नवरात्रि में हर दिन के हिसाब से चढ़ाए ये अलग-अलग प्रसाद और गलती करने से बचें...

By: Salman Khan
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हिंदू धर्म में नवरात्रि का विशेष महत्व है। नवरात्रि नौ दिनों के लिए आती है, जिनमें हम हर दिन अलग-अलग माता और शक्तियों की पूजा करते है। जब पूजा करते है तो उनको खुश करने के लिए उनके पसंद का खाद्य बनाते है और प्रसाद के रूप में माता को अर्पित करते है।

साथ ही रंग बिरंगे कपड़े भी पहनते है। पर क्या आप जानते हैं कि नवरात्र में हमें किस दिन कौन सा प्रसाद चढ़ाना चाहिए। आज हम आपको इसके बारे में बताएंगे ताकि आप नवरात्रि में किसी तरह की कोई गलती ना करें......

देवी शैल पुत्री को पसंद है ये प्रसाद

देवी शैल पुत्री को पसंद है ये प्रसाद

नवरात्रि की पहली रात को देवी शैल पुत्री की पूजा की जाती है। देवी शैल पुत्री को शुद्ध घी बहुत पसंद है इसलिए आप शुद्ध देशी घी को माता के पांव में लगाए। इससे माता प्रसन्न होती है और आपको हमेशा रोंगो से मुक्त रहने का आशीर्वाद देती है।

देवी ब्रह्मचारिणी के लिए भेंट करें

देवी ब्रह्मचारिणी के लिए भेंट करें

नवरात्रि का दूसरा दिन माता ब्रह्मचारिणी का होता है। इनका ये रूप माता पार्वती को समर्पित है।

ऐसी मान्यता है कि इसी दिन पुन: देवी ने अपने पति शिव को पाया था। इसलिए इस दिन इनको शक्कर का भोग लगाना चाहिए। इससे आपके परिवार के सदस्यों को लंबी आयु मिलेगी।

देवी चंद्रघंटा कि लिए ये प्रसाद है उचित

देवी चंद्रघंटा कि लिए ये प्रसाद है उचित

नवरात्रि का तीसरा दिन माता चंद्रघंटा के लिए होता है। माता के सिर पर हमेशा आधा चंद्रमा दिखाई देता है। ऐसी मान्यता है कि माता को दूध या दूध से बनी हुई मिठाई प्रस्तुत करके और दक्षिणा देकर प्रसन्न करना चाहिए।

कुष्मांडा देवी का प्रसाद

कुष्मांडा देवी का प्रसाद

नवरात्रि के चौथे दिन माता कुष्मांडा की पूजा की जाती है और ऐसा माना जाता है कि माता को मीठे और मुलायम मालपुआ बहुत पसंद था। इसलिए इस दिन माता के प्रसाद में मालपुआ बनाया जाता है। मीठा मालपुआ की भेंट से भक्तों की बुद्धि में विकास होता है।

देवी स्कंद माता के लिए प्रसाद

देवी स्कंद माता के लिए प्रसाद

देवी स्कंद माता के लिए प्रसाद की पेशकश नवरात्र की पांचवीं रात को की जाती है। स्कंद माता या भगवान कार्तिकेय की मां देवी का एक खूबसूरत रूप है।

इस रूप में देवी भक्तों की सभी इच्छाओं को पूरा करती हैं। देवी स्कंद माता को प्रसाद में केले सबसे ज्यादा पसंद है। केले की भेंट से भक्तों का स्वास्थ्य उत्तम रहता है।

देवी कात्यायनी को पसंद है ये प्रसाद

देवी कात्यायनी को पसंद है ये प्रसाद

देवी कात्यायनी की पूजा नवरात्र के छठे दिन की जाती है। देवी कात्यायनी को खुश करने के लिए शहद के प्रसाद की पेशकश करें।

ऐसा करने से भक्तों को अधिक सुंदर और आकर्षक रूप की प्राप्ति होती है।

देवी कालरात्री के लिए प्रसाद

देवी कालरात्री के लिए प्रसाद

माता का ये रूप क्रूर रूप है। इनकी पूजा नवरात्रि के सातवें दिन की जाती है। माता देवी सभी बाधाओं और बुराइयों को हटा देती हैं।

काली माता को खुश करने के लिए गुड़ के प्रसाद की पेशकश करें। इससे आपके सभी प्रकार के दर्द हट जाएंगे।

देवी महागौरी के लिए प्रसाद

देवी महागौरी के लिए प्रसाद

नवरात्रि के आठवे दिन माता माहागौरी की पूजा की जाती है। लोग जीवन के सभी पहलुओं में सफलता प्राप्त करने के लिए देवी महागौरी की पूजा करते हैं। देवी महागौरी को नारियल सबसे ज्यादा पसंद है। नारियल को ब्राह्मणों को भी दान किया जा सकता है। ऐसा करने से आपको संतान पक्ष से कभी हानि नहीं होगी।

माँ सिद्धिदात्री को ये है पसंद

माँ सिद्धिदात्री को ये है पसंद

नवरात्रि के आखिरी दिन माता सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। मान्यता है कि वह सभी प्रकार की इच्छाओं को पूरा करती है। माता को तिल बहुत पसंद है इसलिए प्रसाद में इनको तिल चढ़ाने से आप किसी भी अप्रिय घटना से मुक्त हो जाओगे।

English summary

Prasads For The Mother Goddess On Each Day Of Navratri

As the Navratri festival is fast approaching, we have decided to tell you about the different prasads that can be offered to the Navadurgas on Navratri
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