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पाकिस्तानी टीवी शो में गाने से लेकर इंटनेशनल एल्बम का हिस्सा बनने तक, कुछ ऐसा रहा सिंगर केके का म्यूजिकल सफर
हाल ही में गायक कृष्णकुमार कुनाथ, जिन्हें केके के नाम से जाना जाता है, के दुनिया से चले जाने से सिर्फ संगीत जगत ही नहीं, बल्कि पूरा देश सदमे में है। 31 मई को कोलकाता में लाइव कॉर्न्स्ट में परफॉर्म देने के बाद अचानक उनकी तबियत खराब हो गई। आनन-फानन में जब उन्हें अस्पताल ले जाया गया तो डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। जिसके बाद पूरा देश ही शोक की लहर में डूब गया।

कृष्णकुमार कुनाथ, अर्थात् केके यकीनन बहुमुखी प्रतिभा के धनी थ। अपने तीन दशकों के करियर में, केके ने ऐसे कई गाने गाए हैं, जो हर किसी की प्लेलिस्ट का हिस्सा हैं। केके ने अपने संगीत जीवन में हिंदी में 500 से अधिक गानों को गाया है, वहीं तेलुगु, बंगाली, कन्नड़ और मलयालम सहित विभिन्न अन्य भाषाओं में 200 से अधिक गीतों को अपनी आवाज देकर एक बेंचमार्क सेट किया है। तो चलिए जानते हैं केके के संगीत जीवन के सफर के बारे में-
केके की संगीत यात्रा बहुत ही अलग और यादगार रही है। केके का जन्म 1968 में हुआ था और उन्होंने दिल्ली के किरोड़ीमल कॉलेज से स्नातक किया था। सबसे पहले उन्होंने उन्होंने होटल उद्योग में अपना करियर शुरू किया था, लेकिन 1994 में उन्होंने सिंगिंग को आगे बढ़ाने के लिए मुंबई जाने का फैसला किया। एक इंटरव्यू में, केके ने बताया था कि वह अपनी पत्नी ज्योति को उनके सपनों को आगे बढ़ाने में मदद करने का श्रेय देते हैं। वहीं, उन्हें हरिहरन ने संगीत को करियर बनाने के लिए प्रोत्साहित किया था। यहां खास बात यह भी थी कि केके ने कभी भी संगीत में कोई औपचारिक प्रशिक्षण नहीं लिया, लेकिन फिर भी उन्होंने अपना रास्ता बना लिया। हालांकि जन्म से मलयाली होने के बावजूद भाषा उनके लिए कभी बाधा नहीं रही।

जिंगल्स गाकर की शुरुआत
केके ने अपने संगीत करियर की शुरूआत जिंगल्स के द्वारा की। मुंबई जाने के बाद, चार साल में केके ने 11 भाषाओं में 3,500 से अधिक जिंगल गाए। वहीं फिल्मों में, बतौर प्लेबैक सिंगर के रूप में उन्हें अपना पहला ब्रेक ए.आर. रहमान के हिट गीत कल्लूरी साले और हैलो डॉ के साथ मिला। बॉलीवुड में, उन्होंने गुलज़ार की माचिस से छोड आए हम के एक छोटे से हिस्से को गाकर शुरुआत की। लेकिन इससे उन्हें बहुत अधिक लाभ नहीं मिला। उनका पहला बॉलीवुड ब्रेक 1999 में फिल्म हम दिल दे चुके सनम से तड़प तड़प था। उन्होंने रणवीर और दीपिका की फिल्म 83 से ये हौसले को अपनी आवाज दी थी। इसे प्रीतम ने कंपोज किया था।
पहला एल्बम हुआ हिट
इसके बाद केके का सोलो एल्बम 'पल' रिलीज हुआ। जो वास्तव में एक बिग हिट था। इस एल्बम को लोग आज भी सुनना बेहद पसंद करते हैं। इसके बाद केके का दूसरा एकल एल्बम, हमसफ़र, 8 साल बाद आया और इसमें भी उनकी आवाज व गानों को लोगों ने काफी पसंद किया। इस एल्बम के कई गाने जैसे आसमान के, देखो ना, ये कहां मिल गए हम सहित कई गाने हिट हुए।
टीवी शो को भी दी अपनी आवाज
केके ने अपने करियर में कई टीवी शो के लिए भी गाया, जिसमें जस्ट मोहब्बत, शाका लाका बूम बूम, कुछ झुकी सी पालकें, हिप हिप हुर्रे, काव्यांजलि और जस्ट डांस शामिल हैं। गायिका ने श्रेया घोषाल के साथ स्टार परिवार अवार्ड्स 2010 का प्रोमो गाना भी गाया था।
दूसरे देशों में भी चलाया जादू
सिर्फ भारत में ही नहीं, केके ने पाकिस्तान में भी अपनी छाप छोड़ी। उन्होंने 2008 में हम टीवी पर प्रसारित पाकिस्तानी टीवी शो द घोस्ट के लिए तन्हा चला गाना गाया। इतना ही नहीं, उन्होंने एक अंतरराष्ट्रीय एल्बम, राइज अप कलर्स ऑफ पीस के लिए भी गाया। इसमें तुर्की के कवि फेतुल्लाह गुलेन द्वारा लिखित और 12 देशों के कलाकारों द्वारा गाए गए गीत शामिल थे। उनके गाने को रोज ऑफ माई हार्ट कहा जाता था।
ऐसी रही पर्सनल लाइफ
केके हमेशा से ही अपनी फैमिली को अपना सपोर्ट सिस्टम मानते हैं। वह बता भी चुके हैं कि उनकी पत्नी ने उनके सपनों को पूरा करने के लिए उन्हें प्रोत्साहित किया। बता दें कि केके ने 1991 में अपनी बचपन की प्रेमिका, ज्योति से शादी की। उनके दो बच्चे नकुल कृष्ण कुनाथ और एक बेटी, तमारा कुन्नाथ हैं।



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