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अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस 2019: कन्याओं को बचाने के लिए भारत की सरकारी योजनाएं
भविष्य में देश के विकास के लिए कन्याओं का बड़ा योगदान रहेगा। विज्ञान, टेक्नोलॉजी, खेल और व्यापार के क्षेत्र में लड़कियां अपना अभूतपूर्व योगदान दे रही हैं। हालांकि, भारत में लड़कों की तुलना में लड़कियों की संख्या अभी भी कम है।

संपूर्ण देश के विकास में प्रत्येक बच्ची का विकास भी जरूरी है और इसी उद्देश्य से भारत सरकार ने राज्य सरकार के साथ मिलकर बालिकाओं के विकास के लिए कई योजनाएं शुरु की हैं।
ये सरकारी योजनाएं लड़कियों को शिक्षित और सशक्त करने में मदद करेंगीं। आइए जानते हैं इस दिशा में केंद्र और राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई योजनाओं के बारे में।
सरकारी योजनाएं

बालिका समृद्धि योजना
15 अगस्त, 1947 को बालिका समृद्धि योजना शुरु की गई थी। इसके तहत 15 अगस्त 1947 तक और इसके बाद गरीबी रेखा के नीचे आने वाली सभी बालिकाओं को शामिल किया गया है। इस स्कीम का उद्देश्य गरीब लड़कियों को स्कूल जाने और 18 साल की उम्र तक शादी ना करने के लिए आर्थिक मदद दी जाती है। एक परिवार में से केवल एक कन्या ही इस योजना का लाभ उठा सकती है।
लाभ
जन्म के दौरान 500 रुपए और फिर दसवीं कक्षा तक हर साल कुछ धनराशि जमा करना।
कक्षा 3 तक : प्रति वर्ष 300 रुपए
कक्षा 4: प्रति वर्ष 500 रुपए
कक्षा 5: प्रति वर्ष 600 रुपए
कक्षा 6 और 7: प्रति वर्ष 700 रुपए
कक्षा 8: प्रति वर्ष 800 रुपए
कक्षा 9 और 10: प्रति वर्ष 1000 रुपए

बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ
इसकी शुरुआत महिला और बाल विकास मंत्रालय, मानव संसाधन विकास मंत्रालय और स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा की गई थी। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ स्कीम से लड़कियों की कम होती संख्या पर ध्यान दिया गया। इस स्कीम को 22 जनवरी, 2015 को लॉन्च किया गया था।
लाभ
यह भारत में लड़कियों की कम संख्या वाले 100 जिलों में बहु-सेक्टर पर केंद्रित है।
कन्या भ्रूण हत्या को रोकने और लड़कियों के महत्व के बारे में जागरूकता फैलाने का काम करना।
देश भर में लड़कियों के लिए कल्याणकारी सेवाओं की दक्षता में सुधार।
इस स्कीम के तहत जिला-स्तरीय शिक्षा अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना है कि उनके क्षेत्र में सभी लड़कियों के लिए मुफ्त प्राथमिक शिक्षा उपलब्ध हो।

सुकन्या समृद्धि योजना
इसका उद्देश्य माता-पिता को अपनी बेटी के बेहतर भविष्य के लिए प्रेरित करना है। माता-पिता बेटी के जन्म के बाद से ही उसकी शिक्षा और विवाह के लिए बचत करना शुरु कर दें। ये बचत खाता एक्टिवेट होने के बाद 14 साल तक एक्टिव रहता है। इस स्कीम को 22 जनवरी 2015 को लॉन्च किया गया था।
लाभ
इसमें 10 साल से कम उम्र की लड़कियों को शामिल किया गया है।
इसमें कर छूट और 9.1% से ब्याज दर की सुविधा है।
आप मात्र 1000 रुपए की धनराशि से अकाउंट खुलवा सकते हैं और अधिकतम जमा राशि 1,50,000 रुपए प्रतिवर्ष है।

मुख्यमंत्री राजश्री योजना
इस स्कीम को राजस्थान सरकार ने राज्य में महिलाओं के सशक्तिकरण और समानता के उद्देश्य से शुरू किया था। इससे कन्याओं को शिक्षा के लिए आर्थिक सहयोग प्रदान किया जाएगा।
लाभ
शिक्षा के लिए कन्याओं को आर्थिक सहायता प्रदान करना।
ये स्कीम खासतौर पर पिछड़े और गरीब परिवार की लड़कियों के लिए है।
प्राथमिक से लेकर उच्च कक्षा में पढ़ने वाली लड़कियों को स्कॉलरशिप देना।

