Latest Updates
-
Mahesh Navami 2026: महेश नवमी आज, जानें शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Bada Mangal 2026: ज्येष्ठ माह का आखिरी बड़ा मंगल आज, इन उपायों को करने से मिलेगी हनुमान जी की विशेष कृपा -
Happy Mahesh Navami 2026 Wishes: महेश जिनका नाम है...महेश नवमी पर प्रियजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Aaj Ka Rashifal 23 June 2026: मंगलवार को इन 4 राशियों पर बरसेगी बजरंगबली की कृपा, जानें अपना भाग्य -
शाम 7 बजे के बाद गलती से भी मत करना ये 5 काम, बढ़ता है हार्ट अटैक का रिस्क -
बिना मारे चूहों को घर से भगाने का देसी तरीका! आटे में मिलाकर रख दें ये एक चीज, फिर कभी नहीं आएंगे नजर -
Pahadi Crispy Snack Singal Recipe: घर पर बनाएं उत्तराखंड का पारंपरिक और कुरकुरा स्वाद -
कौन हैं पंकज त्रिपाठी के भाई बिजेंद्र नाथ तिवारी? आखिर क्यों हुआ जानलेवा हमला, गंभीर हालत में AIIMS में भर्ती -
Swapna Shastra: सपने में किन्नर को देखना होता है शुभ और अशुभ संकेत? जानिए इसका मतलब -
Cooling Summer Lunch Curd Rice Recipe: गर्मियों में पेट को ठंडक देने वाली सबसे आसान रेसिपी
जानिये शरद नवरात्रि में व्रत रखने के नियम कानून
2015 में शरद नवरात्रि की शुरूआत 13 अक्टूबर से हुई और 22 अक्टूबर को समाप्त हो जाएगी। नवरात्रि का शाब्दिक अर्थ होता है नौ रातें और इस अवधि के दौरान, देवी मां के नौ स्वरूपों की पूरे भारत में पूजा की जाती है।
READ: नवरात्र व्रत को कैसे बनाएं स्वास्थ्य के लिये फायदेमंद
हिंदू धर्म के अनुसार, वर्ष में चार बार नवरात्रि पड़ती है जिसमें से दो नवरात्रि को प्रमुख रूप से मनाया जाता है। पहली नवरात्रि चैत्र मास में मनाई जाती है और दूसरी नवरात्रि, आषाढ़ मास में मनाई जाती है।
उत्तर और पश्चिमी भारत में, नवरात्रि प्रमुख पर्व है। श्रदालु, 9 दिन का व्रत रखते हैं और पूजा करते हैं। अंतिम दिन कन्या भोज करवाया जाता है और उपवास खोला जाता है। इस दौरान, कई प्रकार के नियमों और पूजा विधियों का पालन किया जाता है। कहा जाता है कि इस अवधि में शरीर और मन को शांति मिलती है और मां, हमारे अंदर सकारात्मक ऊर्जा भर देती हैं।
READ: इस नवरात्री घर को सजाएं इन पूजा सामग्रियों से
हर समुदाय और वर्ग में नवरात्रि के दौरान व्रत करने का अलग-अलग ढंग होता है। लोग अपने हिसाब से देवी की स्थापना करते हैं और पूजा-अर्चना करते हैं। आइए जानते हैं नवरात्रि के बारे में कुछ और बातें:

नवरात्रि में खा सकते हैं कुछ प्रकार के अन्न और खाद्य पदार्थ-
1. सिंघाड़ें का आटा
2. कुट्टू का आटा
3. राजगिरा का आटा और राजगिरा
4. सामा के चावल का आटा
5. व्रत के चावल
6. अरारोट का आटा या पानीफल आटा

मसाले और जड़ी-बूटी का सेवन -
1. जीरा या जीरा पाउडर
2. काली मिर्च पाउडर और सेंधा नमक
3. हरी इलायची, लौंग, काली मिर्च, दालचीनी और जायफल
4. अनार के दाने
5. अदरक- अदरक के पेस्ट को व्यंजन बनाने में इस्तेमाल कर सकते हैं या चाय बनाने में भी डाल सकते हैं।
6. हरी मिर्च या नींबू: सब्जी में स्वाद के लिए हरी मिर्च और नींबू को डाल सकते हैं।
7. आजवाइन या कैरम बीज
8. धनिया और पुनिदा और करी पत्ता
9. खटाई पाउडर, चाट मसाला, लाल मिर्च का पाउडर
10. काला नमक

उपवास के दौरान खाएं सब्जियां -
1. आलू
2. पेठा या कद्दू
3. शकरकंद
4. घुईया
5. सूरन या जिमकंद या यम
6. कच्चा केला
7. कच्चा पपीता
8. टमाटर
9. पालक, लौकी और खीरा व गाजर

अन्य खाद्य पदार्थ या सामग्री का सेवन-
1. साबुदाना
2. मखाना या फूल मखाना
3. सभी मेवाएं: व्रत में हर प्रकार की मेवा खा सकते हैं।
4. सभी फल: व्रत में आप सभी फल ख सकते हैं।
5. दूध के सभी उत्पाद
6. चीनी, शहद या गुड़
7. इमली, नींबू का रस व दही
8. नारियल या नारियल दूध
9. तरबूज के बीज

क्या न खाएं:
1. प्याज व लहसुन
2. दालें और फलियां
3. साधारण नमक
4. हल्दी
5. हींग, संरसों का तेल, मेथी, गरम मसाला, धनिया पाउडर
6. शराब
7. मांस

आटे और अन्न में क्या न खाएं-
- गेंहू का आटा
- मैदा
- चावल का आटा
- सूजी
- बेसन



Click it and Unblock the Notifications