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Tokyo Olympics 2020: वजन कम करने के लिए नीरज ने शुरु की थी जेवलिन थ्रो, अब देश को दिलाया पहला गोल्ड मेडल
आखिरकार ओलिंपिक गेम्स में भारत के नाम एक गोल्ड मेडल मिल ही गया और ये कारनामा कर दिखाया हरियाणा के नीरज चोपड़ा ने। उन्होंने फाइनल में 87.58 मीटर जेवलिन थ्रो कर गोल्ड मेडल जीता। यह नीरज का पहला ही ओलिंपिक है। इससे पहले वे पूल A के क्वालिफिकेशन में 86.65 मीटर थ्रो कर पहले स्थान पर रहे थे। ओलिंपिक गेम्स में 13 साल बाद भारत को किसी इवेंट में गोल्ड मेडल मिला है। इससे पहले 2008 में बीजिंग ओलिंपिक निशानेबाज अभिनव बिंद्रा ने गोल्ड जीता था।
जेवलिन थ्रो गेम में आना नीरज के लिए एक किस्मत की बात थी लेकिन अपनी कड़ी मेहनत से नीरज ने टोक्यो ओलिंपिक में देश का सिर ऊंचा कर दिया। आइए जानते है कौन है नीरज चोपड़ा और कैसे वो इस गेम में आए।

जिम से जेवलिन तक का सफर
जेवलिन थ्रो के फाइनल में गोल्ड जीतने वाले नीरज इस गेम में अचानक आए थे। उन्होंने जिम छोड़कर जेवलिन थ्रो करना शुरू किया था। शारीरिक रूप से ज्यादा फिट नहीं थे, इसलिए जिम जाते थे। जिम के पास ही स्टेडियम था, तो कई बार वे वहां टहलने के लिए चले जाते थे।
एक बार स्टेडियम में कुछ बच्चे जेवलिन कर रहे थे। नीरज वहां जाकर खड़े हो गए, तभी कोच ने उनसे कहा कि आओ जेवलिन फेंको, देखें आप कहां तक फेंक पाते हो। नीरज ने जेवलिन फेंका, तो वह काफी ज्यादा दूर जाकर गिरा। इसके बाद कोच ने उन्हें रेगुलर ट्रेनिंग में आने के लिए कहा। कुछ दिनों तक नीरज ने पानीपत स्टेडियम में ट्रेनिंग की, फिर पंचकूला में चले गए और वहां ट्रेनिंग करने लगे।

भारत का अब तक का 10वां गोल्ड
यह ओलिंपिक गेम्स में भारत का अब तक का 10वां गोल्ड मेडल है। भारत ने इससे पहले हॉकी में 8 और शूटिंग में 1 गोल्ड मेडल जीता है। इस तरह भारत का यह सिर्फ दूसरा व्यक्तिगत गोल्ड मेडल भी है।

इससे पहले 6 अंतरराष्ट्रीय मेडल जीत चुके हैं
नीरज टोक्यो ओलिंपिक से पहले अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 6 बड़े टूर्नामेंट में मेडल जीत चुके हैं। वे 2018 में जकार्ता एशियन गेम्स, गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स, 2017 में एशियन चैंपियनशिप, 2016 में साउथ एशियन गेम्स, 2016 में जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीत चुके हैं। जबकि 2016 में जूनियर एशियन चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीता था।

वजन कम करने के लिए बनें एथलीट
नीरज चोपड़ा हरियाणा के पानीपत जिले के रहने वाले हैं। उन्होंने वजन कम करने के लिए एथलेटिक्स जॉइन की थी। जल्द ही वे एज ग्रुप प्रतियोगिताओं में अच्छा परफॉर्म करने लगे और कई टूर्नामेंट में जीत हासिल की। 2016 में 19 वर्ष की आयु में उन्होंने इंडियन आर्मी जॉइन की।



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