Latest Updates
-
लंच में बनाएं उत्तर प्रदेश की चना दाल कढ़ी, उंगलिया चाटते रह जाएंगे घरवाले -
Gangaur Ke Geet: 'आ टीकी बहू गोराँ ने सोवै'...इन मधुर गीतों के बिना अधूरी है गौरा पूजा, यहां पढ़ें पूरे लिरिक्स -
प्रेगनेंसी के शुरुआती 3 महीनों में भूलकर भी न खाएं ये 5 चीजें, वरना बच्चे की सेहत पर पड़ेगा बुरा असर -
Viral Video: टीम इंडिया की T20 वर्ल्ड कप जीत पर पाकिस्तान में जश्न, काटा केक और गाया 'जन-गण-मन' -
कौन हैं Mahieka Sharma? जिसके प्यार में 'क्लीन बोल्ड' हुए Hardik Pandya, देखें वायरल वीडियो -
कौन हैं Aditi Hundia? T20 वर्ल्ड कप जीत के बाद Ishan Kishan के साथ डांस Video Viral -
काले और फटे होंठों से हैं परेशान? तो पिंक लिप्स पाने के लिए आजमाएं ये घरेलू नुस्खे -
Chaitra Navratri 2026: 8 या 9 दिन जानें इस बार कितने दिन के होंगे नवरात्र? क्या है माता की सवारी और इसका फल -
Gangaur Vrat 2026: 20 या 21 मार्च, किस दिन रखा जाएगा गणगौर व्रत? नोट करें तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त -
घर में लाल चीटियों का दिखना शुभ है या अशुभ? जानें शकुन शास्त्र के ये 5 बड़े संकेत
आखिर किसी के साथ सोने से क्यों डरता था रावण, जानिए पूरा सच यहां
धरती पर जब जब असुरों का अत्याचार बढ़ता था तब तब भगवान किसी न किसी रूप में अपने भक्तों की रक्षा करने के लिए एक नया अवतार लेते थे। इस बात का उल्लेख पवित्र ग्रंथ रामायण और भगवद गीता में भी किया गया है। इन ग्रंथो के माध्यम से हमें भगवान और उनकी कई लीलाओं के बारे में पता चलता है।
श्री रामचरित मानस के अनुसार त्रेता युग में श्री राम ने लंका पति रावण का वध किया था। वह रावण जो परम ज्ञानी था और जिसके ज्ञान को ईश्वर भी सराहते थे, लेकिन अपने अहंकार के कारण उसे अपनी जान गंवानी पड़ी थी। दोस्तों रावण के घमंड और उसके ज्ञान के बारे में तो हमने बहुत कुछ सुना और पढ़ा है, लेकिन क्या आप उसकी नींद से जुड़ी दिलचस्प कहानी के बारे में जानते हैं। अगर नहीं तो जानने के लिए आप हमारा यह पूरा आर्टिकल जरूर पढ़ें। तो आइए जानते हैं।

अकेला ही सोता था रावण
लंका पति रावण अपने महल में सुंदर स्त्रियों से घिरा रहता था। वह सीता जी की सुंदरता से भी मोहित हो गया था। दिन भर वह अपने महल में मौजूद स्त्रियों के साथ वक़्त बिताता था, लेकिन रात को वह अकेला ही सोता था।

जब हनुमान जी ने जाना रावण का यह राज़
सीता माता को ढूंढते हुए जब बजरंगबली लंका पहुंचे तो उन्होंने अपनी पूंछ से सोने की लंका में आग लगा दी। जब वह रावण के कमरे में पहुंचे तो वह अकेला ही सो रहा था। हनुमान जी को कोई आवाज सुनाई दी और जब वे रावण के नजदीक गए तो उन्हें पता चला कि रावण खर्राटे ले रहा था। माना जाता है कि रावण के अकेले सोने की यही वजह थी।

रावण ने की शिव तांडव की रचना
लंका पति भगवान शिव का परम भक्त था। शिव जी को प्रसन्न करने के लिए उसने काफी कड़ी तपस्या भी की थी। लोक कथाओं में इस बात का वर्णन किया गया है कि रावण ने ही शिव तांडव की रचना की थी। इसके अलावा उसे तंत्र, ज्योतिष, अस्त्र-शस्त्र, आयुर्वेद आदि कई चीजों का भी ज्ञान था। यही वजह है कि उसे बहुत बड़ा विद्वान कहा जाता था।

जब नंदी ने दिया रावण को श्राप
एक कथा अनुसार रावण ने शिव जी के वाहन नंदी महाराज का मजाक उड़ाया था कि उनका चेहरा बंदर की तरह है जिसके बाद गुस्से में नंदी ने रावण को श्राप दिया था कि उसके पतन का कारण एक बंदर ही बनेगा। हालांकि रावण बहुत बड़ा ज्ञानी था लेकिन उसके अहंकार की वजह से उसे और कई लोगों ने श्राप दिया था जो बाद में उसकी मृत्यु का कारण बना।



Click it and Unblock the Notifications











