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वास्तु शास्त्र से जाने कैसी हो घर की सीढ़ियां
यदि घर की सीढिय़ां वास्तु नियमों के अनुरूप बनाई जायें तो हमारे घर की सीढिय़ां हमारे लिए सदैव ही कामयाबी एवं सफलता की सीढिय़ां बन सकती हैं। बस आवश्यकता है सीढिय़ां बनवाते समय वास्तु के कुछ नियमों का पालन क
धूप का मजा लेना हो या हवाओं से खुद को तरोताजा करना हो, घर की छत पर तो आप जाते ही होंगे। इसके लिए घर में सीढ़ी बनी होगी। लेकिन क्या आपके घर की सीढ़ी सिर्फ इन्हीं कामों के लिए है। वास्तु विज्ञान के अनुसार घर की सीढिय़ों से तरक्की की ऊंचाई पर भी पहुंचा जा सकता है। इसके लिए जरूरी है कि घर की सीढ़ी वास्तु के नियमों के अनुसार बनी हो। सीढ़ी में वास्तु दोष होने पर तरक्की की बजाय नुकसान उठाना पड़ सकता है।
यदि घर की सीढिय़ां वास्तु नियमों के अनुरूप बनाई जायें तो हमारे घर की सीढिय़ां हमारे लिए सदैव ही कामयाबी एवं सफलता की सीढिय़ां बन सकती हैं। बस आवश्यकता है सीढिय़ां बनवाते समय वास्तु के कुछ नियमों का पालन करने की। फिर हम भी जीवन में सुख समृद्धि, खुशहाली सभी कुछ एक साथ पा सकते हैं। सीढिय़ों संबंधी वास्तु नियम हैं।

1. लॉकर
सीढ़ियों के नीचे किसी भी तरह का सामान रखना ख़राब माना जाता है। और खास कर वह कोई लॉकर या तिजोरी हो। तिजोरी लक्ष्मी जी का निवास स्थान है और इसे अगर आप सीढ़ियों के नीचे रखते हैं तो इससे उनका अपमान होता है।

2. नल का बहना
सीढ़ी के नीचे बाथ रूम हो तो भी चलेगा। लेकिन उसके नीचे कोई बहता हुआ नल नहीं होना चाहिए। फिर चाहे वह वह अकेला हो या बेसिन में लगा हो।

3.उत्तर की ओर
सीढियाँ कभी भी उत्तर की ओर नहीं बनानी चाहिए। कहा जाता है कि इससे परिवार के सदियों में झगड़े होते हैं।

4. डस्टबिन
रोज़ सीढ़ियों की सफाई करें और उसके नीचे कोई भी कचरा या कूड़ेदान ना रखें। सीढ़ियों के नीचे कूड़ेदान रखने से वहां रोगाणुओं पनपने लगते हैं। जिससे घर में नकारात्मकता आने लगती है।

5. मंदिर
घर में पूजा का एक अलग स्थान होता है। इसीलिए मंदिर को कभी भी सीढ़ियों के नीचे नहीं बनवाना चाहिए। इससे घर में धन की हानि होती है।

6. शू केस
वास्तु शास्त्र में जूते और चैपालों को घर से बाहर रखा जाता है। इसलिए जूतों को कभी भी सीढ़ियों के नीचे नहीं रखना चाहिए। इससे घर में नकारात्मकता फैलती है और तनाव बढ़ता है।

7.कुछ और वास्तु टिप्स
घर में सीढ़ियों से अगर ऊपर जा रहें है तो यह हमेशा पश्चिम या दक्षिण दिशा की तरफ जाना चाहिए, और और नीचे उतरते समय पूर्व या उत्तरी दिशा की तरफ मुँह करके उतरना चाहिए।

8. रोशनी
सीढ़ियों के नीचे के स्थान को कभी भी अंधेरे में नहीं छोड़ना चाहिए। हमेशा इस स्थान पर हल्की रौशनी होनी चाहिए।

9. टूटी सीढ़ियाँ
अगर आपकी सीढियाँ टूटी या चिटक गयी हैं। तो इन्हे तुरंत ठीक करवाएं क्योंकि यह अशुभ संकेत हैं। खास तौर पर शादी शुदा जोड़े के लिए।

10 . केंद्र
घर का केंद्र स्थान ब्रह्मिस्थान कहलाता है। इसलिए इसे जितना साफ़ और सुन्दर रखेंगे उतना अच्छा है। यही कारण है कि इस स्थान पर सीढियां नहीं होती हैं।

11. रसोईघर
घर में सीढ़ियां कभी भी रसोईघर, पूजा घर या स्टोर रूम की तरफ शुरू या ख़त्म नहीं होनी चाहिए। यह हमेशा ही घर के बाहर से किसी कमरे की तरफ होनी चाहिए।

12. सीढियां
अगर किसी वजह से घर में गलत स्थान पर सीढियाँ बनी हुई हैं और उसके बराबर में कोई कमरा है। तो उस कमरे में किसी भी घर के व्यक्ति को नहीं रहना चाहिए। इसे सिर्फ गेस्ट रूम की बना देना चाहिए।

13. ऊपर जाने वाली सीढियां
हमेशा याद रखें कि जो सीढियाँ ऊपर की तरफ जा रही हैं। वही सीढियाँ कभी भी किसी भी तहखाने की तरफ नहीं जानी चाहिए।

14. सीढ़ियों की गिनती
वास्तु शास्त्र के हिसाब से सीढ़ियों की गिनती हमेशा 5, 11, 17 होनी चाहिए। अगर यह किसी समगुण संख्या में है तो इसमें एक सीढ़ी जोड़ देनी चाहिए।



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