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शाम होते ही घरों में क्यूं जलाना चाहिये दीपक या लाइट
चाहे कोई धार्मिक अवसर हो या कोई नया प्रारंभ हो, दीपक जलाना बहुत शुभ माना जाता है। परन्तु इस प्राचीन परंपरा का क्या महत्व है?
चाहे कोई धार्मिक अवसर हो या कोई नया प्रारंभ हो, दीपक जलाना बहुत शुभ माना जाता है। परन्तु इस प्राचीन परंपरा का क्या महत्व है?
यह केवल आग नहीं होती बल्कि यह एक पवित्र प्रकाश होता है। इस प्रकार अग्नि जो बुद्धि और ज्ञान का प्रतीक है, जो एक नई सुबह लाती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार दिन को तीन भागों में बांटा गया है - सुबह, दोपहर और शाम।

आपने घर के बड़े बुजुर्गों को अक्सर यह कहते सुना होगा कि शाम के समय घर में अँधेरा नहीं रखना चाहिए, भले ही आप घर पर न हों।

हमेशा ही घर में एक छोटी सी लाइट जला कर रखनी चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि सूर्यास्त या शाम का समय भगवान की पूजा करने के लिए अच्छा माना जाता है।

यहाँ तक कि हिन्दू धर्म में भी संध्या पूजा का विशेष महत्व है। शाम का शाब्दिक अर्थ संधि समय है अर्थात जहाँ दिन ख़त्म होता है और रात शुरू होती है, इसे संधिकाल कहा जाता है।



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