Ram Navami: राम नाम से बनते हैं हर बिगड़े काम, रामनवमी पर जरूर करें इन अचूक सरल मंत्रों का जाप

हिंदू धर्म के मानने वाले लोगों के लिए चैत्र का महीना कई मायनों में खास है। यह हिंदू कैलेंडर के मुताबिक साल का प्रथम महीना है। जहां चैत्र नवरात्रि पर माता के आगमन की खुशी लोगों के बीच देखने को मिलती है, वहीं राम नवमी पर प्रभु श्री राम के जन्म का उत्सव मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, राम नवमी के दिन भगवान राम ने अयोध्या के राजा दशरथ और माता कौशल्या के घर जन्म लिया था।

राम नवमी के दिन भगवान राम की पूरे विधि विधान से पूजा की जाती है। प्रभु राम के नाम में ही इतनी शक्ति है कि सच्चे मन से इसका जाप करने वाला व्यक्ति तर जाता है। जिस जातक पर प्रभु श्री राम का आशीर्वाद होता है वो सफलतापूर्वक जीवन की सभी कठिनाईयों से पार पा लेता है। इस लेख के माध्यम से जानते हैं कुछ ऐसे अचूक और सरल मंत्रों के बारे में जिनके श्रद्धापूर्वक उच्चारण से प्रभु श्री राम की कृपा अवश्य मिलेगी।

'ॐ रामचंद्राय नम:'

'ॐ रामचंद्राय नम:'

जीवन में चल रहे कष्ट और क्लेश को दूर करने के लिए ये मंत्र प्रभावी है।

'ॐ दशरथाय नम: विद्महे सीता वल्लभाय धीमहि तन्ना राम: प्रचोदयात्।'

'ॐ दशरथाय नम: विद्महे सीता वल्लभाय धीमहि तन्ना राम: प्रचोदयात्।'

श्रीराम गायत्री मंत्र से जीवन के सभी संकटों का शमन होता है। साथ ही इससे समाज में यश बढ़ता है।

'ॐ जानकी वल्लभाय स्वाहा'

'ॐ जानकी वल्लभाय स्वाहा'

प्रभु श्री राम की कृपा पाने और मनोकामना पूर्ति के लिए ये मंत्र बेहद लाभकारी है।

'रां रामाय नम:'

'रां रामाय नम:'

जीवन में आरोग्यता और विपत्ति का नाश करने के लिए ये मंत्र कारगर है।

'ॐ रामाय धनुष्पाणये स्वाहा:'

'ॐ रामाय धनुष्पाणये स्वाहा:'

शत्रु पक्ष पर सफलता पाने, कोर्ट-कचहरी के मामलों से छुटकारा दिलाने में ये मंत्र कारगर है।

'राम'

'राम'

यह मंत्र अपने आप में ही पूर्ण है। इसका जाप शुचि-अशुचि अवस्था में भी किया जा सकता है।

'ॐ रामभद्राय नम:'

'ॐ रामभद्राय नम:'

यदि काम में किसी तरह की बाधा आ रही है तो उसके निवारण के लिए ये प्रभावी माना गया है।

'ॐ नमो भगवते रामचंद्राय'

'ॐ नमो भगवते रामचंद्राय'

यह मंत्र व्यक्ति को हर तरह की विपत्ति से बचाता है।

'ॐ नम: शिवाय', 'ॐ हं हनुमते श्री रामचंद्राय नम:।'

'ॐ नम: शिवाय', 'ॐ हं हनुमते श्री रामचंद्राय नम:।'

यह मंत्र काफी प्रभावशाली माना गया है। इसमें हनुमान जी के साथ शिवजी और श्रीराम के मंत्र भी शामिल हैं।

'श्रीराम जय राम, जय-जय राम'

'श्रीराम जय राम, जय-जय राम'

इस मंत्र का कोई तोड़ नहीं है। शुचि-अशुचि अवस्था में इसका जाप किया जा सकता है।

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