Latest Updates
-
Vibhuvana Sankashti Chaturthi 2026: विभुवन संकष्टी चतुर्थी कब है? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि -
मामा IPS, नाना रजिस्ट्रार और चाची राजनीति में, जानें Vaibhav Suryavanshi के परिवार में कौन क्या करता है? -
El Nino: क्या है एल नीनो, मानसून की बारिश और तापमान पर कैसे असर डालता है? जानिए सब कुछ -
Grandma Sunday Recipe Rajma Chawal Recipe: दादी के हाथ जैसा स्वाद अब घर पर पाएं -
दही के साथ भूलकर भी ना खाएं ये 5 चीजें, वरना बिगड़ सकती है सेहत -
Telangana Formation Day Quotes: गर्व से कहो जय तेलंगाना! अपनों को भेजें दिल को छू लेने वाले बधाई संदेश -
Indore Street Style Poha Recipe: घर पर बनाएं इंदौर जैसा चटपटा और खिला-खिला पोहा -
5th Bada Mangal 2026: पांचवे बड़े मंगल पर करें पंचमुखी हनुमान कवच का पाठ, बजरंगबली दूर करेंगे सभी संकट -
Aaj Ka Rashifal 02 June 2026: मंगलवार को इन राशियों पर होगी धनवर्षा, बजरंगबली की कृपा से दूर होंगे सारे कष्ट -
No Bitterness Trick Karela Sabzi Recipe: अब घर पर बनाएं बिना कड़वाहट वाली चटपटी सब्जी
क्यों मनाते हैं धनतेरस, जानें इसके पीछे की कहानी
भारत, पर्वों का देश है, यहां हर मौसम और हर महीने में अलग पर्व मनाया जाता है जिसका अपना खास महत्व होता है। पर्व और त्यौहार के दौरान, पूरा परिवार एक साथ इक्ट्ठा होता है और पूजा करते हैं व खाते-पीते हैं। ऐसा ही एक पांचदिवसीय पर्व, कार्तिक महीने में मनाया जाता है - दीवाली।
दीवाली से पहले और बाद में भी कई पर्व होते हैं जिसमें से एक त्यौहार का नाम धनतेरस होता है। धनतेरस को हिंदी कैलेंडर के अनुसार, कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष के 13वें दिन मनाया जाता है। धनतेरस को धनवंतरी त्रियादसी भी कहा जाता है।
Paytm, Amazon, Flipkart, Jabong, Myntra- Shop & Save Upto 100% Cashback*
हिंदू परम्परा के अनुसार, धनतेरस के दिन चांदी या सोने का गहना व सिक्के अथवा धातु का कोई बर्तन खरीदते हैं। उसके बाद, उसकी पूजा करते हैं और फिर इस्तेमाल करना शुरू करते हैं।

क्या आपको कोई आईडिया है कि धनतेरस का पर्व क्यों मनाया जाता है और इसका क्या महत्व है। जानिए धनतेरस के बारे में कुछ विशेष बातें-

1. धनतेरस का अर्थ- धनतेरस का अर्थ होता है धन। कई घरों में धनतेरस के दिन ही मां लक्ष्मी की पूजा कर लेते हैं। जो लोग व्यापारी वर्ग के होते हैं उनके लिए ये दिन बहुत ही खास होता है। कई लोग इस दिन सोने या चांदी के सिक्के घर में लाते हैं।

2. मां लक्ष्मी का स्वागत - इस दिन घरों में नए सामान या वाहनों के साथ मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है। माना जाता है कि ऐसा करने से मां लक्ष्मी का घर में सदा-सदा के लिए वास हो जाता है।

3. यमदीपन की कहानी - राजा हीमा के युवा पुत्र की शादी के चौथे ही दिन, सांप के काटने से स्थिति गंभीर हो गई थी। उसकी पत्नी ने अपने पति का जीवन बचाने के लिए, उसे बेहोश नहीं होने दिया, इसके लिए उसने सोने और चांदी का बड़ा सा ढ़ेर तैयार किया और बहुत सारे दिए जला दिए। जब यम उसके पति के प्राणों को लेने आएं तो उसकी आंखें रोशनी से चौंधिया गई। इसके बाद, यम ने सुना कि कोई स्त्री बहुत ही प्यारा गाना गा रही है। यम वापस आ गए। इस प्रकार, धनतेरस पर होशियार पत्नी ने अपने पति का जीवन बचा लिया। इसीलिए, कई परिवारों में इस दिन भी दिए जलाते हैं।

4. अमृत मंथन की कहानी - एक अन्य पौराणिक कथा है। कहा जाता है कि धनतेरस के दिन समुद्र मंथन से अमृत निकला था और इसी को लेकर देवता और दानवों में बहस हो गई थी। साथ ही इसी दिन, मंथन से मां धनवंतरि भी निकली थी। मां धनवंतरि को यश और धन की देवी कहा जाता है।

5. भगवान कुबेर की कहानी - भगवान कुबरे को यक्ष के नाम से भी जाना जाता है, ये धन के देवता हैं। धनतेरस के दिन भगवान कुबेर की पूजा अवश्य की जाती है और कुबेर भगवान का कैलेंडर भी रखा जाता है।

6. मां पार्वती की कहानी - कहा जाता है कि इसी माता पार्वती ने भगवान शिव के साथ चौकड़ी खेली थी। और वो जीत गई थी। तब से ऐसा मानते हैं कि इस दिन ताश या चौकड़ी आदि खेलना, परिवार की समृद्धि के लिए अच्छा रहता है।



Click it and Unblock the Notifications