Latest Updates
-
IRCTC vs RailOne: टिकट बुक करने के लिए कौन सा ऐप है सुपरफास्ट? पीक ऑवर्स में भरोसेमंद कौन? -
कुछ मिनटों के लिए धरती पर छा जाएगा अंधेरा, जानें कब लगेगा सदी का सबसे लंबा सूर्य ग्रहण? -
MBA ग्रेजुएट जो 25 लाख की नौकरी छोड़ बना कैब ड्राइवर, आज कमा रहा पहले से 4 गुना ज्यादा -
Kashmiri Style Dum Aloo Recipe: अब घर पर पाएं रेस्टोरेंट जैसा स्वाद -
इन 7 लोगों को गर्मियों में अंडों से करना चाहिए पूरी तरह परहेज, वरना बिगड़ सकती है तबीयत -
Global Parents Day पर हमारे पहले मेंटर, पहले लीडर और सबसे बड़े सपोर्ट सिस्टम माता-पिता को भेजें ये कोट्स -
World Milk Day पर अपनों को बताएं दूध पीने के 10 बेमिसाल फायदे, हड्डियां रहेंगी वज्र जैसी मजबूत -
Global Parents Day 2026 Wishes: आपकी मुस्कान मेरी खुशी...ग्लोबल पेरेंट्स डे पर माता-पिता को भेजें ये खास संदेश -
MP Style Bafla Recipe: घर पर बनाएं मध्य प्रदेश का मशहूर और पौष्टिक नाश्ता -
World Milk Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व दुग्ध दिवस? जानिए इसका इतिहास, महत्व और थीम
पैंगोलिन का है कोरोना वायरस से गहरा कनेक्शन, 24 हजार रुपये किलो है कीमत
कोरोना वायरस चीन समेत पूरी दुनिया में हड़कंप मचा रहा है। शुरुआत में कोरोना वायरस के फैलने का कारण चमगादड़ और साप के मांस को बताया गया है, वहीं अब कहां जा है कि कोरोना वायरस फैलने का कारण पैंगोलिन जानवर है। अभी तक कोरोना वायरस के कारण की पुष्टि नहीं हुई है। लेकन कहा जा रहा है कि कोरोना वायरस पैंगोलिन जानवर के मांस खाने की वजह से हुआ है। बता दें कि चीन में पैंगोलिन के मांस को बड़े चाव से खाया जाता है।

पैंगोलिन जानवर की खाल 24 हजार रुपए में बिकती है। पैंगोलिन की खाल का इस्तेमाल दवाई में किया जाता है। चीन की पारंपरिक दवाई में पैंगोलिन की खाल का बहुत इस्तेमाल किया जाता है। बता दें कि दवाई के साथ साथ चीन और वियतनाम में पैंगोलिन के मांस को खाना अमीर होने की निशानी होती है। जिसकी वजह से पैंगोलिन की अवैध तस्करी होती है।

पैंगोलिन
पैंगोलिन एक स्तनधारी जीव है। पैंगोलिन के शरीर पर स्केलनुमा संरचना बनी होती हैं। पैंगोलिन चींटी और दीमक सेवन करते हैं। पैंगोलिन एक ऐसा जानवर है जिसकी दुनिया में सबसे ज्यादा अवैध तस्करी होती है। खासक चीन और वियतनाम में पैंगोलिन की काफी मांग रहती हैं।

पैंगोलिन की खाल से बनती है दवाई
पैंगोलिन एशिया और अफ्रीका में काफी पाया जाता है। पैंगोलिन की काफी मांग है क्योंकि पैंगोलिन की खाल से दवाई बनाई जाती है। पैंगोलिन की खाल से बुखार, बहरापन और बच्चों की बीमारी की दवाई बनाई जाती हैं।

24 हजार रुपए किलों में मिलती है पैंगोलिन की खाल
पैंगोलिन का व्यापार एशिया और अफ्रीका में होता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में पैंगोलिन की खाल 24 हजार रुपए किलो तक की है। चीन और वियननाम में इसे मांस को बहुत ही चाव से खाया जाता है। चीन में पैगोंलिन के मांस को खाना अमीर होने की निशानी है।

पैंगोलिन का कोरोना कनेक्शन
वैज्ञानिको का मानना है कि पैंगोलिन कोरोना वायरस का मुख्य कारण हो सकता है। पैंगोलिन और कोरोना वायरस के मरीज के जीनोम में 90 प्रतिशत की तक समानता देखने को मिली है, जिसके बाद से ही कहा जा रहा है कि पैंगोलिन की वजह से कोरोना वायरस फैला है। इससे पहले कहा जा रहा था कि चमकगादड़ और सांप की वजह से कोरोना वायरस फैला है।



Click it and Unblock the Notifications