Latest Updates
-
नीम करौली बाबा के 3 गुप्त नियम बदल सकते हैं आपकी किस्मत, आज ही जान लें सफल जीवन का रहस्य! -
UP Village Style Besan Cheela Recipe: घर पर बनाएं गांव जैसा पौष्टिक और स्वादिष्ट नाश्ता -
Hindi Journalism Day 2026 Wishes: हिंदी पत्रकारिता दिवस के मौके पर सभी पत्रकार दोस्तों को ये शुभकामना संदेश -
Aaj Ka Rashifal 30 May 2026: शनिवार को इन राशियों की चमकेगी किस्मत, शनिदेव की कृपा से होगा धन लाभ -
Restaurant Style Kadai Sabzi Recipe: घर पर बनाएं होटल जैसी चटपटी और मसालेदार सब्जी -
Blue Moon 2026: 31 मई को आसमान में दिखेगा दुर्लभ 'ब्लू मून'; जानिए इसकी खासियत, कहां और कैसे देखें -
Hindi Journalism Day: 30 मई को ही क्यों मनाया जाता है हिंदी पत्रकारिता दिवस? जानें इस दिन का इतिहास और महत्व -
Kumaoni Sweet Bal Mithai Recipe: घर पर बनाएं उत्तराखंड की पारंपरिक और स्वादिष्ट मिठाई -
महिलाओं के लिए वरदान से कम नहीं है हलीम के बीज, अनियमित पीरियड्स समेत इन 5 समस्याओं को कर सकते हैं दूर -
गर्मियों में पसीने से होने वाली 5 कॉमन स्किन प्रॉब्लम्स, एक्सपर्ट से जानें इन समस्याओं से बचने के घरेलू उपाय
21 जून को पड़ने वाला सूर्य ग्रहण है दुर्लभ, अब 900 साल बाद दिखेगा ऐसा नजारा
बीते 5 जून को ही चंद्र ग्रहण लगा था, अब इसी महीने में एक और ग्रहण लगने वाला है। जून माह की 21 तारीख को सूर्य ग्रहण लगने वाला है। यह ग्रहण भारत, दक्षिण पूर्व यूरोप एवं पूरे एशिया में देखा जा सकेगा। जून 2020 में पड़ने वाला ग्रहण कुंडलाकार होगा।
गौरतलब है कि जब पूर्ण ग्रहण लगता है तब चंद्रमा कुछ समय के लिए सूर्य को पूरी तरह ढक लेता है। वहीं आंशिक और कुंडलाकार ग्रहण में सूर्य का केवल कुछ हिस्सा ही ढकता है। 21 जून को कुंडलाकार सूर्य ग्रहण लगने वाला है। इस लेख के माध्यम से जानते हैं 21 जून का सूर्य ग्रहण क्यों खास है।

सूर्य ग्रहण और सूतक का समय
भारतीय समय के अनुसार सूर्य ग्रहण का आरंभ 21 जून की सुबह 10 बजकर 42 मिनट पर हो जाएगा। इस ग्रहण का सूतक 20 जून की रात 10 बजे से आरंभ होगा। ग्रहण का मध्य दोपहर को 12 बजकर 24 मिनट पर होगा। इसका मोक्ष दोपहर 2 बजकर 7 मिनट पर होगा। इस सूर्य ग्रहण की कुल अवधि 3 घंटे 25 मिनट की रहेगी। यह खगोलीय घटना अधिकांश भू-मंडल पर देखी जा सकेगी।

जानें क्यों है जून 2020 का सूर्य ग्रहण दुर्लभ
जून की 21 तारीख को लगने वाले सूर्य ग्रहण को काफी खास और दुर्लभ बताया जा रहा है। ये भी कहा जा रहा है कि इस तरह का ग्रहण अब 900 साल बाद दिखाई देगा। इस ग्रहण में सूर्य वलयाकार स्थिति में सिर्फ 30 सेकंड तक ही रहेगा। इसमें सूर्य एक छल्ले की तरह नजर आएगा। सूर्य और चंद्रमा के बीच की दूरी इस ग्रहण को खास बनाती है।

जानें ग्रहण के समय कितनी होगी सूर्य और पृथ्वी के बीच दूरी
21 जून रविवार के दिन सूर्य और पृथ्वी के बीच 15 करोड़ 2 लाख 35 हजार 882 किमी की दूरी होगी। इस समय पर चांद अपने पथ पर चलते हुए 3 लाख 91 हजार 482 किमी की दूरी बनाए रखेगा। यह ग्रहण सिर्फ 30 सेकंड के लिए होगा और चांद सूर्य के एक बड़े हिस्से को ढक देगा जिससे सूर्य एक चमकती हुई रिंग की तरह दिखाई देगा।

सूर्य ग्रहण से जुड़ा एक और संयोग
21 जून को सूर्य ग्रहण के साथ एक और संयोग जुड़ा हुआ है। इस दिन उत्तरी गोलार्ध में सबसे बड़ा दिन होता है और रात सबसे छोटी होती है।



Click it and Unblock the Notifications