टीचर्स डे: एक अनोखा स्कूल, जहां टीचर्स छूते हैं स्टूडेंट्स के पैर, जानिए कहां है......

By Salman Khan

हमारे देश में बड़ो के सम्मान करने का पाठ हमें बचपन से ही सिखाया जाता है।जैसे-जैसे हम बड़े होते है तब स्कूल में शिक्षक हमें शिष्टाचार और अपने से बड़ों का आदर करने के बारे सिखाते है।

जब बड़ों को सम्मान देने की बात आती है तो हम उनके पैर छूकर उनको सम्मान देते हैं। घर हो या स्कूल हमेशा अपने से बड़ों का आदर करते है और बदले में हमें उनसे ढेरों आशीर्वाद मिलता है।

यदि आपसे कहा जाए कि एक हमारे देश में एक ऐसा स्कूल भी है छात्रों के पैर शिक्षक छूते हैं तो ये एक मजाक कि सिवा कुछ नहीं लगेगा। आइए जानते हैं इस अनोखे स्कूल के बारे में.....

यहां अध्यापक छूते हैं छात्रों के पैर

यहां अध्यापक छूते हैं छात्रों के पैर

आज हम आपको एक ऐसे अनोखे स्कूल के बारे में बताएंगे जहां कहानी थोड़ी उल्टी और हैरान करने वाली है।

ये स्कूल मुंबई के घाटकोपर में बना है। इस स्कूल का नाम ऋषिकुल गुरुकुल विद्यालय है, यहां पर शिक्षकों द्वारा छात्रों के पैर छूने की परम्परा है।

इसके पीछे भी है एक मान्यता

इसके पीछे भी है एक मान्यता

इस स्कूल के प्रबंधन की एक मान्यता है कि बच्चे भगवान का रूप होते हैं इसलिए यहां के शिक्षक रोज झुककर उनके पैर छूते है।

यहां के अध्यापक कहते है कि बच्चों के सामने झुकना भगवान के सामने नतमस्तक होने जैसा है।

नवरात्रों में होती है बच्चों की पूजा

नवरात्रों में होती है बच्चों की पूजा

पूजा की और भावना की बात करें तो हमारे यहां नवरात्रों में भी छोटे-छोटे बच्चों की पूजा होती है जो हमारी संस्कृति को औरों से अलग करती है।

शिक्षको की राय है अलग

शिक्षको की राय है अलग

इस स्कूल के शिक्षकों का मानना है कि हमें बिना किसी बंदिश के हर उम्र के लोगों का सम्मान करना चाहिए।

साथ ही उनका ये मानना भी है कि छात्रों के पैर छूने से अध्यापक और छात्रों के बीच के अच्छा तालमेल रहता है जो उनको शिक्षा प्राप्त करने में मदद करता है।

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