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15 अक्टूबर...आज से शुरु होगी दुनिया की तबाही, जानिए कारण
आपने कई तरह की भविष्यवाणियां तो सुनी ही होगी। दुनिया की तबाही की भविष्यवाणियां तो कई बार हुई है पर आजतक ऐसा कभी नहीं हुआ जो 15 अक्टूबर को लेकर खुलासा हुआ है। कई स्तरों पर हुई भविष्यवाणी इसके मूल में है। यह बताया गया है कि आगामी 15 अक्टूबर से इस दुनिया की तबाही का क्रम प्रारंभ होगा।
सूनामी और भूकंप से इसकी शुरुआत होगी और अंततः कई किस्म की प्राकृतिक आपदाओं की वजह से इस दुनिया का अंत हो जाएगा। इस किस्म की भविष्यवाणी करने वालों का यह भी दावा है कि उनकी गणना सही है। वैसे बताते चलें कि दुनिया के समाप्त हो जाने की ऐसी भविष्यवाणियां पहले भी होती रही हैं।
पृथ्वी के पूरी तरह समाप्त हो जाने की यह चर्चा कई सौ वर्षों से चली आ रही है। लेकिन आज तक किसी की भी भविष्यवाणी सही साबित नहीं हुई है। लेकिन इस बार ऐसा क्या हुआ जिससे ये खबर 15 अक्टूबर को विनाश की शुरुआत से जोड़कर देखी जा रही है।

इससे जुड़े है कई वैज्ञानिक तर्क
ये सिर्फ हवा में कही जाने वाली बात नहीं है और ना ही इसे हम यूं ही कह रहे है। इसकी भविष्यवाणी से जुड़ा एक वैज्ञानिक कारण भी है। इस बार भविष्यवाणी करने वाले कुछ लोगों ने इसमें अंतरिक्ष विज्ञान को भी अपने तर्कों में जोड़ लिया है। उनका कहना है क निबूरू या प्लानेट एक्स नामक एक तारा अचानक पृथ्वी से टकरायेगा। इस टक्कर से ही पृथ्वी के अंत की शुरुआत होगी। इस तारा के टकराने की पहली तिथि सितंबर माह के 23 तारीख को बतायी गयी थी। जो अंततः गलत साबित हुई। उसके बाद से अब 15 अक्टूबर की यह तिथि घोषित की जा रही है। लेकिन इसके बाद देखने वाली बात ये बात किस हद तक सही साबित होती है।

प्राकृतिक आपदा से तबाही
इसी दौरान प्राकृतिक आपदाओं की वजह से यह धरती तबाह हो जाएगी। उनका अब भी दावा है कि तबाही की शुरूआत तो तारा के टकराने से ही होगी।
मीडे मानते हैं कि जब यह तारा पृथ्वी के पास आयेगा तो कई इलाकों में ज्वालामुखी भी फटना प्रारंभ हो जाएगा।

कुछ लोगो का मानना है ये
ऐसी सोच रखने वालों का मानना है कि इस शुरुआत तो 21 अगस्त को ही हो गयी थी जबकि सूर्य ग्रहण हुआ था। मीडे की दलील थी कि मेक्सिको में भूकंप और टेक्सास में बाढ़ के अलावा कई इलाकों में लगातार भीषण तूफान इसके ही संकेत हैं।

नहीं लगा सकते तबाही का अनुमान
तबाही का अनुमान लगाना एक ऐसी बात होगी की आपने पूरी दुनिया को अपने कब्जे में कर लिया है। इसमें क्या होगा ये भगवान को ही सही से पता है। बाकि आने वाला समय ही बताएगा कि इस बात में कितनी सच्चाई है।

क्या कहते है दावे
इस तबाही के दावों में सबसे ऊपर जो चल रहा है वो ये है कि इसका संबंध ग्लोबल वार्मिंग से लेकर देश और दुनिया में हो रहे परमाणु विस्फोट और कई तरह के प्रयोगों के चलते हो सकता है। इस किस्म के दावों में आगे रहने वाले डेव मीडे ने कहा कि सात वर्षों के इस काल खंड को जो समय प्रारंभ हो रहा है। वह अगले सात वर्षों तक जारी रहेगा।



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