सीबीएसई उड़ान स्कीम
ये स्कीम मानव संसाधन और विकास मंत्रालय के माध्यम से केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा चलाई जा रही है एवं इसे वर्ष 2014 में लॉन्च किया गया था। इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की बेटियों को नामचीन इंजीनियरिंग और टेक्निकल कॉलेजों में एडमिशन दिलवाना है।
लाभ
लड़कियों को सीबीएसई से जुड़े स्कूलों में पढ़ने के लिए कक्षा 11 और 12 में विज्ञान, भौतिकी या गणित स्ट्रीम में दाखिला दिलवाना।
इसमें सर्वश्रेष्ठ इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश के लिए 1000 चयनित लड़कियों को मुफ्त ऑनलाइन संसाधन प्रदान किए जाएंगें।

माध्यमिक शिक्षा के लिए लड़कियों को प्रोत्साहन की राष्ट्रीय योजना
ये स्कीम स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग और मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा चलाई जा रही है। ये खासतौर पर पिछड़े वर्ग की लड़कियों के लिए है। योजना के लिए SC/ST वर्ग की सभी लड़कियां जो कक्षा 8 उत्तीर्ण कर चुकी हैं और जिनकी आयु 16 वर्ष से कम है, वे योग्य हैं। इस स्कीम को मई, 2008 में लॉन्च किया गया था।
लाभ
इस योजना की पात्र लड़कियों के अकाउंट में 3,000 रुपये जमा किए जाते हैं और उनके 18 वर्ष के होने एवं कक्षा 10 पास करने पर इसे ब्याज सहित निकाला जा सकता है।
माध्यमिक स्तर पर 14-18 आयु वर्ग की बालिकाओं को पढ़ने के लिए प्रेरित करना

पश्चिम बंगाल कन्याश्री प्रकल्प
इस स्कीम की शुरुआत पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा की गई थी ताकि आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग की लड़कियों के जीवन में सुधार लाया जा सके और उनकी शादी 18 साल से पहले ना करवाई जाए। इस स्कीम को वर्ष 2011 में लॉन्च किया गया था।
अविवाहित 13 से 18 साल की आठवी से लेकर 12वीं कक्षा में पढ़ रही लड़कियों को साल में एक बार 500 रुपए देना। ये सभी लड़कियां सरकारी मान्यता प्राप्त स्कूल, नियमित रूप से ओपन स्कूल या व्यावसायिक या तकनीकी प्रशिक्षण पाठ्यक्रम से पढ़ाई कर रही हों।
सरकारी स्कूलों, ओपन स्कूल और कॉलेजों में नामांकन के समय या व्यावसायिक पाठ्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए 18 वर्ष के होने पर लड़कियों के लिए 25,000 रुपये का एक बार अनुदान।

लाडली लक्ष्मी योजना
लाडली लक्ष्मी योजना में 1 जनवरी 2006 के बाद पैदा हुई लड़कियों को शामिल किया गया है। ये बच्चियां अनाथ या गैर-आयकर करदाता परिवार से हों। माता-पिता के केवल दो बच्चे हों।
लाभ
अगले 4 वर्षों के लिए 6,000 रुपये का राष्ट्रीय बचत पत्र (NSC) दिया जाएगा जिसे समय-समय पर नवीनीकृत किया जाएगा।
कक्षा 6 में 2000 रुपए
कक्षा 9 में 4000 रुपए
कक्षा 11 में 7,500 रुपए
उच्चतर माध्यमिक शिक्षा के दौरान हर महीने 200 रुपए
21 साल पूरे होने पर उसे बाकी की धनराशि दी जाएगी। ये राशि 1 लाख से ज्यादा होगी।

शिवगामी अम्मैयार मेमोरियल गर्ल चाइल्ड प्रोटेक्शन स्कीम
इस स्कीम को गरीब परिवार की लड़कियों को आर्थिक सहायात प्रदान करने के लिए समाज कल्याण और पोषक भोजन कार्यक्रम विभाग द्वारा शुरू किया गया था। इस स्कीम का प्रमुख कार्य कन्या भ्रूण हत्या को कम करना और गरीब परिवार की लड़कियों के कल्याण हेतु कार्य करना है।
लाभ
जिस परिवार में केवल एक बालिका है, उस बालिका के नाम पर 22,200 रुपये की जमा राशि निर्धारित है।
जिस परिवार में दो लड़कियां हैं, वहां प्रत्येक बालिका के नाम पर 15,200 रुपये की जमा राशि निर्धारित है।



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