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Black Moon 2025 : ब्लैक मून 2025 एक दुर्लभ खगोलीय घटना है। आमतौर पर एक महीने में एक ही अमावस्या होती है, लेकिन जब किसी महीने में दो अमावस्याएं पड़ती हैं तो दूसरी अमावस्या को ब्लैक मून कहा जाता है। यह घटना लगभग हर 29 महीनों में एक बार होती है। वहीं, जब किसी खगोलीय मौसम में तीन की जगह चार अमावस्याएं पड़ती हैं, तो उस स्थिति में तीसरी अमावस्या को मौसमी ब्लैक मून कहा जाता है।
इस साल 23 अगस्त 2025 को ऐसा ही मौसमी ब्लैक मून होगा। इस दिन चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच स्थित रहेगा, जिससे वह दिखाई नहीं देगा। अगला ब्लैक मून 2027 में होगा, जो खगोल विज्ञान प्रेमियों के लिए बेहद खास रहेगा।

क्या है ब्लैक मून?
ब्लैक मून कोई आधिकारिक खगोलीय शब्द नहीं है, बल्कि यह नाम चंद्रमा की असामान्य स्थिति और समय के आधार पर दिया गया है। आम तौर पर अंग्रेजी कैलेंडर में हर महीने एक अमावस्या (New Moon) और एक पूर्णिमा (Full Moon) होती है। लेकिन जब एक ही महीने में दो अमावस्याएं पड़ जाती हैं, तो दूसरी अमावस्या को ब्लैक मून कहा जाता है।
इसी तरह ब्लैक मून की एक और परिभाषा है, जिसे सीजनल ब्लैक मून कहा जाता है। एक खगोलीय मौसम (season) में सामान्यत: तीन अमावस्या होती हैं। लेकिन कभी-कभी खगोलीय चक्र के कारण एक सीजन में चार अमावस्या पड़ जाती हैं। ऐसे में तीसरी अमावस्या को ब्लैक मून कहा जाता है। यही स्थिति 23 अगस्त 2025 को होगी। इस दिन चंद्रमा, पृथ्वी और सूर्य एक सीध में होंगे और चंद्रमा का उजला हिस्सा पृथ्वी की ओर न होने के कारण यह बिल्कुल भी दिखाई नहीं देगा।
कब और कहां होगा ब्लैक मून?
ब्लैक मून का समय भारतीय समयानुसार 23 अगस्त की सुबह लगभग 11:36 बजे रहेगा। उस समय चंद्रमा सिंह (Leo) राशि में स्थित होगा और सूर्य से केवल एक डिग्री उत्तर में होगा। यह पूरी तरह से अमावस्या का समय होगा।
इससे पहले आखिरी बार सीजनल ब्लैक मून 19 मई 2023 को हुआ था। इस बार गर्मियों के मौसम की शुरुआत 25 जून की अमावस्या से हुई थी, इसके बाद 23 जुलाई और 3 अगस्त को अमावस्या आई। अब 23 अगस्त को तीसरी और 21 सितंबर को चौथी अमावस्या होगी। इसी कारण 23 अगस्त का अमावस्या चरण ब्लैक मून कहलाएगा।
कितनी बार होता है ब्लैक मून?
ब्लैक मून एक बेहद दुर्लभ घटना है। सीजनल ब्लैक मून लगभग हर 33 महीने में एक बार होता है। जबकि मासिक ब्लैक मून, यानी एक महीने में दो अमावस्या, हर 29 महीने में एक बार आती है। इस लिहाज से देखा जाए तो 23 अगस्त 2025 का ब्लैक मून एक खास खगोलीय घटना है।
खगोलविदों का कहना है कि अगला सीजनल ब्लैक मून 20 अगस्त 2028 को होगा, जो सुपरमून के साथ भी मेल खाएगा। वहीं, मासिक ब्लैक मून 31 अगस्त 2027 को होगा, जब एक ही महीने में दो अमावस्या पड़ेंगी।
क्या दिखाई देगा ब्लैक मून?
ब्लैक मून को देख पाना संभव नहीं है। दरअसल, अमावस्या के समय चंद्रमा की रोशनी वाला हिस्सा पृथ्वी की विपरीत दिशा में होता है। साथ ही चंद्रमा सूरज के साथ उदित और अस्त होता है। इस कारण यह न तो रात में और न ही दिन में दिखाई देता है। इसलिए ब्लैक मून का सीधा अवलोकन साधारण आंखों से करना नामुमकिन है।
हालांकि, खगोलशास्त्री बताते हैं कि ब्लैक मून के अगले दो दिनों यानी 24 और 25 अगस्त की शाम को पश्चिम दिशा में सूर्यास्त के लगभग 30-40 मिनट बाद आसमान में चांद की पतली-सी हंसिया जैसी चांदनी दिखाई देगी। यही वह क्षण होगा जब अमावस्या खत्म होकर नया चंद्रमा आसमान में लौटेगा।
क्या असर डालता है ब्लैक मून?
वैज्ञानिक दृष्टिकोण से ब्लैक मून का पृथ्वी पर कोई प्रत्यक्ष असर नहीं पड़ता। यह सिर्फ एक खगोलीय घटना है। लेकिन कुछ लोग मानते हैं कि इस समय तारे और आकाशीय पिंड और भी साफ दिखाई देते हैं क्योंकि चांद की रोशनी अनुपस्थित रहती है। इसी वजह से खगोल विज्ञान के शोधकर्ताओं और खगोल प्रेमियों के लिए यह समय काफी खास माना जाता है।
दिलचस्प बात यह है कि इस बार का ब्लैक मून पर्सिड उल्का वर्षा के कुछ ही दिनों बाद हो रहा है। यानी आसमान देखने वालों को सितारों, उल्काओं और नए चांद के बिना रात का अद्भुत अनुभव मिलेगा।



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