Latest Updates
-
National Nutrition Week: प्रेग्नेंसी में जरूरी है सही न्यूट्रिशन, जानें गर्भावस्था में क्या खाएं-क्या न खाएं -
Aja Ekadashi 2026: कब है अजा एकादशी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व, पूजा विधि और पारण समय -
Teacher's Day 2026: 5 सितंबर को ही क्यों मनाया जाता है शिक्षक दिवस? जानिए क्या है इसका इतिहास और महत्व -
Teacher's Day 2026 Sanskrit Wishes: इन संस्कृत श्लोकोंं के जरिए गुरुजनों को भेजें शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं -
Teacher’s Day 2026 Wishes: गुरु का ज्ञान...इन संदेशों के साथ अपने टीचर्स को भेजें शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं -
Dahi Handi 2026: 5 या 6 सितंबर, कब है दही हांडी? जानें क्यों और कैसे मनाते हैं ये पर्व -
Janmashtami 2026: धन, प्रेम विवाह और संतान प्राप्ति के लिए जन्माष्टमी पर करें ये अचूक उपाय, पूरी होगी मनोकामना -
Happy Krishna Janmashtami 2026 Wishes: नंद के घर खुशियां आईं...जन्माष्टमी पर अपनों को भेजें ये शुभकामना संदेश -
Janmashtami 2026: जन्माष्टमी पर तुलसी तोड़ सकते हैं या नहीं? जानें क्या हैं धार्मिक नियम -
Janmashtami 2026: जन्माष्टमी पर घूमने के लिए बेस्ट हैं ये 7 जगहें, दिखेगा कृष्ण भक्ति का खास रंग
Puri Jagannath Temple:पुरी जगन्नाथ मंदिर के रत्न गृह के चाबी विवाद के बीच जानें इसके अनसुलझे रहस्य
इस वक्त ओडिशा का पुरी के जगन्नाथ मंदिर काफी चर्चा में चल रहा है। इसकी चर्चा की वजह मंदिर के कोषागार की चाबियां हैं। मंदिर में मौजूद रत्न कक्ष की चाबियां कहां है? इसको लेकर उड़ीसा हाई कोर्ट ने भी राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी है। वहीं राजनीतिक पार्टियां इन गुम हुईं चाबियों पर ज्यूडिशियल रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग भी की है। साल 2019 में ओडिशा विधानसभा में कानून मंत्री एक लिखित जवाब में बताया था कि मंदिर के पास 60 हजार 426 एकड़ की जमीन है, वहीं 150 किलो सोना भी है। दूसरे राज्यों में 400 एकड़ जमीन है। जिस कमरों की चाबी खो गई है उसमें बेशकीमती रत्न मौजूद हैं। इन सारे विवादों के बीच आइये जानते हैं जगन्नाथ मंदिर के रहस्यों और तथ्यों के बारें में-

चार-धाम में से एक जगन्नाथ मंदिर
ओडिशा का प्रसिद्ध पुरी के जगन्नाथ मंदिर हिंदू भक्तों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान रखता है। ये मंदिर हिंदू धर्म के तीर्थ यात्राओं में चार-धाम में से एक है। इस मंदिर का निर्माण 1078 में हुआ था। लाखों भक्त हर साल भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद लेने के लिए ओडिशा आते हैं।
जगन्नाथ मंदिर की रथ यात्रा
जगन्नाथ मंदिर में हर साल रथ यात्रा होता है, जो कि काफी प्रसिद्ध है, इसमें शामिल होने के लिए लाखों लोग आते हैं। इस यात्रा में तीन विशाल रथ देवता विराजमान होते हैं।

भगवान जगन्नाथ मंदिर से जुड़े रहस्य
भगवान जगन्नाथ से जुड़े रहस्यवाद और मंदिर की स्थापत्य कला को इसको सबसे अलग बनाती है। जो अपने आप में एक वास्तुशिल्प चमत्कार है। मंदिर में नक्काशी मुख्य रूप से देवी-देवताओं की गई है। पूरे मंदिर परिसर में दो संकेंद्रित दीवारों, कुरुमा भेड़ा (आंतरिक दीवार) और मेघनाद पचीरा (दीवार) से घिरा है।
जमीन पर नहीं पड़ती है मंदिर की परछाईं
मुख्य मंदिर का निर्माण इस तरह से किया गया है जिससे मंदिर की परछाईं जमीन पर नहीं पड़े।

सुदर्शन चक्र का रहस्य
मंदिर के शिखर पर सुदर्शन चक्र के रूप में दो रहस्य हैं। लगभग एक टन वजनी कठोर धातु बिना किसी मशीनरी के सिर्फ उस सदी में इंसानों के द्वारा पहुंचाया गया था। दूसरा चक्र से संबंधित आर्किटेक्चर टेक्निक से संबंधित है। आप जिस भी दिशा से देखते हैं, चक्र उसी रूप में पीछे मुड़कर दिखता है। ये ऐसा है जैसे इसे हर दिशा से एक जैसा दिखने के लिए डिज़ाइन किया गया हो।
नहीं होता खाना खराब
मंदिर भोजन को बर्बाद नहीं होने देता है। मंदिर में आने वाले लोगों की कुल संख्या हर दिन 2,000 से 2,00,000 लोगों के बीच होती है। चमत्कारिक ढंग से, हर दिन तैयार किया गया प्रसादम कभी भी बर्बाद नहीं होता, यहां तक कि एक टुकड़ा भी नहीं।

ब्रीज का रिवर्स गियर
पृथ्वी पर कोई भी जगह ले लो, दिन के वक्त समुद्र से हवा जमीन पर आती है और शाम को इसके विपरीत होती है। लेकिन, पुरी में, हवा का विरोध करने और सटीक विपरीत दिशा चुनती है। दिन के समय हवा जमीन से समुद्र की ओर चलती है और शाम को इसके विपरीत होती है।
देवस्नाण पूर्णिमा
वार्षिक स्नान अनुष्ठान, जहां पवित्र त्रिदेव एक ऊंचे मंच पर बैठकर अपने गर्भगृह से बाहर लाए जाते हैं। वहीं मंदिर परिसर के अंदर एक कुएं से खींचे गए शुद्ध जल से स्नान कराया जाता है।
रथ उत्सव
रथ उत्सव जून/जुलाई के महीने में होता है। त्योहार के दौरान, भगवान अपने भक्तों का अभिवादन करने के लिए सड़क पर आते हैं, भक्त उनका आशीर्वाद लेते हैं।
साल 2023 में कब है रथ यात्रा ? (Jagannath rath yatra)
आपको बताते चलें ति इस साल 2023 में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा 20 जून, मंगलवार के दिन निकाली जाएगी। भगवान जगन्नाथ श्री हरि विष्णु के ही अवतार मानें जाते हैं। जगन्नाथ, उनके भाई बलभद्र और बहन देवी सुभद्रा के साथ जगन्नाथ यात्रा निकाली जाती है, जो ओडिशा के पुरी में आयोजित होती है
Image Courtesy-in.pinterest.com
Some reference- odishatourism.gov.in



Click it and Unblock the Notifications