For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS  
For Daily Alerts

रमजान का महीना: इस दिन रखा जाएगा पहला रोजा

|

मुस्लिम समुदायों के लिए रमजान का महीना बहुत पाक और खास माना जाता है। चांद के दीदार के साथ ही रमजान का महीना इस साल 12 अप्रैल से शुरू हो रहा है। मगर साल 2021 का रमजान महीना भी कोरोना की भेंट चढ़ते नजर आ रहा है।

देशभर में रमजान की वो चमक देखने को नहीं मिल सकेगी। साथ ही इसकी तैयारियों को लेकर भी अकीदतमंदों को कई तरह के एहतियात बरतने होंगे ताकि वो कोरोना संक्रमण से बचे रह सकें। जानते हैं रमजान के महीने में मुसलमानों को किस तरह की सावधानी बरतनी चाहिए और पिछले साल WHO द्वारा जारी किये गए दिशा निर्देशों में क्या कहा गया था।

पाक महीना रमजान

पाक महीना रमजान

मुस्लिम धर्म मानने वाले लोगों के लिए रमजान का महीना काफी मायने रखता है। इस महीने में जीवन में मिली हर नेमत के लिए खुदा का शुक्रिया अदा किया जाता है। इस महीने में दान पुण्य का काम किया जाता है जिसे जकात कहा जाता है। जरूरतमंदों और गरीबों की मदद की जाती है। इस वजह से ये महीना नेकियों और इबादत का महीना कहलाता है। महीने के बाद शव्वाल की पहली तारीख को ईद उल फितर का पर्व मनाया जाता है।

Ramadan 2021: लॉकडाउन के बीच अपनों को भेजें रमज़ान मुबारक के ये ख़ास संदेश और दें बरक़त की दुआएं

लॉकडाउन के साए में रमजान का महीना

लॉकडाउन के साए में रमजान का महीना

गौरतलब है कि 12 अप्रैल को हिजरी कैलेंडर का पाक महीना रमजान शुरू होगा जो 12 मई तक चलेगा। मुस्लिम समुदाय के लोग इस पूरे एक महीने के दौरान रोजे रखते हैं और अल्लाह की इबादत करते हैं। मस्जिद में नमाज पढ़ी जाती है। दोस्तों, रिश्तेदारों और परिवार के सदस्यों के साथ इफ्तार पार्टी का इंतजाम किया जाता है। मगर रमजान महीना अन्य वर्षों की तुलना में अलग होने वाला है। कोरोना वायरस के कारण पूरे देश में लॉकडाउन लगा दिया गया है। सिर्फ भारत ही नहीं विदेशों में भी यही स्थिति है। कोरोना महामारी के कारण धार्मिक जगहों और बाजारों में भीड़ न लगाने के आदेश दिए गए हैं। नमाजियों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने की सलाह दी गयी है।

Ramadan 2021: रोजे रखने के नियम, जाने किन चीजों से टूट जाता है रोजा । Boldsky
रमजान को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने जारी किए दिशा निर्देश

रमजान को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने जारी किए दिशा निर्देश

कोरोना वायरस महामारी को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन ने रमादान/रमजान को लेकर गाइडलाइन्स जारी की है। कोरोना के खौफ के कारण इस साल अल्लाह की इबादत और इफ्तार का इंतजाम घर में ही करना सुरक्षित रहेगा।

हस्तरेखा शास्त्र: हाथ की रेखाएं ही नहीं, उंगलियों के बीच की दूरी भी खोलती है कई राज, जानें संकेत

1. यदि रमजान के लिए कई लोगों को एक जगह पर इकट्ठे होने की मंजूरी दी जाती है तो COVID-19 के खतरे को कम करने के प्रबंध किए जाएं।

2. रमजान के समय में एक-दूसरे का अभिवादन करने के लिए सीने पर हाथ रखें या सिर झुकाने जैसे व्यवहार को बढ़ावा दें।

3. यदि किसी व्यक्ति में कोविड-19 के लक्षण हैं तो वो रमजान के दौरान बाहर ना निकले और लोगों से मिलने से बचे।

4. बुजुर्गों और किसी गंभीर बीमारी से प्रभावित व्यक्ति को घर में ही रहना चाहिए।

5. यदि किसी कारण रमजान के दौरान नमाज के लिए लोग एकत्र होते भी हैं तो वुजू और नमाज के समय सोशल डिस्टेन्सिंग अर्थात दूरी का ख्याल रखा जाए।

6. यदि मस्जिद में लोग एकत्र होते भी हैं तो एक दूसरे से दूरी बनाते हुए अंदर आएं।

7. सरकार की तरफ से रमजान में कोरोना को फैलने से बचाने के सभी उपाय सुनिश्चित किए जाएं।

8. रमजान के सामाजिक और धार्मिक सामारोहों से जुड़ी हर सूचना साफ और स्पष्ट होनी चाहिए।

English summary

How To Celebrate Ramazan During Lockdown: WHO Issued Guidlines For Ramazan

Ahead of Ramadan, World Health Organization (WHO) issued interim guidelines for religious practices during the month of Ramadan.