Latest Updates
-
लंच में बनाएं उत्तर प्रदेश की चना दाल कढ़ी, उंगलिया चाटते रह जाएंगे घरवाले -
Gangaur Ke Geet: 'आ टीकी बहू गोराँ ने सोवै'...इन मधुर गीतों के बिना अधूरी है गौरा पूजा, यहां पढ़ें पूरे लिरिक्स -
प्रेगनेंसी के शुरुआती 3 महीनों में भूलकर भी न खाएं ये 5 चीजें, वरना बच्चे की सेहत पर पड़ेगा बुरा असर -
Viral Video: टीम इंडिया की T20 वर्ल्ड कप जीत पर पाकिस्तान में जश्न, काटा केक और गाया 'जन-गण-मन' -
कौन हैं Mahieka Sharma? जिसके प्यार में 'क्लीन बोल्ड' हुए Hardik Pandya, देखें वायरल वीडियो -
कौन हैं Aditi Hundia? T20 वर्ल्ड कप जीत के बाद Ishan Kishan के साथ डांस Video Viral -
काले और फटे होंठों से हैं परेशान? तो पिंक लिप्स पाने के लिए आजमाएं ये घरेलू नुस्खे -
Chaitra Navratri 2026: 8 या 9 दिन जानें इस बार कितने दिन के होंगे नवरात्र? क्या है माता की सवारी और इसका फल -
Gangaur Vrat 2026: 20 या 21 मार्च, किस दिन रखा जाएगा गणगौर व्रत? नोट करें तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त -
घर में लाल चीटियों का दिखना शुभ है या अशुभ? जानें शकुन शास्त्र के ये 5 बड़े संकेत
राशि ठाकरन की पहल से शुरू हुई देश की पहली मेन्टल हेल्थ हेल्पलाइन ‘किरण’, जानें कैसे करती है काम
यूनियन सोशल जस्टिस एंड एम्पॉवरमेंट मिनिस्ट्री के मिनिस्टर थावरचंद गहलोत ने हाल ही में इंडिया की पहली टोल फ्री मेन्टल हेल्थ रीहेबिलीटैशन हेल्पलाइन (1800-599-0019) 'किरण' लॉन्च की। ये हेल्पलाइन मेन्टल हेल्थ सर्विसेज़ जैसे प्रारंभिक जांच, प्राथमिक चिकित्सा, साइकोलॉजिकल सपोर्ट, डिस्ट्रेस मैनेजमेंट, मेन्टल वेलबींग, पॉज़िटिव बिहेवियर आदि के लिए काम करेगी।
13 अलग-अलग भाषाओं शुरू हुई ये हेल्पलाइन इंडिविजुअल, फ़ैमिली, NGOs, पैरेंट असोसिएशन, प्रोफ़ेशनल असोसिएशन, हॉस्पिटल्स या जिन्हें भी मदद की ज़रूरत है, उन्हें कॉउंसल करेगी। इसमें हिंदी, अंग्रेज़ी, मराठी, तमिल, तेलगु, मलयालम, कन्नड़, गुजराती, पंजाबी, उर्दु, बंगाली, असामीज, ओड़िआ भाषाओं को शामिल किया गया है। इस हेल्पलाइन को शुरु करने के पीछे वजह एक युवा लड़की राशि ठाकरन की पीटिशन है।

