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अगले एक माह के लिए लग चुका है खरमास, जानें इस दौरान किन कामों की है सख्त मनाही
जब भी भगवान सूर्य सभी राशियों का गोचर करते हुए धनु और मीन राशि में प्रवेश करते हैं तो उसके अगले एक महीने तक खरमास लग जाता है। भारतीय पंचांग के अनुसार, इस महीने में कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता है।

इस अवधि में घर-गाड़ी-जमीन की खरीदारी, भवन का निर्माण, विवाह, नए व्यापार की शुरुआत आदि जैसे शुभ कार्य करने की पूर्ण मनाही होती है। ऐसा माना जाता है कि खरमास के समय में सूर्य अपना रथ घोड़े से नहीं खींचते हैं। जानते हैं खरमास की तिथि क्या है और इस अवधि में कौन से काम करने चाहिए और कौन से काम वर्जित होते हैं।

खरमास की तिथि
जब सूर्य कुंभ राशि से निकलकर मीन राशि में प्रवेश करते हैं तब वह मीन संक्रांति कहलाता है। इस साल 14 मार्च, रविवार के दिन सूर्य अपनी राशि में परिवर्तन करने जा रहा है। सूर्य के मीन राशि में प्रवेश के साथ ही खरमास आरंभ हो जाएगा। खरमास का समापन अप्रैल की 14 तारीख को होगा। 15 अप्रैल से विवाह जैसे मांगलिक कार्यों की फिर शुरुआत हो जाएगी।

खरमास में करें ये काम
खरमास के समय में भगवान विष्णु की आराधना जरूर करें। धार्मिक स्थलों पर जाएं। पवित्र नदी में स्नान के साथ अपनी क्षमता अनुसार दान अवश्य करें।
खरमास अथवा मलमास में पड़ने वाली एकादशी में श्रीहरि की विशेष पूजा की जाती है। इस दिन उन्हें तुलसी के पत्तों के साथ खीर का भोग लगाया जाता है।
इस माह में सुबह जल्दी उठकर स्नान-ध्यान करें। भगवान विष्णु का केसरयुक्त दूध से अभिषेक करें। तुलसी की माला से ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः का जप 11 बार करें। इस पूरे महीने भगवान विष्णु की आराधना में लगे रहें। साथ ही अच्छे कर्म करें।
खरमास की नवमी तिथि पर कन्याओं को भोजन कराएं। इससे कार्यक्षेत्र में तरक्की के साथ पुण्य फल की प्राप्ति होती है।
इस महीने में पीपल के वृक्ष की भी पूजा करें। लोगों की आस्था है कि पीपल के वृक्ष में भगवान विष्णु वास करते हैं।

खरमास में ये काम हैं वर्जित
मांगलिक कार्यों के लिहाज से खरमास का समय शुभ नहीं माना जाता है। इस वजह से इन 30 दिनों के दौरान गृह पूजा, सगाई, विवाह आदि शुभ कार्य न करें।
इस अवधि में नई वस्तुओं, घर, कार, जमीन आदि की खरीदारी करने की भी मनाही है।
इस अवधि में घर के निर्माण कार्य से जुड़ी सामग्री की खरीदारी भी नहीं करनी चाहिए।
खरमास के दौरान किसी भी तरह का पाप, छल-कपट न करें।



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