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रिक्शा चलाने वाले ने मालिक को वापिस किया गहनों से भरा बैग
हावड़ा में रिक्शा चलाने वाले 54 वर्षीय मंटू शाह की ईमानदारी की आज हर कोई तारीफ कर रहा है। आपको बता दें कि मंटू ने अपनी सवारी के सोने और हीरे से भरा बैग और 60 हज़ार रुपए पाया कैश लौटा दिया। लिलुआह के पास जब महिला ऑटो से अपने घर उतरी तो मंटू के ऑटो में ही अपने गहनों और रुपयों से भरा बैग भूल गई। इन गहनों की कीमत 2.98 लाख रुपए थी।
हावड़ा की बजरंग बली मार्केट में अपने किसी रिश्तेदार से मिलकर आ रही रुक्मिणी ने पास की ही दुकान से ये गहने खरीदे थे। बाद में वो मंटू के रिक्शा से लिलुआह स्थित अपने घर उतर गई।

घर पहुंचने के बाद रुक्मिणी को पता चला कि वो अपना बैग ऑटो में भी भूल आई है। तब वो तुरंत बेलूर पुलिस स्टेशन पहुंची और अपने बैग के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज करवाई।
तब तक मंटू खुद अपने बेलूर सिमुलतला घाट स्थित घर पहुंच चुका था और उसने देखा कि उसके ऑटो की पीछे वाली सीट पर बैग रखा था। उसने घर जाकर ये बैग अपनी पत्नी अन्नू को दिखाया। वो दोनों इस बैग को वापिस करने बेलूर पुलिस स्टेशन पहुंचे।
उनके पुलिस स्टेशन से जाने के बाद बेलूर ओसी स्वपन साहा ने रुक्मिणी को फोन किया। दुबई की रहने वाली रुक्मिणी को अपने बैग के मिल जाने की खबर सुनकर बहुत खुशी हुई। उसने मंटू की ईमानदारी से खुश होकर उसे 10,000 रुपए ईनाम में दिए।
उसने मंटू का बहुत बहुत धन्यवाद किया और इस मदद के लिए मंटू से पूछा कि उसे बहुत खुशी होगी अगर वो उसके लिए कुछ कर पाए तो। तब मंटू ने कहा कि अगर उसके पास अपना ऑटो रिक्शा या ई-रिक्शा होता तो वो आराम से अपने परिवार का पेट पाल सकता था। अगले दिन की सुबह रुक्मिणी की दुबई वापिसी की फ्लाइट थी और इससे पहले उसने ओसी के हाथ मंटू को एक चैक भिजवा दिया जिससे कि वो अपने लिए रिक्शा खरीद सके।
जिस उम्र में लोग पैसों के लिए बेईमान बन जाते हैं वहीं मंटू जैसे रिक्शा चालक ने अपनी ईमानदारी से एक मिसाल कायम की है। उसकी ईमानदारी की तारीफ करनी चाहिए।



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