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Chhath Puja: नहाय खाय से लेकर सूर्य को अर्घ्य देने तक न करें ये भूल, वरना व्रत रह जाएगा अधूरा
हिंदू धर्म के मानने वालों के लिए छठ पूजा का खास महत्व है। ऐसी मान्यता है कि छठ पूजा में भगवान सूर्य की उपासना करने से घर में सुख समृद्धि आती है और धन-धान्य की कमी नहीं रहती है। लोगों की ऐसी भी अटूट आस्था है कि छठी मैया निसंतान दंपत्तियों की पुकार सुनती हैं और उनकी गोद भर देती हैं।

सूर्य जैसा तेज और प्रतापी संतान पाने के लिए भी महिलाएं छठ व्रत करती हैं। छठ व्रत को सबसे कठिन उपवासों में से एक माना जाता है और इस व्रत से जुड़े नियम भी काफी कठोर होते हैं। इस लेख के माध्यम से जानते हैं छठ पूजा के दौरान अनजाने में हो जाने वाली गलतियों के बारे में जिन्हें करने से आपको बचना चाहिए।

स्वच्छता का ध्यान रखना है जरुरी
दिवाली के मौके पर जिस तरह से पूरे घर की साफ़ सफाई की जाती है, ठीक उसी तरह छठ पूजा के लिए लोग अपने घरों में विशेष सफाई अभियान चलाते हैं। इस पूजा में साफ़ सफाई का बहुत महत्व होता है। जिस स्थान पर प्रसाद तैयार किया जाता है वह पूरी तरह से स्वच्छ और शुद्ध होना चाहिए। गंदे हाथों से प्रसाद बनाने और छूने से बचें। गौरतलब है कि छठ पूजा का प्रसाद घर के उस स्थान पर नहीं बनता है जहां रोजाना का भोजन तैयार होता है। छठ पूजा का प्रसाद तैयार करने के लिए मिट्टी का चूल्हा बनाया जाता है। याद रखें कि छठ का प्रसाद भोग लगने से पहले कोई भी न चखे।

बच्चों की भूल से रहें सावधान
बच्चे जरूर मन के सच्चे होते हैं। मगर छठ पूजा के दौरान ध्यान रखें कि वो बिना हाथ धोये पूजा का कोई सामान हाथ न लगाएं। अगर गलती से वो ऐसा कर देते हैं तो आप उस सामग्री को उपयोग में लाने से बचें। छठ पूजा पूर्ण होने से पहले बच्चों को प्रसाद जूठा करने से रोकें।

तामसिक भोजन से रहें दूर
छठ पूजा का व्रत करने वाले व्यक्ति के साथ ही इसका प्रसाद तैयार करने वाले लोगों को भी मांसाहार और शराब आदि से दूरी बनाकर रखनी चाहिए। प्रसाद बनाने के लिए ऐसे बर्तन का इस्तेमाल भूल से भी न करें जिसमें मांसाहार बनाया गया हो। जिस घर में कोई व्यक्ति छठी व्रत करता है उस घर के अन्य सदस्यों को भी इस दौरान मांसाहार, शराब और सिगरेट से दूरी बना लेनी चाहिए। यदि संभव हो तो घर में लहसुन-प्याज का इस्तेमाल भी कुछ दिनों के लिए न करें।

लड़ाई-झगड़े और नकारात्मकता से रहें दूर
भगवान सूर्य देव और छठी मैया का आशीर्वाद पाने का सबसे बेहतरीन अवसर छठ पर्व है। इस दौरान व्रती को हर तरह की नकारात्मकता से दूर रहना चाहिए। किसी भी तरह के अपशब्द और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने से बचें। किसी के लिए मन में बुरा भाव न रखें। अगर आसपास में माहौल अच्छा न हो तो व्यक्ति को ऐसे स्थान से दूर चले जाना चाहिए। छठ पूजा का व्रत करने वाले व्यक्ति को अपना सारा समय शांत रहकर और प्रभु की आराधना में बिताना चाहिए।



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