गांव का छोरा सैफ

देखने में शहरी युवा से लगने वाले सैफ अली खान के बारे में माना जाता था कि वे ग्रामीण युवक की भूमिका नहीं निभा सकते। उनका व्यक्तित्व ग्रामीण परिवेश में पले-बढ़े चरित्र के लिए सही नहीं है। जो लोग सोंचते हैं कि वह सिर्फ शहरी युवक की भूमिका में ही जंचते हैं, सैफ ने उन लोगो का मुंह "ओंकारा" में लंगड़ा त्यागी की भूमिका निभाकर बंद कर दिया। उसके बाद प्रकाश झा की "आरक्षण" फिल्म में दलित शिक्षक की भूमिका निभाने वाले अभिनेता सैफ अली खान ने साधारण पैंट, स्‍लीवलेस स्‍वेटर और मफलर पहन कर सच-मुच दिखा दिया कि वह कितनी आसानी से गांव के छोरे बन सकते हैं।

 Saif Ali Khan
Story first published: Thursday, August 16, 2012, 13:48 [IST]
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