Latest Updates
-
Ganesh Chaturthi Decoration Ideas: गणेश चतुर्थी पर ऐसे सजाएं बप्पा का दरबार, कम खर्च में ये आइडियाज आएंगे काम -
Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज पर हाथों में लगी मेहंदी का चाहती हैं डार्क कलर, तो आजमाएं ये 4 आसान टिप्स -
Modak Recipe: गणेश चतुर्थी पर बप्पा के लिए घर पर बनाएं उनके प्रिय उकडिचे मोदक, जानें इसकी आसान रेसिपी -
Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज का व्रत कब है? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व -
ना मूर्ति, ना पुजारी, सूर्यास्त के बाद एंट्री भी मना, जानिए फिल्म 'The Vvaan' वाले वन देवी मंदिर का रहस्य -
नेपाल में बाढ़ के बाद भूकंप, इंडोनेशिया में फटा ज्वालामुखी, क्या बाबा वेंगा की भविष्यवाणी हुई सच? -
Pithori Amavasya 2026: आज या कल, पिठोरी अमावस्या कब है? जानें सही तारीख, स्नान-दान का शुभ मुहूर्त और महत्व -
World Suicide Prevention Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस? जानें इसका इतिहास और महत्व -
तांबे के बर्तन में पानी पीने से मिलेंगे ये 5 फायदे, डायजेशन के साथ इम्यूनिटी भी होगी मजबूत -
Ganesh Chaturthi 2026: कब है गणेश चतुर्थी? जानें तिथि, गणपति स्थापना का शुभ मुहूर्त और विसर्जन की तारीख
Nipah Virus से बेपरवाह, ये महिला रहती है 400 चमगादड़ों के साथ
जहां एक ओर निपाह वायरस के आतंक ने पूरे देशभर में अपना खौफ फैलाया हुआ है। वहीं वहीं गुजरात के एक गांव में रहने वाली 74 वर्ष की बुर्जुग महिला 400 चमगादड़ों के साथ अपने अशियाने में आराम के साथ रहती है। इन चमगादड़ों ने महिला के घर को ही अपना घर बना लिया है। ये चमगादड़ इस महिला के घर में करीब एक दशक के ज्यादा समय से रह रहे है। वहीं इस महिला को भी इन चमगादड़ों से फैलने वाले निपाह वायरस का कोई डर नहीं है। वो कहतीहै अब ये चमगादड़ ही मेरा परिवार है।
आइए जानते है इस महिला के बारे में जो निपाह वायरस के खौफ की परवाह किए बगैरह ही इन चमगादड़ों के साथ रह रही है। कौन है bat woman और क्यों इन चमगादड़ों के साथ रहना इन्हें पसंद है?

चमचिड़ियावाला बा के नाम से जानते है
अहमदाबाद से 50 किलोमीटर दूर राजपुर गांव में रहने वाली 74 साल की शांताबेन को इस इलाके के पूरे लोग चमचिड़ियावाला बा (चमगादड़ों के साथ रहने वाली) के नाम से जानते है।
घर में रहते हैं करीब 400 चमगादड़
शांताबेन ने बताया कि मेरे घर में इनका कुनबा तब और बढ़ गया जब मैंने आंगन में खाना बनाना और सोना शुरू किया। वो कहती हैं कि शुरुआत एक दशक पहले चमगादड़ों ने उनके घर में रहना शुरु किया था। जब उनके घर की कच्ची दीवार को एक समूह ने अपना घर बनाया था। उसके बाद उनका कुनबा बढ़ता ही चला गया। चमगादड़ों के झुंड ने उनके घर की चारों दीवारें को अपना अड्डा बनाया हुआ है। शांताबेन का दो मंजिले का मकान है जिसमें उपर वाली मंजिल पर चमगादड़ रहते हैं।
ये चमगादड़ मेरा परिवार हैं
पति की मौत और बेटियों के शादी के बाद ये चमगादड़ ही उनके साथी हैं। निपाह वायरस के बारे में बात करने पर शांताबेन ने कहा उस बीमारी के बारे में सुना है पर मुझे उससे कोई डर नहीं है। ये चमगादड़ मेरा परिवार हैं। मैं एक दशक से इनके साथ रह रही हूं। शांताबेन के साथ रहने वाला कोई नहीं है क्योंकि उनकी तीन बेटियां हैं और उनकी की शादी हो चुकी है और उनका एक बेटा है जो मुंबई में रहता है। 30 साल की उम्र में उनके पति कांजीभाई की आसमानी बिजली गिरने से मौत हो गई थी। उसके बाद उन्होंने ही मेहनत मजदूरी करके अपने बच्चों को बड़ा किया।
बदबू हटाने के लिए जलाती है नीम और कपूर
चमगादड़ों की लीद से आने वाले बदबू से निजात पाने के लिए वो नीम और कपूर जलती हैं। चमगादड़ों को हटाए जाने की बात पर शांताबेन ने कहा कि मैं कौन होती हूं उन्हें भगाने वाली, जब उन्हें जाना होगा वो चले जाएंगे।



Click it and Unblock the Notifications
