Latest Updates
-
सुबह खाली पेट जौ का पानी पीने से दूर होंगी ये 5 समस्याएं, जानें इसे बनाने का तरीका -
Baglamukhi Jayanti 2026: बगलामुखी जयंती कब है? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
फैटी लिवर में कौन सा योग करें? जानें लिवर को साफ और मजबूत रखने के लिए योगासन -
May 2026 Vrat Tyohar: वट सावित्री, शनि जयंती सहित मई माह में पड़ रहे हैं कई व्रत-त्योहार, देखें पूरी लिस्ट -
Swapna Shastra: सपने में मरे हुए व्यक्ति को देखने का क्या मतलब होता है? जानें ये शुभ होता है या अशुभ -
Bael Juice Benefits: गर्मियों में रोजाना पिएं एक गिलास बेल का जूस, सेहत को मिलेंगे ये 5 फायदे -
Who Is Divyanka Sirohi: कौन हैं एक्ट्रेस दिव्यांका सिरोही? जिनका 30 साल की उम्र में हार्ट अटैक से हुआ निधन -
Kedarnath Yatra 2026: केदारनाथ यात्रा आज से शुरू, रजिस्ट्रेशन से हेलीकॉप्टर बुकिंग तक जानें सभी जरूरी नियम -
बालों की ग्रोथ के लिए इस तरह करें केले के छिलके का इस्तेमाल, कुछ ही दिनों में घुटनों तक लंबे हो सकते हैं बाल -
दीपिका कक्कड़ की MRI रिपोर्ट में मिले 2 नए सिस्ट, अब होगी इम्यूनोथेरेपी, जानें क्या है ये ट्रीटमेंट
पैंगोलिन का है कोरोना वायरस से गहरा कनेक्शन, 24 हजार रुपये किलो है कीमत
कोरोना वायरस चीन समेत पूरी दुनिया में हड़कंप मचा रहा है। शुरुआत में कोरोना वायरस के फैलने का कारण चमगादड़ और साप के मांस को बताया गया है, वहीं अब कहां जा है कि कोरोना वायरस फैलने का कारण पैंगोलिन जानवर है। अभी तक कोरोना वायरस के कारण की पुष्टि नहीं हुई है। लेकन कहा जा रहा है कि कोरोना वायरस पैंगोलिन जानवर के मांस खाने की वजह से हुआ है। बता दें कि चीन में पैंगोलिन के मांस को बड़े चाव से खाया जाता है।

पैंगोलिन जानवर की खाल 24 हजार रुपए में बिकती है। पैंगोलिन की खाल का इस्तेमाल दवाई में किया जाता है। चीन की पारंपरिक दवाई में पैंगोलिन की खाल का बहुत इस्तेमाल किया जाता है। बता दें कि दवाई के साथ साथ चीन और वियतनाम में पैंगोलिन के मांस को खाना अमीर होने की निशानी होती है। जिसकी वजह से पैंगोलिन की अवैध तस्करी होती है।

पैंगोलिन
पैंगोलिन एक स्तनधारी जीव है। पैंगोलिन के शरीर पर स्केलनुमा संरचना बनी होती हैं। पैंगोलिन चींटी और दीमक सेवन करते हैं। पैंगोलिन एक ऐसा जानवर है जिसकी दुनिया में सबसे ज्यादा अवैध तस्करी होती है। खासक चीन और वियतनाम में पैंगोलिन की काफी मांग रहती हैं।

पैंगोलिन की खाल से बनती है दवाई
पैंगोलिन एशिया और अफ्रीका में काफी पाया जाता है। पैंगोलिन की काफी मांग है क्योंकि पैंगोलिन की खाल से दवाई बनाई जाती है। पैंगोलिन की खाल से बुखार, बहरापन और बच्चों की बीमारी की दवाई बनाई जाती हैं।

24 हजार रुपए किलों में मिलती है पैंगोलिन की खाल
पैंगोलिन का व्यापार एशिया और अफ्रीका में होता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में पैंगोलिन की खाल 24 हजार रुपए किलो तक की है। चीन और वियननाम में इसे मांस को बहुत ही चाव से खाया जाता है। चीन में पैगोंलिन के मांस को खाना अमीर होने की निशानी है।

पैंगोलिन का कोरोना कनेक्शन
वैज्ञानिको का मानना है कि पैंगोलिन कोरोना वायरस का मुख्य कारण हो सकता है। पैंगोलिन और कोरोना वायरस के मरीज के जीनोम में 90 प्रतिशत की तक समानता देखने को मिली है, जिसके बाद से ही कहा जा रहा है कि पैंगोलिन की वजह से कोरोना वायरस फैला है। इससे पहले कहा जा रहा था कि चमकगादड़ और सांप की वजह से कोरोना वायरस फैला है।



Click it and Unblock the Notifications