Latest Updates
-
International Literacy Day 2026: क्यों मनाया जाता है अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस? जानें इतिहास, महत्व और थीम -
International Literacy Day 2026: साक्षरता दिवस पर ये संदेश भेज सबको करें जागरूक, बताएं पढ़ने-लिखने का महत्व -
Aja Ekadashi Vrat Katha: अजा एकादशी पर पढ़ें ये व्रत कथा, मिलेगा अश्वमेध यज्ञ के बराबर पुण्य -
Aja Ekadashi 2026: नारायण की कृपा...इन संदेशों के साथ अपने प्रियजनों को भेजें अजा एकादशी की शुभकामनाएं -
National Nutrition Week: प्रेग्नेंसी में जरूरी है सही न्यूट्रिशन, जानें गर्भावस्था में क्या खाएं-क्या न खाएं -
Aja Ekadashi 2026: कब है अजा एकादशी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व, पूजा विधि और पारण समय -
Teacher's Day 2026: 5 सितंबर को ही क्यों मनाया जाता है शिक्षक दिवस? जानिए क्या है इसका इतिहास और महत्व -
Teacher's Day 2026 Sanskrit Wishes: इन संस्कृत श्लोकोंं के जरिए गुरुजनों को भेजें शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं -
Teacher’s Day 2026 Wishes: गुरु का ज्ञान...इन संदेशों के साथ अपने टीचर्स को भेजें शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं -
Dahi Handi 2026: 5 या 6 सितंबर, कब है दही हांडी? जानें क्यों और कैसे मनाते हैं ये पर्व
जानिये शरद नवरात्रि में व्रत रखने के नियम कानून
2015 में शरद नवरात्रि की शुरूआत 13 अक्टूबर से हुई और 22 अक्टूबर को समाप्त हो जाएगी। नवरात्रि का शाब्दिक अर्थ होता है नौ रातें और इस अवधि के दौरान, देवी मां के नौ स्वरूपों की पूरे भारत में पूजा की जाती है।
READ: नवरात्र व्रत को कैसे बनाएं स्वास्थ्य के लिये फायदेमंद
हिंदू धर्म के अनुसार, वर्ष में चार बार नवरात्रि पड़ती है जिसमें से दो नवरात्रि को प्रमुख रूप से मनाया जाता है। पहली नवरात्रि चैत्र मास में मनाई जाती है और दूसरी नवरात्रि, आषाढ़ मास में मनाई जाती है।
उत्तर और पश्चिमी भारत में, नवरात्रि प्रमुख पर्व है। श्रदालु, 9 दिन का व्रत रखते हैं और पूजा करते हैं। अंतिम दिन कन्या भोज करवाया जाता है और उपवास खोला जाता है। इस दौरान, कई प्रकार के नियमों और पूजा विधियों का पालन किया जाता है। कहा जाता है कि इस अवधि में शरीर और मन को शांति मिलती है और मां, हमारे अंदर सकारात्मक ऊर्जा भर देती हैं।
READ: इस नवरात्री घर को सजाएं इन पूजा सामग्रियों से
हर समुदाय और वर्ग में नवरात्रि के दौरान व्रत करने का अलग-अलग ढंग होता है। लोग अपने हिसाब से देवी की स्थापना करते हैं और पूजा-अर्चना करते हैं। आइए जानते हैं नवरात्रि के बारे में कुछ और बातें:

नवरात्रि में खा सकते हैं कुछ प्रकार के अन्न और खाद्य पदार्थ-
1. सिंघाड़ें का आटा
2. कुट्टू का आटा
3. राजगिरा का आटा और राजगिरा
4. सामा के चावल का आटा
5. व्रत के चावल
6. अरारोट का आटा या पानीफल आटा

मसाले और जड़ी-बूटी का सेवन -
1. जीरा या जीरा पाउडर
2. काली मिर्च पाउडर और सेंधा नमक
3. हरी इलायची, लौंग, काली मिर्च, दालचीनी और जायफल
4. अनार के दाने
5. अदरक- अदरक के पेस्ट को व्यंजन बनाने में इस्तेमाल कर सकते हैं या चाय बनाने में भी डाल सकते हैं।
6. हरी मिर्च या नींबू: सब्जी में स्वाद के लिए हरी मिर्च और नींबू को डाल सकते हैं।
7. आजवाइन या कैरम बीज
8. धनिया और पुनिदा और करी पत्ता
9. खटाई पाउडर, चाट मसाला, लाल मिर्च का पाउडर
10. काला नमक

उपवास के दौरान खाएं सब्जियां -
1. आलू
2. पेठा या कद्दू
3. शकरकंद
4. घुईया
5. सूरन या जिमकंद या यम
6. कच्चा केला
7. कच्चा पपीता
8. टमाटर
9. पालक, लौकी और खीरा व गाजर

अन्य खाद्य पदार्थ या सामग्री का सेवन-
1. साबुदाना
2. मखाना या फूल मखाना
3. सभी मेवाएं: व्रत में हर प्रकार की मेवा खा सकते हैं।
4. सभी फल: व्रत में आप सभी फल ख सकते हैं।
5. दूध के सभी उत्पाद
6. चीनी, शहद या गुड़
7. इमली, नींबू का रस व दही
8. नारियल या नारियल दूध
9. तरबूज के बीज

क्या न खाएं:
1. प्याज व लहसुन
2. दालें और फलियां
3. साधारण नमक
4. हल्दी
5. हींग, संरसों का तेल, मेथी, गरम मसाला, धनिया पाउडर
6. शराब
7. मांस

आटे और अन्न में क्या न खाएं-
- गेंहू का आटा
- मैदा
- चावल का आटा
- सूजी
- बेसन



Click it and Unblock the Notifications
