Latest Updates
-
कमशीर में भूकंप के झटकों से कांपी धरती, क्या सच हुई बाबा वेंगा की खौफनाक भविष्यवाणी? -
चेहरे से टैनिंग हटाने के लिए आजमाएं ये 5 घरेलू उपाय, मिनटों में मिलेगी दमकती त्वचा -
World Heritage Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व धरोहर दिवस? जानें इस दिन का इतिहास, महत्व और थीम -
Aaj Ka Rashifal 18 April 2026: मिथुन, तुला और कुंभ के लिए आज बड़ा दिन, जानें मेष से मीन तक का हाल -
Akshaya Tritiya 2026 Daan: अक्षय तृतीया पर इन 5 चीजों का करें दान, कभी नहीं होगी अन्न और धन की कमी -
World Hemophilia Day 2026: हीमोफीलिया क्या है? जानें इस बीमारी के कारण, लक्षण और इलाज -
Shukra Gochar 2026: अक्षय तृतीया पर शुक्र का गोचर बदलेगा इन 4 राशियों का भाग्य, बाकी के लिए जानें उपाय -
Akshaya Tritiya Wishes In Sanskrit: इन संस्कृत श्लोकों के जरिए अपनो को दें अक्षय तृतीया की बधाई -
गर्मियों में लू और डिहाइड्रेशन से से बचने के लिए पिएं ये 5 समर ड्रिंक्स, चिलचिलाती गर्मी में भी रहेंगे कूल-कूल -
2026 में टूटेगा गर्मी का हर रिकॉर्ड? बाबा वेंगा की ये भविष्यवाणी हुई सच तो फेल हो जाएंगे AC-कूलर
Swami Dayanand Saraswati Quotes : दयानंद सरस्वती के ये प्रेरणादायक विचार, जीवन को देंगे नई दिशा
Swami Dayanand Saraswati Jayanti Quotes In Hindi : स्वामी दयानंद सरस्वती आर्य समाज के संस्थापक, महान चिंतक, समाज सुधारक और देशभक्त थे। हिंदू पंचांग के अनुसार फाल्गुन महीने के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि को उनकी जयंती मनाई जाती है। उन्होंने समाज में व्याप्त बाल विवाह, सती प्रथा जैसी कुरीतियों को दूर करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। स्वामी दयानंद वेदों को सर्वोच्च मानते थे और उन्होंने वेदों के आधार पर सामाजिक बुराइयों का विरोध किया।
उनका उद्देश्य लोगों को सत्य के मार्ग पर चलने और अंधविश्वासों से मुक्त करने का था। उन्होंने "सत्यार्थ प्रकाश" ग्रंथ की रचना की, जिसमें समाज सुधार और वेदों के महत्व पर प्रकाश डाला गया है। स्वामी दयानंद के विचार आज भी प्रेरणादायक हैं और लोगों को जागरूकता की राह दिखाते हैं।

1. किसी भी रूप में प्रार्थना प्रभावी है क्योंकि यह एक क्रिया है इसलिए इसका परिणाम होगा। यह इस ब्रह्मांड का नियम है जिसमें हम खुद को पाते हैं।
2. वह अच्छा और बुद्धिमान है जो हमेशा सच बोलता है, धर्म के अनुसार काम करता है और दूसरों को उत्तम और प्रसन्न बनाने का प्रयास करता है।
3. आत्मा अपने स्वरुप में एक है, लेकिन उसके अस्तित्व अनेक हैं।
4. जीवन में मृत्यु को टाला नहीं जा सकता. हर कोई ये जानता है, फिर भी अधिकतर लोग अन्दर से इसे नहीं मानते- 'ये मेरे साथ नहीं होगा।' इसी कारण से मृत्यु सबसे कठिन चुनौती है जिसका मनुष्य को सामना करना पड़ता है।
5. किसी भी रूप में प्रार्थना प्रभावी है क्योंकि यह एक क्रिया है। इसलिए, इसका परिणाम होगा। यह इस ब्रह्मांड का नियम है जिसमें हम खुद को पाते हैं।
6. जो व्यक्ति सबसे कम ग्रहण करता है और सबसे अधिक योगदान देता है वह परिपक्कव है, क्योंकि जीने मेंही आत्म-विकास निहित है।
7. आप दूसरों को बदलना चाहते हैं ताकि आप आज़ाद रह सकें. लेकिन, ये कभी ऐसे काम नहीं करता। दूसरों को स्वीकार करिए और आप मुक्त हैं।
8. सबसे उच्च कोटि की सेवा ऐसे व्यक्ति की मदद करना है,
जो बदले में आपको धन्यवाद कहने में असमर्थ हो।
महर्षि स्वामी दयानन्द सरस्वती जयंती की शुभकामनाएं
9. अज्ञानी होना गलत नहीं है,
अज्ञानी बने रहना गलत है।
महर्षि स्वामी दयानन्द सरस्वती जयंती की शुभकामनाएं!



Click it and Unblock the Notifications











