इस बार गोवर्धन पूजा में ये है शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

By Salman khan
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दिवाली का त्योहार मनाने के अगले दिन गोवर्धन पूजा का समय होता है। इस दिन दिवाली के त्योहार के बाद काफी शांति के साथ गोवर्धन पूजा की जाती है। कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को गोवर्धन उत्सव मनाया जाता है। गोवर्धन को 'अन्नकूट पूजा' के नाम से भी जाना जाता है और ऐसा कहने में भी एक मान्यता है। सामान्य भाषा में कहा जाए तो दिवाली के अगले दिन गोवर्धन पूजा की जाती है।

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इस दिन भगवान श्रीकृष्ण ने इंद्र की पूजा की बजाय गोवर्धन की पूजा शुरू करवाई थी। इस दिन गोबर घर के आंगन में गोवर्धन पर्वत की चित्र बनाकर पूजन किया जाता है। इस दिन गायों की सेवा का विशेष महत्व है। गोवर्धन पूजा का श्रेष्ठ समय प्रदोष काल में माना गया गोवर्धन पूजा कार्तिक शुक्लपक्ष की प्रतिपदा को मनाई जाती है। इस साल गोवर्धन पूजा 20 अक्टूबर यानि दिवाली के अगले दिन है। इस दिन आप सभी लोग अपने घरों में पूजा जरूर करें और अपनी मनचाही मनोकामना मांगे।

क्यों मनाई जाती है गोवर्धन पूजा

क्यों मनाई जाती है गोवर्धन पूजा

क्या आप जानते हैं कि गोवर्धन पूजा क्यों की जाती है। दरअसल इसके पीछे भी एक कहानी है। गोवर्धन पूजा को अन्नकूट पर्व के नाम से भी जाना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन भगवान कृष्ण ने इंद्र की पूजा करने के बजाय गोवर्धन की पूजा की थी।

ये भी है मान्यता

ये भी है मान्यता

इस दिन एक अन्य मान्यता है कि जो व्यक्ति उदास रहता है वह पूरे साल भर दुखी रहता है। साथ ही इस दिन व्यक्ति पूरे मनोभाव से गोवर्धन भगवान की पूजा करता है वह साल भर सुखी और खुशी रहता है। आइए जानते है इस दिन कैसे करना है पूजा और क्या शुभ मुहूर्त....

ऐसे करें गोवर्धन पूजा

ऐसे करें गोवर्धन पूजा

जब आप कोई भी पूजा करते है चाहें वो दिवाली की हो या दशहरा की आपको इसकी पूजा करने की विधि पता होनी चाहिए कि हमें किस तरह से पूजा करनी है। गोवर्धन पूजा वाले दिन आपको घर के आंगन में गोबर से गोवर्धन का चित्र बनाकर उसकी पूजा रोली, चावल, खीर, बताशे, जल, दूध, पान, केसर, फूल आदि से दीपक जलाने के बाद की जाती है।

गायों कराएं स्नान

गायों कराएं स्नान

गायों को स्नान कराकर उन्हें सजाकर उनकी पूजा करें। इस दिन गाय माता की भी पूजा की जाती है और उनको खिलाया भी जाता है। ऐसा करने आपकी पूजा पूरी तरह से होती है और आपको पूजा का पूरा फल भी मिलता है।

इस बार गोवर्धन पूजा का शुभ महूर्त जानिए

इस बार गोवर्धन पूजा का शुभ महूर्त जानिए

गोवर्धन पूजा का सुबह का शुभ मुहूर्त 06:28 बजे से 08:43 बजे तक होगा इसी समय में आप पूजा करें।

गोवर्धन पूजा का शाम का मुहूर्त 03:27 बजे से सायं 05:42 बजे तक होगा।

प्रतिपदा रात 00:41 20 अक्टूबर से शुरु होगी।

प्रतिपदा तिथि समाप्त होगी रात्रि 1:37 बजे तक 21 अक्टूबर को।

क्या आप जानते है ये बातें

क्या आप जानते है ये बातें

इस दिन की मान्यता है कि जो कोई भी भगवान की भक्ति करता है वो साल भर खुश रहता है।

इसलिए इस दिन भगवान की सच्चे मन से साधना और वंदना करें इससे आपको असीम शांति मिलेगी और आपके घर में सुख और समृद्दि भी आएगी।

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    English summary

    How to do Govardhan Puja at home, basic rituals to perform

    The day after celebrating Diwali festival is the time of Govardhan Puja. After this festival of Diwali, Govardhan worship is done with great peace. Govardhan festival is celebrated on the pratipada of the Shukla Paksha of the Kartik month.
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