होली पर न करें ऐसा...

होली भारत के अलावा अनेक देशों में धूमधााम से मनाया जाने वाला एक बड़ा त्‍योहार है। इसका विशेष आयोजन भारत देश के ब्रज क्षेत्र में लगभग एक माह पहले से किया जाता है। इस त्‍योहार का अहम मकसद पुरानी रंजिशों को होली में जलाने के बाद आपसी दिल मिला कर, नया सकारात्‍मक मानवीय अध्‍याय शुरु करना होता है, लेकिन इसका दूसरा घिनौना पहलू बिल्‍कुल विपरीत भी होता है अर्थात बदले भाव की तैयारी में लगे रहना। मौका मिलते ही मिलकर घात करना, जैसे मुंह में राम बगल में छुरी। अगर आप थोड़ा सा भी सजग एवं सावधान रहें तो त्‍योहार की खूबसूरती बरकरार रह पाएगी। रंगों दृारा खेलने की वजह से ही इसका महत्‍व विशिष्‍ट बडे़ त्‍योहारों में गिना जाता है।

यदि जीवन रंगों से भरा न हो तो इंसन अपने पर ही बोझ बनने लगता है। देखो रंगहीन कपड़े पहनने वालों को और कल्‍पना करें दुनिया बिना रंगों के कैसी लगेगी जिंदगी बेजान, नीरस, अलगाव वाली होती नजर आएगी। अगर होली को खुशहाल बनाना है तो इन खास बातों पर हमेशा ध्‍यान दें।

टेसू के फूलों का रंग बनाएं

टेसू के फूलों का रंग बनाएं

टेसू के फूलों को पानी में भिगोने पर बने रंगों से खेलना चाहिये। यह स्‍फूर्ति पैदा करने वाला तथा त्‍वचा व स्‍वास्‍थ्‍य की द्ष्टि से उत्‍तम होता है।

हर्बल रगों से खेलें

हर्बल रगों से खेलें

हर्बल रंगों से खेलना अच्‍छा है। विशेषकर त्‍वचा के लिये। यह थोडे़ से महंगे जरुर होते हैं पर अच्‍छे होते हैं।

रसायनों के रंगों से दूर रहें

रसायनों के रंगों से दूर रहें

रसायनों से बने रंगों का प्रयोग करने के लिये सख्‍ती से मनाही होनी चाहिये। इसका गलत प्रभाव त्‍वचा विशेषकर चेहरे व आंखों पर पड़ता है।

पेंट से न खेलें

पेंट से न खेलें

पेंट या सफेदा से खेली जाने वाली होली का समर्थन कतई नहीं करना चाहिये। इस तरह के पेंट में स्‍वास्‍थ्‍य घातक पेट्रोलियम होता है।

कीचड़ से न खेलें

कीचड़ से न खेलें

कीचड़, गंदे नाली का पानी, जो कि संक्रमित होता है। इससे खेली होली स्‍वास्‍थ्‍य के लिये नुकसानदायक सिद्ध हो कसती है।

सूखे गुलाल कर प्रयोग करें

सूखे गुलाल कर प्रयोग करें

गीली होली की जगह सूखे गुलाल व अबीर दृारा खेली होली ज्‍यादा ठीक रहती है।

मिलावटी मिठाई से बचें

मिलावटी मिठाई से बचें

इस मौके पर बाजर की मिलावटी मिठाई लेने से बचें। इसमें सिंथेटिक दूध से बना खोवा डाला जाता है जिससे अनेको बीमारियां हो सकती हैं।

न उपयोग करें वनस्‍पति घी

न उपयोग करें वनस्‍पति घी

नमकीन बनाने के लिये वनस्‍पति घी की बजाए शुद्ध सरसों का तेल का इस्‍तेमाल स्‍वाथ्‍सय के लिये लाभप्रद रहेगा।

शराब पियें पर सावधानी से

शराब पियें पर सावधानी से

इस दौरान शराब का दौर चलना आम बात है। लेने से पहले विशेष ध्‍यान रखें, कहीं कुछ भी हो सकता है। मनुष्‍य के दो तीन चेहरे भी देखने को मिल जाएंगे।

न भींगे ज्‍यादा

न भींगे ज्‍यादा

होली के दिन ज्‍यादा न भींगे। इससे बुखार, जुकाम, सिर दर्द, नाक बहना, बदन दर्द आदि की परेशानियां हो सकती है।

Story first published: Tuesday, March 26, 2013, 10:35 [IST]
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