Latest Updates
-
Sharad Purnima 2026: शरद पूर्णिमा की रात शारीरिक संबंध बना सकते हैं या नहीं? जानें क्या है नियम -
शरद पूर्णिमा की रात चांद की रोशनी में क्यों रखी जाती है खीर? जानें धार्मिक और वैज्ञानिक कारण -
Karwa Chauth 2026: करवा चौथ से पहले चेहरे पर चाहिए नेचुरल ग्लो? ट्राई करें शहनाज हुसैन के ये 5 होममेड फेस पैक -
Sharad Purnima 2026: 25 या 26 अक्टूबर, कब है शरद पूर्णिमा? जानें सही तिथि, शुभ मुहूर्त और चंद्रोदय का समय -
Shamonda Virus: शमोंडा वायरस क्या है और कैसे फैलता है? फ्रांस में पहली बार इंसान संक्रमित, जांच शुरू -
बार-बार सिरदर्द होना हो सकता है इन 6 गंभीर बीमारियों का संकेत, नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी -
सौंफ और धनिया का पानी पीने से सेहत को मिलते हैं कई फायदे, जानें सेवन का सही तरीका -
नसों में जमा कोलेस्ट्रॉल को कम कर सकते हैं ये 5 योगासन, नियमित अभ्यास से हार्ट डिजीज का खतरा होगा कम -
चेहरे पर नारियल तेल में मिलाकर लगाएं कॉफी पाउडर, स्किन की इन 5 समस्याओं से मिलेगा छुटकारा -
Myth Vs Fact: टाइट ब्रा पहनने से ब्रेस्ट कैंसर होता है? डॉक्टर से जानिए ऐसे ही 10 मिथ और उनकी सच्चाई
करगिल में बम ब्लास्ट में पैर गंवाने वाले इस जवान ने मिलिट्री गेम्स में लगाई गोल्ड की हैट्रिक
चाइना के वुहान में खेले जा रहे 7वें मिलिट्री गेम्स में भारत के आनंदन गुनासेकरन ने 100, 200 और 400 मीटर स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर गोल्ड हैट्रिक कर देश सिर ऊंचा उठा दिया है। आनंदन ने ये गोल्ड मेडल विकलांगों की 100 मीटर पुरुष IT1 में जीता है। मद्रास सेपर्स के इस सूबेदार की काहानी लोगों के लिए काफी प्रेरणादाई हैं।
आनंदन 2005 में भारतीय आर्मी के साथ जुड़े थे, जहां 2008 में जम्मू और कश्मीर में LOC के पास हुए माइन ब्लास्ट में उन्हें अपना एक पैर गंवाना पड़ा था। लेकिन उन्होंने फिर भी हिम्मत नहीं हारी और अपने जांबाज हौंसले के दम पर वह पैरा खेल में आ गए।

कर चुके हैं पहले भी कई पदक अपने नाम
ये पहली दफा नहीं है जब आनंदन ने ऐसा कोई बड़ा कारनामा किया हो। इससे पहले आनंदन एशियन पैरा गेम्स में भी भारत के लिए रजत और कांस्य पदक जीत चुके हैं। जकार्ता में हुए 2018 एशियन पैरा गेम्स में आनंदन ने 400 मीटर और 200 मीटर के T44/T62/64 कैटेगिरी में ये पदक जीते थे। इसके अलावा आनंदन ने 2017 वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स ग्रां प्री में भी 400 मीटर में गोल्ड जीता था। जबकि IPC एथलेटिक्स एशिया-ओशियाना चैंपियनशिप के 200 मीटर इवेंट में भी उन्हें रजत पदक हासिल हुआ था।

कई देशो के सैनिक लेते है भाग
ये पहली बार है जब चाइना को मिलिट्री वर्ल्ड गेम्स की मेज़बानी का मौक़ा मिला है, साथ ही साथ चाइना में होने वाली ये अब तक की सबसे बड़ी सैन्य प्रतियोगिता है। जिसमें 140 देशों के क़रीब 10 हज़ार एथलीट हिस्सा ले रहे हैं और कुल 27 खेलों में पदक की होड़ लगी है। इस खेल का आयोजन चाइना के मिलिट्री स्पोर्ट्स कमिशन द्वारा हो रहा है, अंतर्राष्ट्रीय खेल संघ के तत्वाधान में चल रहा है।

पैरालंपिक्स में है नजर
2012 में आनंदन लकड़ी के पैर के साथ 100 और 200 मीटर की दौड़ में अपने करियर का आग़ाज़ किया। जिसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और फिर 2016 में उनके शानदार प्रदर्शन ने उन्हें यहां तक पहुंचा दिया है। आनंदन की नज़र अब 2020 पैरालंपिक्स में भारत का नाम रोशन करने पर है।



Click it and Unblock the Notifications
