Latest Updates
-
Varuthini Ekadashi 2026: 13 या 14 अप्रैल कब है वैशाख की पहली एकादशी? जानें भगवान विष्णु की पूजा विधि -
Easter Sunday 2026: क्यों मनाया जाता है 'ईस्टर संडे'? जानें ईसाई धर्म में इसका महत्व और इतिहास -
लाल, काली या नारंगी, सेहत के लिए कौन सी गाजर है सबसे ज्यादा पावरफुल? -
Delhi-NCR में भूकंप के झटको से कांपी धरती, क्या बाबा वेंगा की खौफनाक भविष्यवाणी सच होने वाली है? -
Aaj Ka Rashifal 4 April 2026: शनिवार को इन 5 राशियों पर होगी धनवर्षा, जानें अपनी राशि का भाग्य -
चेहरे पर पड़े चेचक के दाग हटाने के 5 घरेलू उपाय, जिद्दी गड्ढों और माता के निशान से पाएं छुटकारा -
क्यों मनाया जाता है World Rat Day? सबसे पहले किस देश में पैदा हुए चूहे, कैसे पूरी दुनिया में पहुंचे? -
International Carrot Day 2026: 4 अप्रैल को ही क्यों मनाया जाता है विश्व गाजर दिवस? जानें रोचक कहानी -
Bridal Blouse Designs: लेटेस्ट ब्राइडल ब्लाउज बैक डिजाइन, डोरी से लेकर हैवी एम्ब्रॉयडरी तक, देखें 7 पैटर्न्स -
कंडोम की कीमतें क्यों बढ़ रही हैं? जानें ईरान-इजरायल युद्ध का असर और कपल्स के लिए सेफ्टी टिप्स
Gudi Padwa 2021: इस दिन मनाया जाएगा हिंदू नववर्ष का उत्सव
हिंदू धर्म में चैत्र महीना की महत्ता बहुत अधिक है। यह हिंदू कैलेंडर का पहला महीना होता है। इस महीने के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को उगादि कहा जाता है। इसका अर्थ है नये वर्ष का आगाज। साल 2021 में हिंदू नववर्ष नव संवत्सर 2078 की शुरुआत होगी। महाराष्ट्र में ये दिन गुड़ी पड़वा के नाम से मनाया जाता है। इस दिन धूमधाम से नए वर्ष का स्वागत किया जाता है। इस तिथि के साथ ही चैत्र नवरात्र की भी शुरुआत होती है। जानते है इस साल गुड़ी पड़वा का उत्सव किस दिन मनाया जाएगा और पूजा का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा।

गुड़ी पड़वा शुभ मुहूर्त-
गुड़ी पड़वा तिथि- 13 अप्रैल 2021 (मंगलवार)
प्रतिपदा तिथि प्रारंभ- 12 अप्रैल 2021 दिन सोमवार की सुबह 08 बजे से।
प्रतिपदा तिथि समापन- 13 अप्रैल 2021 दिन मंगलवार की सुबह 10 बजकर 16 मिनट तक।

गुड़ी पड़वा पूजा विधि
इस दिन जल्दी उठें और स्नानादि कर लें। घर के मुख्य द्वार को आम के पत्तों से सजाएं।ऐसा करना शुभ माना जाता है। इसके बाद घर के एक हिस्से में गुड़ी लगाई जाती है जिसे आप आम के पत्ते, फूल और कपड़े से सजा सकते हैं। इस दिन सृष्टि के रचियता भगवान ब्रह्मा की पूजा की जाती है और गुड़ी फहराते हैं। इसके पश्चात् भगवान विष्णु की पूरे विधि-विधान से पूजा करें।

गुड़ी पड़वा पर्व का महत्व
कई स्थानों पर गुड़ी पड़वा को फसल दिवस के तौर पर मनाया जाता है। इस दिन भगवान विष्णु और ब्रह्माजी की विधि-विधान से पूजा की जाती है। इस दिन के साथ जुड़ी पौराणिक कथाओं के अनुसार, प्रतिपदा तिथि के दिन भगवान ब्रह्मा ने सृष्टि का निर्माण किया था। यही वजह है कि इस दिन उनकी विशेष पूजा करने का बड़ा महत्व बताया गया है। जिन जातकों पर भगवान की कृपा दृष्टि होती है उनके जीवन में सुख समृद्धि का आगमन होता है।

गुड़ी पड़वा के दिन बनते हैं पकवान
महाराष्ट्र में गुड़ी पड़वा के दिन लोग नए कपड़े पहनते हैं। इस दिन घरों में कई तरह के विशेष पकवान भी बनाए जाते हैं। इस त्योहार के दिन पूरन पोली और श्रीखंड बनाया जाता है। इसके साथ ही कई घरों में मीठे चावल बनाएं जाते हैं जिसे सक्कर भात कहते हैं। साथ ही बटाटा भाजी भी तैयार की जाती है।



Click it and Unblock the Notifications











