Latest Updates
-
Aaj Ka Rashifal 16 April 2026: सर्वार्थ सिद्धि योग से चमकेगा तुला और कुंभ का भाग्य, जानें अपना भविष्यफल -
Akshaya Tritiya पर किस भगवान की होती है पूजा? जानें इस दिन का महत्व और पौराणिक कथा -
Parshuram Jayanti 2026 Sanskrit Wishes: परशुराम जयंती पर इन संस्कृत श्लोकों व संदेशों से दें अपनों को बधाई -
कौन हैं जनाई भोंसले? जानें आशा भोसले की पोती और क्रिकेटर मोहम्मद सिराज का क्या है नाता? -
Amarnath Yatra Registration 2026: शुरू हुआ रजिस्ट्रेशन, घर बैठे कैसे करें आवेदन, क्या हैं जरूरी डॉक्यूमेट्स -
Akshaya Tritiya पर जन्म लेने वाले बच्चे होते हैं बेहद खास, क्या आप भी प्लान कर रहे हैं इस दिन डिलीवरी -
उत्तराखंड में 14 साल की लड़की ने दिया बच्चे को जन्म, जानें मां बनने के लिए क्या है सही उम्र -
गर्मियों में भूलकर भी न खाएं ये 5 फल, फायदे की जगह पहुंचा सकते हैं शरीर को भारी नुकसान -
Himachal Day 2026 Wishes In Pahadi: 'पहाड़ां री खुशबू, देओदारे री छां', अपनों को भेजें पहाड़ी शुभकामनाएं -
Pohela Boishakh 2026 Wishes: 'शुभो नबो बोर्शो' के साथ शुरू करें नया साल, अपनों को भेजें ये शानदार संदेश
हिंदू धर्म में सांप का है विशेष महत्व, जानें क्यों की जाती हैं पूजा

हिंदू धर्म में कई देवी-देवताओं के साथ-साथ जीव और जंतुओं को भी पूजा जाता है। हिंदू धर्म के मुताबिक गाय, मोर, सांप, कछुआ आदि इन सभी का काफी महत्व होता है। हिंदू शास्त्रों के मुताबिक इन सभी की पूजा करने से फल मिलता है। इतना ही नहीं इन सभी पशु-पक्षियों के पूजा का महत्व भी बताया गया है। हमने अक्सर भगवान शिव के गले में सांप को देखा है। श्रीकृष्ण को गाय बहुत प्रिय है। दुर्गा मां को उनकी सवारी शेर बहुत महत्व रखता है। इसी तरह सभी जीवों की किसी न किसी देवी या देवता से संबंध है। जिन्हें पूजने से अलग-अलग फल मिलता है। तो आइए जानते है वेद पुराणों के मुताबिक सांप का हिंदू धर्म में क्या महत्व है, क्यों सांप की पूजा की जाती हैं, और दूध पिलाया जाता है।
हिंदू धर्म में सांप का महत्व
प्राचीन समय से ही नाग वंश का नाम चला आ रहा है। कई फिल्मों और नाटकों में भी हमने नाग वंश के महत्व के बारे में देखा है। शास्त्रों के मुताबिक हिंदू धर्म में सांपों को बहुत शक्तिशाली माना गया है। सांपों में सबसे ज्यादा ताकतवर शेषनाग को बताया गया है। शास्त्रों के अनुसार शेषनाग के फन पर ही पूरी धरती टिकी हुई है। शेषनाग भगवान विष्णु के सेवक के रूप में जाने जाते हैं। हिन्दू धर्म में शेषनाग को भगवान विष्णु की उर्जा का प्रतीक माना गया हैं जिस पर विष्णु भगवान आराम करते हैं। ऐसी मान्यता है कि शेषनाग के हजार सिर हैं। जिस कारण इन्हें अनंत नाम से भी जाना जाता है।
श्रीकृष्ण ने दिया था वरदान
पौराणिक कथाओं के मुताबिक एक बार यमुना नदी में कालिया नाम के नाग ने अपना जहर फैला कर पूरी नदी को जहरीला बना दिया। जिस कारण इस नदी के पानी को पीने से कई लोग और जानवरों की मौत हो गई। एक दिन अपने दोस्तों को साथ खेलते हुए श्री कृष्ण की गेंद यमुना नदी में चली गई। जिसे लेने के लिए भगवान श्रीकृष्ण यमुना नदी के अंदर चले गए। जहां उनकी मुलाकात कालिया नाग की पत्नी से हुई, जिसने श्री कृष्ण से वहां से चले जाने के लिए कहा। लेकिन तभी कालिया नाग की आंख खुली और श्रीकृष्ण के साथ उनका युद्ध हो शुरू हो गया। जिसमें भगवान श्रीकृष्ण की जीत हुई। श्रीकृष्ण कालिया नाग के फन पर नृत्य करने लगे। जिससे परेशान होकर कालिया नाग ने श्री कृष्ण से क्षमा मांगी और यमुना नदी में फैलाया अपना सारा विष वापस ले लिया। कालिया नाग के इस काम से खुश होकर श्रीकृष्ण ने उन्हें वारदान दिया की आज के दिन सभी सांपों की पूजा की जाएगी। तब से हर साल नाग पंचनी के दिन सांपों की पूजा की जाती है। इस दिन पहले भगवान शिव की पूजा-अर्चना की जाती है, फिर सांपों की पूजा कर उन्हें दूध पिलाने का रिवाज है।
Disclaimer: The information is based on assumptions and information available on the internet and the accuracy or reliability is not guaranteed. Boldsky does not confirm any inputs or information related to the article and our only purpose is to deliver information. Kindly consult the concerned expert before practising or implementing any information and assumption.



Click it and Unblock the Notifications











