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Shivaji Jayanti 2024: बच्चे-बच्चे को सुनाएं छत्रपति शिवाजी महाराज के ये बेशकीमती विचार
भारत भूमि की मिट्टी ने कई ऐसे सपूतों को जन्म दिया है जिनकी बहादुरी का लोहा दुनिया ने माना। ऐसे ही वीर योद्धायों की फेहरिस्त में नाम आता है छत्रपति शिवाजी महाराज का।
शिवाजी महाराज का जन्म 19 फरवरी 1630 में शिवनेरी दुर्ग में हुआ था। यह दुर्ग महाराष्ट्र के पुणे के पास जुन्नर गांव में है। इस वीर शासक ने ही सन1674 में मराठा साम्राज्य की बुनियाद रखी थी। मराठा गौरव की जयंती के मौके पर देश खासतौर से महाराष्ट्र में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।

छत्रपति शिवाजी महाराज ने बहुत कम उम्र में ही अपने साहस का परिचय दे दिया था। उनकी माता जीजाबाई उन्हें बचपन से ही वीर पुरुषों की कहानी सुनाया करती थीं और इसका प्रभाव शिवाजी महाराज पर पड़ा।
आज पूरी दुनिया कुशल प्रशासक, महान देशभक्त और महापराक्रमी छत्रपति शिवाजी महाराज की वीर गाथाओं को सुनती है। छत्रपति शिवाजी महाराज के इन अनमोल विचारों से ही अंदाजा हो जाएगा कि उनकी शख्सियत में अदम्य साहस और देश के प्रति प्रेम कितना गहरा था।

1.
जब हौसले बुलन्द हों तो पहाड़ भी एक मिट्टी का ढेर लगता है।
-छत्रपति शिवाजी महाराज

2.
एक वीर योद्धा हमेशा विद्वानों के सामने ही झुकता है।
-छत्रपति शिवाजी महाराज

3.
शत्रु को कमजोर न समझो। और न ही अत्यधिक बलवान समझ कर डरना चाहिए।
-छत्रपति शिवाजी महाराज

4.
आप जहां कहीं भी रहते हैं आपको अपने पूर्वजों का इतिहास जरूर मालूम होना चाहिए।
-छत्रपति शिवाजी महाराज

5.
जो व्यक्ति धर्म, सत्य, श्रेष्ठता और परमेश्वर के सामने झुकता है। उसका आदर समस्त संसार करता है।
-छत्रपति शिवाजी महाराज

6.
जब लक्ष्य जीत का हो तो उसे हासिल करने के लिए कोई भी मूल्य क्यों न हो। उसे चुकाना ही पड़ता है।
-छत्रपति शिवाजी महाराज

7.
अगर मनुष्य के पास आत्मबल है तो वो समस्त संसार पर अपने हौसले से विजय पताका लहरा सकता है।
-छत्रपति शिवाजी महाराज

8.
सर्वप्रथम राष्ट्र, फिर गुरु, फिर माता-पिता और फिर परमेश्वर। अतः पहले खुद को नहीं, राष्ट्र को देखना चाहिए।
-छत्रपति शिवाजी महाराज

9.
यह जरूरी नहीं है कि गलती करके ही सीखा जाए। दूसरों की गलती से सीख लेते हुए भी सीखा जा सकता है।
-छत्रपति शिवाजी महाराज



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