Latest Updates
-
Varalakshmi Vrat Katha: वरलक्ष्मी व्रत के दिन जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, धन से जुड़ी बाधाएं होंगी दूर -
Varalakshmi Vrat 2026 Wishes: मां लक्ष्मी का आशीर्वाद...वरलक्ष्मी व्रत पर प्रियजनों को भेजें ये शुभकामना संदेश -
Rakhi Gift Ideas For Sister: इस रक्षाबंधन बहन को दें ये 7 प्यार भरे तोहफे, देखते ही खुशी से झूम उठेगी -
World Mosquito Day 2026: मच्छरों के काटने से हो सकती हैं ये खतरनाक बीमारियां, बचाव के लिए अपनाएं ये घरेलू उपाय -
पुरूषों को स्पर्म काउंट बढ़ाने के लिए खानी चाहिए ये 7 चीजें, फर्टिलिटी में होगा सुधार -
घर में अचानक कॉकरोच निकलना शुभ या अशुभ? जानें ज्योतिष और वास्तु के संकेत -
40 की उम्र में भी नजर आएंगी 20 की, हेल्दी और ग्लोइंग स्किन के लिए डाइट में शामिल करें ये 7 फूड्स -
September Travel Destinations: सितंबर में घूमने के लिए बेस्ट हैं ये भारत की ये 7 खूबसूरत जगहें, मिलेगा यादगार -
World Photography Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व फोटोग्राफी दिवस? जानें इस दिन का इतिहास, महत्व और थीम -
5 साल से तालाब में रह रहे इकबाल की मदद के लिए आगे आए अनंत अंबानी, इलाज के लिए मुंबई एयरलिफ्ट कराया
Nipah Virus से बेपरवाह, ये महिला रहती है 400 चमगादड़ों के साथ
जहां एक ओर निपाह वायरस के आतंक ने पूरे देशभर में अपना खौफ फैलाया हुआ है। वहीं वहीं गुजरात के एक गांव में रहने वाली 74 वर्ष की बुर्जुग महिला 400 चमगादड़ों के साथ अपने अशियाने में आराम के साथ रहती है। इन चमगादड़ों ने महिला के घर को ही अपना घर बना लिया है। ये चमगादड़ इस महिला के घर में करीब एक दशक के ज्यादा समय से रह रहे है। वहीं इस महिला को भी इन चमगादड़ों से फैलने वाले निपाह वायरस का कोई डर नहीं है। वो कहतीहै अब ये चमगादड़ ही मेरा परिवार है।
आइए जानते है इस महिला के बारे में जो निपाह वायरस के खौफ की परवाह किए बगैरह ही इन चमगादड़ों के साथ रह रही है। कौन है bat woman और क्यों इन चमगादड़ों के साथ रहना इन्हें पसंद है?

चमचिड़ियावाला बा के नाम से जानते है
अहमदाबाद से 50 किलोमीटर दूर राजपुर गांव में रहने वाली 74 साल की शांताबेन को इस इलाके के पूरे लोग चमचिड़ियावाला बा (चमगादड़ों के साथ रहने वाली) के नाम से जानते है।
घर में रहते हैं करीब 400 चमगादड़
शांताबेन ने बताया कि मेरे घर में इनका कुनबा तब और बढ़ गया जब मैंने आंगन में खाना बनाना और सोना शुरू किया। वो कहती हैं कि शुरुआत एक दशक पहले चमगादड़ों ने उनके घर में रहना शुरु किया था। जब उनके घर की कच्ची दीवार को एक समूह ने अपना घर बनाया था। उसके बाद उनका कुनबा बढ़ता ही चला गया। चमगादड़ों के झुंड ने उनके घर की चारों दीवारें को अपना अड्डा बनाया हुआ है। शांताबेन का दो मंजिले का मकान है जिसमें उपर वाली मंजिल पर चमगादड़ रहते हैं।
ये चमगादड़ मेरा परिवार हैं
पति की मौत और बेटियों के शादी के बाद ये चमगादड़ ही उनके साथी हैं। निपाह वायरस के बारे में बात करने पर शांताबेन ने कहा उस बीमारी के बारे में सुना है पर मुझे उससे कोई डर नहीं है। ये चमगादड़ मेरा परिवार हैं। मैं एक दशक से इनके साथ रह रही हूं। शांताबेन के साथ रहने वाला कोई नहीं है क्योंकि उनकी तीन बेटियां हैं और उनकी की शादी हो चुकी है और उनका एक बेटा है जो मुंबई में रहता है। 30 साल की उम्र में उनके पति कांजीभाई की आसमानी बिजली गिरने से मौत हो गई थी। उसके बाद उन्होंने ही मेहनत मजदूरी करके अपने बच्चों को बड़ा किया।
बदबू हटाने के लिए जलाती है नीम और कपूर
चमगादड़ों की लीद से आने वाले बदबू से निजात पाने के लिए वो नीम और कपूर जलती हैं। चमगादड़ों को हटाए जाने की बात पर शांताबेन ने कहा कि मैं कौन होती हूं उन्हें भगाने वाली, जब उन्हें जाना होगा वो चले जाएंगे।



Click it and Unblock the Notifications