Latest Updates
-
Independence Day 2026: भारत की आजादी के लिए 15 अगस्त की तारीख ही क्यों चुना गई? वजह जानकर रह जाएंगे हैरान -
Hariyali Teej Vrat Katha: हरियाली तीज पर जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, मिलेगा शिव-पार्वती जी का आशीर्वाद -
Hariyali Teej 2026 Wishes: शिव-पार्वती का आशीर्वाद...इन संदेशों क साथ अपनों को दें हरियाली तीज की शुभकामनाएं -
Independence Day 2026 Shayari: तिरंगा हमारी शान...स्वतंत्रता दिवस पर अपनों को भेजें देशभक्ति से भरी शायरियां -
Happy Independence Day 2026 Wishes: स्वतंत्रता दिवस पर अपनों को भेजें देशभक्ति से भरे ये शुभकामना संदेश -
Nag Panchami 2026: 16 या 17 अगस्त, कब है नाग पंचमी? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व -
Hariyali Teej Wishes For Wife: हरियाली तीज पर पत्नी ने रखा है व्रत, इन खास संदेशों से जताएं अपना प्यार -
Hariyali Teej Vrat Niyam 2026: हरियाली तीज पर सुहागिन महिलाएं न करें ये गलतियां, जानें व्रत के जरूरी नियम -
Independence Day 2026 Speech in Hindi: 15 अगस्त पर दें ये जोशीला भाषण, तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठेगा हॉल -
Independence Day 2026: ChatGPT से बनाएं तिरंगे के साथ अपनी देशभक्ति वाली फोटो, बस ये Prompts करें कॉपी-पेस्ट
जानें क्यों शिवलिंग पर चढ़ा बेलपत्र किया जाता है स्पर्श, इसके पीछे का वैज्ञानिक कारण कर देगा हैरान
भगवान शिव को बेल पत्र बहुत प्रिय है। भोलेनाथ का हर भक्त उनकी विशेष कृपा पाने के लिए शिवलिंग पर बेल पत्र अवश्य चढ़ाता है। आपने कई बार घर के बड़े-बुजुर्गों को या फिर मंदिर में दूसरे श्रद्धालुओं को शिवलिंग पर बेल पत्र चढ़ाते देखा होगा और आपने गौर किया होगा कि वो चढ़े हुए बेल पत्र को स्वयं से स्पर्श कराते हैं। शिवलिंग पर चढ़ाए गए बेल पत्र को स्वयं से स्पर्श कराने के पीछे लोगों की धार्मिक आस्था के अलावा वैज्ञानिक कारण है।

बेलपत्र कर सकता है उर्जा का संग्रहण
बेल पत्र में एक विशेष गुण पाया जाता है। यह कुछ समय के लिए ऊर्जा को अपने में सुरक्षित रख सकता है। यह एक ऐसा पत्ता है जो एनर्जी के संवाहक के रूप में काम करता है। शिवलिंग खुद ही अपने में असीम शक्ति को समेटे हुए है। जब बेल पत्र को शिवलिंग के ऊपर रखा जाता है तब वह शिवलिंग की ऊर्जा को खुद में समाहित कर लेता है। इसके बाद जब भक्त अपने सिर और आंखों पर इस चढ़ाए गए बेलपत्र को लगाते हैं तब उन्हें सीधे शिवलिंग की शक्ति प्राप्त होती है।

बरसों से चली आ रही है मान्यता
शिवलिंग पर अर्पित किये गए बेल पत्र को खुद से स्पर्श कराने का सिलसिला कई सालों से चला आ रहा है। लोग भगवान शिव का आशीर्वाद मानकर इसे अपने साथ रखते हैं। कई लोग अपने परिवार वालों के लिए भी मंदिर से शिवलिंग पर चढ़ाया हुआ बेलपत्र ले जाते हैं। आपको बता दें कि बेल पत्र अपने अंदर 7 से 12 दिन तक शिवलिंग की एनर्जी को बनाये रख सकता है।

बेलपत्र का उपाय
यदि आप अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन चाहते हैं तो बेलपत्र से जुड़ा ये एक उपाय करके आप स्वयं देख सकते हैं। आप शिवलिंग पर चढ़ा बेलपत्र घर ले आएं और उसे काले कपड़े में लपेट कर अपने सिरहाने के नीचे रखें। आप चाहें तो घर से बाहर जाते समय अपनी जेब में मंदिर से लाया हुआ बेलपत्र रख सकते हैं। इस बेलपत्र को 10 से 12 दिनों में बदलते रहें। इस प्रक्रिया से आपको बेलपत्र की मदद से स्वयं के आसपास सकारात्मक ऊर्जा का निर्माण करने में मदद मिलेगी। आप महसूस करेंगे की आपके आसपास हो रही घटनाओं में बदलाव आ रहा है।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications