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हिंदू धर्म में नारियल का महत्व
भारत में देवी देवताओं की मूर्ति के सामने नारियल फोडऩे का रिवाज काफी पुराना है। हिंदू धर्म के ज्यादातर धार्मिक संस्कारों में नारियल का विशेष महत्व है। कोई भी व्यक्ति जब अपना नया व्यवसाय शुरू करता है तो वह मूर्ति के सामने नारियल फोड़ता है। चाहे शादी हो, त्योहार हो या फिर कोई महत्वपूर्ण पूजा, पूजा की सामग्री में नारियल आवश्यक रूप से रहता है। तो क्या आप जानना नहीं चाहेंगे कि आखिर क्यों हिंदू धर्म में नारियल का इतना ज्यादा महत्व है? आइए हम आपको बताते हैं।
आइये दर्शन करते हैं भारत के प्रसिद्ध शिव मंदिरों के
नारियल को संस्कृत में श्रीफल के नाम से जाना जाता है। श्रीफल यानी भगवान का फल। तो ऐसे में नारियल आवश्यक रूप से भागवान का फल बन जाता है। नारियल फोडऩे का मतलब है कि आप अपने अहंकार और स्वयं को भगवान के सामने समर्पित कर रहे हैं। माना जाता है कि ऐसा करने पर अज्ञानता और अहंकार का कठोर कवच टूट जाता है और ये आत्मा की शुद्धता और ज्ञान का द्वार खोलता है, जिससे नारियल के सफेद हिस्से के रूप में देखा जाता है। आइए हिंदू धर्म में नारियल के महत्व पर नजर डालते हैं।

पूजा के दौरान नारियल क्यों फोड़ा जाता है?
एक समय हिंदू धर्म में मनुष्य और जानवरों की बलि सामान्य बात थी। तभी आदि शंकराचार्य ने इस अमानवीय परंपरा को तोड़ा और मनुष्य के स्थान पर नारियल चढ़ाने की शुरुआत की। नारियल कई तरह से मनुष्य के मस्तिष्क से मेल खाता है। नारियल की जटा की तुलना मनुष्य के बालों से, कठोर कवच की तुलना मनुष्य की खोपड़ी से और नारियल पानी की तुलना खून से की जा सकती है। साथ ही नारियल के गूदे की तुलना मनुष्य के दिमाग से की जा सकती है।

बुरी नजर को उतारने के लिए
अगर किसी को बुरी लग जाती है तो उसे नारियल की मदद से उतारा जाता है। इसके लिए एक नारियल लिया जाता है और व्यक्ति के लंबाई के बराबर के लाल धागे को नारियल पर लपेटा जाता है। फिर इसे सिर के चारों ओर तेजी से 7 बार घुमाया जाता है और नारियल को नदी में बहा दिया जाता है।

शनि की छाया को दूर करने के लिए
कई लोग शनि की छाया के कारण जीवन में कई तरह की परेशानियों का सामना करते हैं। खुद को शनि की छाया से दूर करने के लिए एक नरियल, जौ और काला उरड़ दाल को एक साथ ले लें। अब इसे अपने सिर के चारों को 7 बार घुमाकर नदी में बहा दें।

वित्तीय समस्या दूर करने के लिए
मंगलवार के दिन जासमीन तेल और सिंदूर के पेस्ट से नारियल पर स्वास्तिक बनाएं। अब इसे भगवान गणेश की प्रतिमा पर चढ़ा कर 'ऋणमोचक स्तोत्र' का उच्चारण करें।

काला जादू
अगर आप पर काला जादू का प्रभाव है तो मंगलवार, शनिवार और रविवार को दुर्गा के मंदिर जाएं। मंदिर जाने से पूर्व एक नारियल, शृंगार के सामान, कपूर, फूलों की माला ले लें और इसे प्रतिमा पर चढ़ाते समय 'हम फट' मंत्र का उच्चारण करें। इसके बाद कपूर से आरती करें। जल्द ही काला जादू का सारा प्रभाव खत्म हो जाएगा।



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