Latest Updates
-
लंच में बनाएं उत्तर प्रदेश की चना दाल कढ़ी, उंगलिया चाटते रह जाएंगे घरवाले -
Gangaur Ke Geet: 'आ टीकी बहू गोराँ ने सोवै'...इन मधुर गीतों के बिना अधूरी है गौरा पूजा, यहां पढ़ें पूरे लिरिक्स -
प्रेगनेंसी के शुरुआती 3 महीनों में भूलकर भी न खाएं ये 5 चीजें, वरना बच्चे की सेहत पर पड़ेगा बुरा असर -
Viral Video: टीम इंडिया की T20 वर्ल्ड कप जीत पर पाकिस्तान में जश्न, काटा केक और गाया 'जन-गण-मन' -
कौन हैं Mahieka Sharma? जिसके प्यार में 'क्लीन बोल्ड' हुए Hardik Pandya, देखें वायरल वीडियो -
कौन हैं Aditi Hundia? T20 वर्ल्ड कप जीत के बाद Ishan Kishan के साथ डांस Video Viral -
काले और फटे होंठों से हैं परेशान? तो पिंक लिप्स पाने के लिए आजमाएं ये घरेलू नुस्खे -
Chaitra Navratri 2026: 8 या 9 दिन जानें इस बार कितने दिन के होंगे नवरात्र? क्या है माता की सवारी और इसका फल -
Gangaur Vrat 2026: 20 या 21 मार्च, किस दिन रखा जाएगा गणगौर व्रत? नोट करें तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त -
घर में लाल चीटियों का दिखना शुभ है या अशुभ? जानें शकुन शास्त्र के ये 5 बड़े संकेत
Nipah Virus से बेपरवाह, ये महिला रहती है 400 चमगादड़ों के साथ
जहां एक ओर निपाह वायरस के आतंक ने पूरे देशभर में अपना खौफ फैलाया हुआ है। वहीं वहीं गुजरात के एक गांव में रहने वाली 74 वर्ष की बुर्जुग महिला 400 चमगादड़ों के साथ अपने अशियाने में आराम के साथ रहती है। इन चमगादड़ों ने महिला के घर को ही अपना घर बना लिया है। ये चमगादड़ इस महिला के घर में करीब एक दशक के ज्यादा समय से रह रहे है। वहीं इस महिला को भी इन चमगादड़ों से फैलने वाले निपाह वायरस का कोई डर नहीं है। वो कहतीहै अब ये चमगादड़ ही मेरा परिवार है।
आइए जानते है इस महिला के बारे में जो निपाह वायरस के खौफ की परवाह किए बगैरह ही इन चमगादड़ों के साथ रह रही है। कौन है bat woman और क्यों इन चमगादड़ों के साथ रहना इन्हें पसंद है?

चमचिड़ियावाला बा के नाम से जानते है
अहमदाबाद से 50 किलोमीटर दूर राजपुर गांव में रहने वाली 74 साल की शांताबेन को इस इलाके के पूरे लोग चमचिड़ियावाला बा (चमगादड़ों के साथ रहने वाली) के नाम से जानते है।
घर में रहते हैं करीब 400 चमगादड़
शांताबेन ने बताया कि मेरे घर में इनका कुनबा तब और बढ़ गया जब मैंने आंगन में खाना बनाना और सोना शुरू किया। वो कहती हैं कि शुरुआत एक दशक पहले चमगादड़ों ने उनके घर में रहना शुरु किया था। जब उनके घर की कच्ची दीवार को एक समूह ने अपना घर बनाया था। उसके बाद उनका कुनबा बढ़ता ही चला गया। चमगादड़ों के झुंड ने उनके घर की चारों दीवारें को अपना अड्डा बनाया हुआ है। शांताबेन का दो मंजिले का मकान है जिसमें उपर वाली मंजिल पर चमगादड़ रहते हैं।
ये चमगादड़ मेरा परिवार हैं
पति की मौत और बेटियों के शादी के बाद ये चमगादड़ ही उनके साथी हैं। निपाह वायरस के बारे में बात करने पर शांताबेन ने कहा उस बीमारी के बारे में सुना है पर मुझे उससे कोई डर नहीं है। ये चमगादड़ मेरा परिवार हैं। मैं एक दशक से इनके साथ रह रही हूं। शांताबेन के साथ रहने वाला कोई नहीं है क्योंकि उनकी तीन बेटियां हैं और उनकी की शादी हो चुकी है और उनका एक बेटा है जो मुंबई में रहता है। 30 साल की उम्र में उनके पति कांजीभाई की आसमानी बिजली गिरने से मौत हो गई थी। उसके बाद उन्होंने ही मेहनत मजदूरी करके अपने बच्चों को बड़ा किया।
बदबू हटाने के लिए जलाती है नीम और कपूर
चमगादड़ों की लीद से आने वाले बदबू से निजात पाने के लिए वो नीम और कपूर जलती हैं। चमगादड़ों को हटाए जाने की बात पर शांताबेन ने कहा कि मैं कौन होती हूं उन्हें भगाने वाली, जब उन्हें जाना होगा वो चले जाएंगे।



Click it and Unblock the Notifications











