100 साल बाद त्रेता युग जैसा महासंयोग! 2026 में 4 नहीं, पूरे 8 होंगे 'बड़े मंगल'; जानें तिथियां

Bada Mangal 2026: बड़ा मंगल का हिंदू धर्म में विशेष महत्व माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र में ज्येष्ठ मास के मंगलवार का विशेष महत्व होता है, जिन्हें 'बड़ा मंगल' या 'बुढ़वा मंगल' कहा जाता है। आमतौर पर हर साल 4 से 5 बड़े मंगल आते हैं लेकिन इस बार एक महासंयोग बनने जा रहा है क्योंकि इस बार पूरे 8 बड़े मंगल पड़ने वाले हैं। ऐसा माना जाता है कि ऐसा संयोग त्रेता युग में आया था और अब 100 साल बाद फिर से ये संयोग बनने जा रहा है। हनुमान भक्तों के लिए यह किसी बड़े उत्सव से कम नहीं है, क्योंकि इतने लंबे समय तक चलने वाला 'बड़ा मंगल' पर्व दुर्लभ सिद्धियों और खुशियों के द्वार खोलने वाला माना जा रहा है। आइए जानते हैं आखिर इस बार मंगलों की संख्या क्यों बढ़ गई है और इसकी सटीक तिथियां क्या हैं।

100 साल बाद त्रेता युग जैसा संयोग

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ज्येष्ठ मास के मंगलवार को ही हनुमान जी की मुलाकात प्रभु श्री राम से हुई थी। यही वजह है कि हर साल के ज्येष्ठ मास में बड़ा मंगल मनाया जाता है। 2026 में ग्रहों का गोचर और नक्षत्रों की स्थिति त्रेता युग के समान ऊर्जा पैदा कर रही है। इस बार ज्येष्ठ मास की अवधि और तिथियों के विस्तार की वजह से हनुमान जी की विशेष आराधना के लिए हमें 4 के बजाय दोगुना यानी 8 मंगलवार मिलने जा रहे हैं।

2026 में 8 बड़े मंगलों की सटीक लिस्ट (Bada Mangal 2026 Dates)

पहला बड़ा मंगल: 5 मई 2026

दूसरा बड़ा मंगल: 12 मई 2026

तीसरा बड़ा मंगल: 19 मई 2026

चौथा बड़ा मंगल: 26 मई 2026

पांचवा बड़ा मंगल: 2 जून 2026

छठा बड़ा मंगल: 9 जून 2026

सातवां बड़ा मंगल: 16 जून 2026

आठवां बड़ा मंगल: 23 जून 2026

इस बार क्यों बढ़ गई बड़े मंगलों की संख्या?

ज्येष्ठ मास में मंगलों की संख्या बढ़ने का मुख्य कारण पंचांग की गणना और तिथियों का घटना-बढ़ना है। 2026 में ज्येष्ठ का महीना काफी लंबा होने वाला है, जिससे इसकी अवधि बढ़ गई है। ज्योतिषियों का मानना है कि 100 साल में एक बार ऐसा अवसर आता है जब पूरे 8 मंगलवार ज्येष्ठ के दायरे में आते हैं, जो भक्तों के लिए साधना के अधिक अवसर प्रदान करते हैं।

क्या होता है 'बड़ा मंगल' का महत्व?

ज्येष्ठ मास के इन मंगलवारों को 'बुढ़वा मंगल' भी कहा जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, इसी समय हनुमान जी ने भीम का घमंड तोड़ा था। साथ ही ये भी कहानी प्रचलित है कि इसी दौरान भगवान श्रीराम और हनुमान जी की मुलाकात हुई थी। बड़े मंगल के दौरान लोग जगह-जगह प्याऊ और भंडारे लगाते हैं जिससे पुण्य फल की प्राप्ति होती है। माना जाता है कि इन 8 मंगलों में जो भक्त पूरी श्रद्धा से हनुमान जी को चोला चढ़ाता है, उसकी हर मनोकामना पूर्ण होती है।

Story first published: Saturday, April 11, 2026, 15:07 [IST]
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