड़वा शुभ मुहूर्त-
गुड़ी पड़वा तिथि- 13 अप्रैल 2021 (मंगलवार)
प्रतिपदा तिथि प्रारंभ- 12 अप्रैल 2021 दिन सोमवार की सुबह 08 बजे से।
प्रतिपदा तिथि समापन- 13 अप्रैल 2021 दिन मंगलवार की सुबह 10 बजकर 16 मिनट तक।

गुड़ी पड़वा पूजा विधि
इस दिन जल्दी उठें और स्नानादि कर लें। घर के मुख्य द्वार को आम के पत्तों से सजाएं।ऐसा करना शुभ माना जाता है। इसके बाद घर के एक हिस्से में गुड़ी लगाई जाती है जिसे आप आम के पत्ते, फूल और कपड़े से सजा सकते हैं। इस दिन सृष्टि के रचियता भगवान ब्रह्मा की पूजा की जाती है और गुड़ी फहराते हैं। इसके पश्चात् भगवान विष्णु की पूरे विधि-विधान से पूजा करें।

गुड़ी पड़वा पर्व का महत्व
कई स्थानों पर गुड़ी पड़वा को फसल दिवस के तौर पर मनाया जाता है। इस दिन भगवान विष्णु और ब्रह्माजी की विधि-विधान से पूजा की जाती है। इस दिन के साथ जुड़ी पौराणिक कथाओं के अनुसार, प्रतिपदा तिथि के दिन भगवान ब्रह्मा ने सृष्टि का निर्माण किया था। यही वजह है कि इस दिन उनकी विशेष पूजा करने का बड़ा महत्व बताया गया है। जिन जातकों पर भगवान की कृपा दृष्टि होती है उनके जीवन में सुख समृद्धि का आगमन होता है।

गुड़ी पड़वा के दिन बनते हैं पकवान
महाराष्ट्र में गुड़ी पड़वा के दिन लोग नए कपड़े पहनते हैं। इस दिन घरों में कई तरह के विशेष पकवान भी बनाए जाते हैं। इस त्योहार के दिन पूरन पोली और श्रीखंड बनाया जाता है। इसके साथ ही कई घरों में मीठे चावल बनाएं जाते हैं जिसे सक्कर भात कहते हैं। साथ ही बटाटा भाजी भी तैयार की जाती है।



Click it and Unblock the Notifications