ऐसी शुरु की किरण की पहल
किरण हेल्पलाइन के शुरू होने के पीछे राशि ठाकरन का इनिशिएटिव है जो उन्होंने जून 2019 में शुरू किया था। राशि ठाकरन, मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव और मेन्टल हेल्थ एडवोकेट है। इस इनिशिएटिव को शुरू करने का विचार उन्हें अपने 18 साल के भाई के सुसाइड के बाद आया। उन्होंने रिसर्च की और लगभग 15 NGOs के हेल्पलाइन पर कॉल किया लेकिन सिर्फ तीन नंबर से रिस्पांस मिला। जब राशि ठाकरन ने गवर्मेंट हेल्पलाइन के लिए देखा तो उन्हें एक भी नहीं मिली और इसी के बाद उन्होंने इसके लिए change.org पर पीटिशन शुरू किया जिसे 2 महीनों के अंदर ही चार लाख से ज़्यादा लोगो का सपोर्ट मिला।
उसके बाद राशि ठाकरन कई गवर्मेन्ट ऑफिशल्स से मिली और कई नेशनल और इंटरनेशनल प्लेटफॉर्म्स पर इसके बारे में चर्चा करी। और अब आख़िरकार इंडिया में राशि ठाकरन की पहल की वजह से मेन्टल हेल्थ रीहेबिलीटैशन हेल्पलाइन ‘किरण' का संचालन शुरू हुआ।
एक के इंटरव्यू में राशि ठाकरन कहती हैं कि इस ख़बर से मुझे बहुत खुशी हुई लेकिन अभी भी हमें एक लंबा सफर तय करना है। हमें ये सुनिश्चित करना होगा कि ये हेल्पलाइन जारी रहे और जो भी एंग्जायटी, स्ट्रेस, डिप्रेशन या सुसाइडल थॉट्स से गुज़र रहे हैं, उनके पास बात करने के लिए कोई रहे।

इस तरह करता है काम
भारत के किसी भी हिस्से से अपने मोबाइल या लैंडलाइन से टोल फ्री नंबर 1800-599-0019 डायल करें। एक वेलकम मैसेज के बाद आपको एक भाषा चुननी होगी, उसके बाद आपको अपना राज्य/यूनियन टेरिटरी का चयन करना होगा। फिर आपके राज्य के हेल्पलाइन नंबर से कनेक्ट कर दिया जायेगा। अब आप अपनी बात उनके साथ साझा कर सकते हैं और वो आपकी मदद करेंगे या आपको आगे क्लीनिकल साइकॉलॉजिस्ट/साइकेट्रिस्ट/रिहैबिलिटेशन साइकॉलॉजिस्ट से कनेक्ट कर देंगे। यह सेवा सप्ताह के सातो दिन 24 घंटे चालू रहती है। इसमें 25 इंस्टीट्यूट को शामिल किया गया है। इसे 660 क्लीनिकल/रिहैबिलिटेशन साइकॉलॉजिस्ट और 668 साइकेट्रिस्ट के साथ जोड़ा गया है।
इंडिया में न ही मेन्टल हेल्थ के बारे में इतनी अवेयरनेस और न ही पर्याप्त मात्रा में मेन्टल हेल्थ प्रोफेशनल। और इस महामारी में स्ट्रेस कई गुना बढ़ गया है। हमारी सोसाइटी में मेन्टल हेल्थ पेशेंट्स को लेकर स्टिग्मा है और उस वजह से वो डॉक्टर की सलाह लेने में हिचकते है। इस समय गवर्मेंट का मेन्टल हेल्थ रीहेबिलीटैशन हेल्पलाइन ‘किरण' लॉन्च करना एक सराहनीय कदम है जिससे न ही सिर्फ लोग मदद ले पाएंगे बल्कि यह मेन्टल हेल्थ के बारे में लोगो को जागरूक भी करेगा।

मेन्टल हेल्थ रीहेबिलीटैशन हेल्पलाइन ‘किरण’ का सदुपयोग करें
राशि का कहना है कि सबसे में मेरी एक गुज़ारिश है हि अगर आपको वास्तव में मेन्टल हेल्थ प्रोफेशनल की मदद लेनी हो, तो ही आप इस हेल्पलाइन को डायल करें। हम में से कई हंसी मजाक के लिए भी टोल फ्री नंबर डायल कर लेते हैं जिससे सामने वाले का समय और रिसोर्सेज दोनों का ही दुरूपयोग होता है। और इस वजह से कई बड़े प्रोजेक्ट्स अधूरे रह जाते हैं और लोगो का भरोसा उठ जाता है जिससे ज़रूरतमंद तक मदद नहीं पहुंच पाती है। तो इसका सदुपयोग करें और ज़्यादा इसके बारे में अवेयर करें।



Click it and Unblock the Notifications











