Latest Updates
-
May 2026 Vrat Tyohar: वट सावित्री, शनि जयंती सहित मई माह में पड़ रहे हैं कई व्रत-त्योहार, देखें पूरी लिस्ट -
Swapna Shastra: सपने में मरे हुए व्यक्ति को देखने का क्या मतलब होता है? जानें ये शुभ होता है या अशुभ -
Bael Juice Benefits: गर्मियों में रोजाना पिएं एक गिलास बेल का जूस, सेहत को मिलेंगे ये 5 फायदे -
Who Is Divyanka Sirohi: कौन हैं एक्ट्रेस दिव्यांका सिरोही? जिनका 30 साल की उम्र में हार्ट अटैक से हुआ निधन -
Kedarnath Yatra 2026: केदारनाथ यात्रा आज से शुरू, रजिस्ट्रेशन से हेलीकॉप्टर बुकिंग तक जानें सभी जरूरी नियम -
बालों की ग्रोथ के लिए इस तरह करें केले के छिलके का इस्तेमाल, कुछ ही दिनों में घुटनों तक लंबे हो सकते हैं बाल -
दीपिका कक्कड़ की MRI रिपोर्ट में मिले 2 नए सिस्ट, अब होगी इम्यूनोथेरेपी, जानें क्या है ये ट्रीटमेंट -
World Earth Day 2026 Quotes: धरती हमारी, जिम्मेदारी हमारी...पृथ्वी दिवस पर ये संदेश भेजकर फैलाएं जागरूकता -
वादियों में अब सन्नाटा है...Pahalgam हमले की पहली बरसी इन शायरियों और संदेशों से दें शहीदों को श्रद्धांजलि -
Ganga Saptami 2026 Date: गंगा सप्तमी आज, जानें शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि
13 अक्टूबर को है शरद पूर्णिमा, इस दिन रखा जाता है खास व्रत
धार्मिक ग्रंथों में शरद पूर्णिमा का काफी महत्व बताया गया है। अश्विन माह की शुक्लपक्ष तिथि की पूर्णिमा को शरद पूर्णिमा कहा जाता है। इस साल शरद पूर्णिमा 13 अक्टूबर को मनाई जाएगी। ये शुभ दिन कौमुदी व्रत, रास पूर्णिमा और कोजगार पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस पूर्णिमा में चांद की किरणों में अमृत बसा होता है। इस दिन चंद्रमा भी अपनी 16 कलाओं से पूर्ण होता है।

ऐसी मान्यता है कि शरद पूर्णिमा विष्णु जी के चार महीने तक निद्रा अवस्था में रहने का अंतिम चरण है। पौराणिक कथाओं की मानें तो इसी दिन माता लक्ष्मी का जन्म हुआ था। शरद पूर्णिमा के दिन ही भगवान श्री कृष्ण गोपियों के संग वृंदावन में रास रचाते थे।

शरद पूर्णिमा का महत्व
लोगों की आस्था है कि शरद पूर्णिमा के दिन व्रत करने से सभी इच्छाएं पूर्ण होती हैं। भगवान का आशीर्वाद मिलता है और जीवन में सुख समृद्धि आती है। इस दिन जो विवाहित महिलाएं व्रत करती हैं उन्हें जल्द संतान प्राप्ति होती है। वहीं जो महिलाएं अपने बच्चों के लिए इस दिन व्रत रखती हैं उनकी आयु लंबी होती है। इस दिन अविवाहित कन्याएं व्रत करती हैं तो उन्हें मनचाहा जीवनसाथी मिलता है।

शरद पूर्णिमा की चांदनी
शरद पूर्णिमा की रात में चांद सबसे ज्यादा चमकीला नजर आता है। इस रात चांद की किरणों में अलग ही तेज होता है। माना जाता है कि इससे व्यक्ति के शारीरिक, आध्यात्मिक शक्तियों का विकास करने में मदद मिलती है। इतना ही नहीं, चांद की इन पवित्र किरणों में असाध्य रोगों को दूर करने की ताकत भी होती है।

इस रात खीर का होता है खास महत्व
शरद पूर्णिमा के दिन खीर के सेवन को बहुत महत्वपूर्ण बताया गया है। हिंदू धर्म के अनुसार इस रात दूध से बनी खीर अमृत के समान होती है। आप भी 13 अक्टूबर के दिन खीर जरूर खाएं और खिलाएं।



Click it and Unblock the Notifications