Latest Updates
-
Mango Varieties In India: तोतापुरी से लेकर बंगीनापल्ली तक, जानें भारत की प्रसिद्ध आम की किस्में और इनकी पहचान -
Heatwave Alert: दिल्ली समेत कई राज्यों में हीटवेव का अलर्ट, जानें भीषण गर्मी का सेहत पर असर और बचाव के टिप्स -
Guru Bhairavaikya Mandira: कर्नाटक का गुरु भैरवैक्य मंदिर क्यों है इतना खास? जिसका पीएम मोदी ने किया उद्घाटन -
Akshaya Tritiya 2026: अक्षय तृतीया पर भूलकर भी न खरीदें ये 5 चीजें, दरवाजे से लौट जाएंगी मां लक्ष्मी -
डायबिटीज में चीकू खाना चाहिए या नहीं? जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट -
Aaj Ka Rashifal 16 April 2026: सर्वार्थ सिद्धि योग से चमकेगा तुला और कुंभ का भाग्य, जानें अपना भविष्यफल -
Akshaya Tritiya पर किस भगवान की होती है पूजा? जानें इस दिन का महत्व और पौराणिक कथा -
Parshuram Jayanti 2026 Sanskrit Wishes: परशुराम जयंती पर इन संस्कृत श्लोकों व संदेशों से दें अपनों को बधाई -
कौन हैं जनाई भोंसले? जानें आशा भोसले की पोती और क्रिकेटर मोहम्मद सिराज का क्या है नाता? -
Amarnath Yatra Registration 2026: शुरू हुआ रजिस्ट्रेशन, घर बैठे कैसे करें आवेदन, क्या हैं जरूरी डॉक्यूमेट्स
फुलेरा दूज के दिन बनता है अबूझ मुहूर्त, होती हैं रिकॉर्डतोड़ शादियां
हर साल फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को फुलेरा दूज मनाई जाती है। यह पर्व होली की आमद का संदेशा लाता है। भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित इस दिन की विवाह के मामले में भी बड़ा महत्व माना जाता है। फुलेरा दूज के दिन न सिर्फ फूलों की होली खेली जाती है बल्कि इस दिन कई शादी-विवाह के कार्यक्रम भी पूरे किये जाते हैं। जानते हैं फुलेरा दूज का दिन विवाह और अन्य मांगलिक कार्यों के लिए क्यों इतना शुभ माना जाता है।

श्री कृष्ण के साथ खेली जाती है फूलों की होली
होली के पर्व से पहले फुलेरा दूज की तिथि पड़ती है। इस दिन कान्हा और राधा रानी के साथ भक्त फूलों की होली खेलते हैं। इसके साथ साथ रंगों का भी प्रयोग किया जाता है। यह त्योहार लोगों के जीवन में सकारात्मकता और खुशियां लेकर आता है।

फुलेरा दूज के दिन बनता है अबूझ मुहूर्त
फुलेरा दूज को साल के सबसे महत्वपूर्ण और शुभ दिनों में से एक माना जाता है। दरअसल यह दिन किसी भी प्रकार के हानिकारक प्रभाव और दोषों से प्रभावित नहीं होता है इसलिए इसे अबूझ मुहूर्त माना जाता है। आमतौर से हिंदू धर्म में शादी विवाह को एक बड़ा कर्म माना जाता है। विवाह से जुड़े हर कार्य के लिए शुभ मुहूर्त और तिथि को ध्यान में रखा जाता है। मगर धार्मिक मान्यताओं के अनुसार फुलेरा दूज के दिन हर एक क्षण शुभ होता है। इस दिन विवाह जैसा मंगल कार्य करने के लिए भी दिन बेहद उपयुक्त माना जाता है। शीत ऋतु के बाद इसे शादियों के सीजन का अंतिम दिन माना जाता है इसलिए इस दिन रिकॉर्ड तोड़ शादियां होती हैं।

अन्य मांगलिक कार्यों के लिए भी शुभ दिन
शादी जैसे संस्कार के अतिरिक्त और भी दूसरे मांगलिक कार्यों के लिए फुलेरा दूज बहुत शुभ दिन है। इस दिन लोग कई मांगलिक कार्यों को पूरा करते हैं। घर-संपत्ति से जुड़ा कार्य करने के लिए ये दिन शुभ माना जाता है। इतना ही नहीं, कई लोग अपने नए व्यापार की शुरुआत भी फुलेरा दूज की शुभ तिथि से करते हैं ताकि उन्हें समृद्धि मिल सके।



Click it and Unblock the Notifications











