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Maharana Pratap Death Anniversary: जरूर जानें वीरता, साहस, त्याग से भरे महाराणा प्रताप के बुलंद विचार
Maharana Pratap Quotes in Hindi: जब भी भारत के वीर सपूतों का नाम लिया जाता है, उस फेहरिस्त में मेवाड़ के राजा महराणा प्रताप का नाम जरूर शामिल किया जाता है।
महाराणा प्रताप एक महान राजा थे जो भारतीय इतिहास में अपनी वीरता और साहस के लिए प्रसिद्ध हैं। महाराणा प्रताप सिसोदिया राजवंश के महाराणा उदय सिंह और महाराणी जगमती के पुत्र थे और उनका जन्म 9 मई 1540 को हुआ था।

महाराणा प्रताप का नाम भारतीय इतिहास में हलचल मचा देने वाले हल्दीघाटी के युद्ध के संदर्भ में विशेष रूप से प्रसिद्ध है। हल्दीघाटी का युद्ध 18 जून 1576 को लड़ा गया था, जिसमें महाराणा प्रताप ने अकबर के सेनापति मानसिंह से मुकाबला किया था।
हल्दीघाटी के युद्ध में महाराणा प्रताप की सेना ने बड़ी बहादुरी से लड़ा। हालांकि इस युद्ध में उनकी हानि हो गई और मेवाड़ को अकबर के साम्राज्य में विलीन करना पड़ा, लेकिन महाराणा प्रताप ने अपनी स्वतंत्रता की लड़ाई जारी रखी और अपनी मौजूदगी को बनाए रखने के लिए संघर्ष किया।
महाराणा प्रताप ने अपने जीवनभर में मेवाड़ की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष किया और उनकी वीरता, साहस और निष्ठा के लिए वे प्रसिद्ध हैं। 19 जनवरी को महाराणा प्रताप वीरगति को प्राप्त हुए। हर साल 19 जनवरी का दिन महाराणा प्रताप की पुण्यतिथि के रूप में याद किया जाता है। इस मौके पर जरूर पढ़ें महराणा प्रताप के प्रेरणा देने वाले विचार और वीरता भरे ये कथन।
1.
शत्रु सफल और शौर्यवान व्यक्ति के ही होते हैं।
- महाराणा प्रताप

2.
अन्याय, अधर्म आदि का विनाश करना संपूर्ण मानव जाति का कर्तव्य है।
- महाराणा प्रताप
3.
तब तक परिश्रम करते रहो जब तक कि तुम्हें तुम्हारी मंजिल न मिल जाये।
- महाराणा प्रताप
4.
समय इतना बलवान होता है कि एक राजा को भी घास की रोटी खिला सकता है।
- महाराणा प्रताप

5.
अगर इरादा नेक और मजबूत है। तो मनुष्य की पराजय नहीं, बल्कि विजय होती है।
- महाराणा प्रताप
6.
सम्मानहीन मनुष्य एक मृत व्यक्ति के समान होता है।
- महाराणा प्रताप

7.
ये संसार कर्मवीरों की ही सुनता है। अतः अपने कर्म के मार्ग पर अडिग और प्रशस्त रहो।
- महाराणा प्रताप
8.
कष्ट, विपत्ति और संकट ये जीवन को मजबूत और अनुभवी बनाते हैं। इनसे डरना नहीं बल्कि प्रसन्नता पूर्वक इनसे जूझना चाहिए।
- महाराणा प्रताप

9.
भले ही हल्दीघाटी के युद्ध ने मेरा सर्वस्व छीन लिया हो परन्तु मेरे गौरव और शान को बढा दिया है।
- महाराणा प्रताप
10.
मनुष्य का गौरव और आत्मसम्मान उसकी सबसे बड़ी कमाई होती है। अतः सदा इनकी रक्षा करनी चाहिए।
- महाराणा प्रताप

11.
अपने कीमती जीवन को सुख और आराम की जिन्दगी बनाकर कर नष्ट करने से बढिया है कि अपने राष्ट्र की सेवा करो।
- महाराणा प्रताप
12.
अपने और अपने परिवार के अलावा जो व्यक्ति अपने राष्ट्र के बारे में सोचता है। वही सच्चा नागरिक होता है।
- महाराणा प्रताप
13.
गौरव, मान-मर्यादा और आत्मसम्मान से अधिक कीमती अपने जीवन को भी नहीं समझना चाहिए।
- महाराणा प्रताप
14.
मातृभूमि और अपनी माँ में तुलना करना और अंतर समझना निर्बल और मूर्खों का काम है।
- महाराणा प्रताप
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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