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Swami Vivekananda Quotes: नरेंद्र दत्त कैसे बनें स्वामी विवेकानंद? युवा दिवस पर जरूर पढ़ें उनके ये विचार
Swami Vivekananda Jayanti Quotes: भारत की महान धरती पर कई महापुरुषों का जन्म हुआ जिन्होंने मानवता के उद्धार में महत्वपूर्ण योगदान दिया। स्वामी विवेकानंद भी इन महापुरुषों की लिस्ट में अग्रणी रहे हैं। उन्होंने सांसारिक मोह त्यागकर दुनिया भर में भारतीय अध्यात्म का प्रचार प्रसार किया।
उनके द्वारा दिए गये योगदान की सराहना करने और युवाओं को प्रेरणा देने के लिए स्वामी विवेकानंद के जन्मदिन पर राष्ट्रीय युवा दिवस मनाया जाता है। हर वर्ष इस खास दिन के लिए थीम निर्धारित किया जाता है और इस दिन स्कूल, कॉलेजों और अन्य संस्थानों में युवाओं के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। पेश हैं स्वामी विवेकानंद के प्रेरणादायी जीवन संबंधित जानकारी और उनके द्वारा कहे गए कुछ ख़ास विचार -

स्वामी विवेकानंद का महान जीवन
स्वामी विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी 1863 को कोलकाता में हुआ था। उन्होंने 25 वर्ष की उम्र में सांसारिक मोह त्याग कर सन्यास ले लिया था। उनका असली नाम नरेन्द्र दत्त था। बचपन से ही उनको आध्यात्मिक विषयों में रूचि थी।
उनके गुरु रामकृष्ण ने सर्वव्यापी परम सत्य के रूप में ईश्वर की सर्वोच्च अनुभूति पाने में उनका मार्गदर्शन किया। अपने गुरु से ही प्रेरित होकर नरेंद्रनाथ ने संन्यासी जीवन बिताने की दीक्षा ली और स्वामी विवेकानंद के रूप में जाने गए। इसके बाद वे भारत भ्रमण पर निकलें और देश के लोगों और संस्कृतियों से जुड़ाव महसूस किया। वर्ष 1893 में शिकागो की धर्म संसद में उनके द्वारा दिए गए भाषण ने देश दुनिया में अपना प्रभाव छोड़ा।
अरबिंदो घोष, सुभाष चंद्र बोस, सर जमशेदजी टाटा, रबींद्रनाथ टैगोर तथा महात्मा गांधी जैसे महान व्यक्तियों ने स्वामी विवेकानंद को भारत की आत्मा को जागृत करने वाला और भारतीय राष्ट्रवाद के मसीहा के रूप में देखा। विवेकानंद 'सार्वभौमिकता' के मसीहा के रूप में उभरे। उन्होंने रामकृष्ण मिशन की भी स्थापना की जो आज भी काम कर रहा है।

स्वामी विवेकानंद जी के प्रेरणादायी विचार -
1. उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य की प्राप्ति ना हो जाये।
2. तुम्हें कोई पढ़ा नहीं सकता, कोई आध्यात्मिक नहीं बना सकता. तुमको सब कुछ खुद अंदर से सीखना है. आत्मा से अच्छा कोई शिक्षक नहीं है।
3. संगति आप को ऊंचा उठा भी सकती है और यह आप की ऊंचाई से गिरा भी सकती है. इसलिए संगति अच्छे लोगों से करें।
4. शक्ति जीवन है, निर्बलता मृत्यु हैं। विस्तार जीवन है, संकुचन मृत्यु हैं। प्रेम जीवन है, द्वेष मृत्यु हैं।

5. पहले हर अच्छी बात का मजाक बनता है, फिर विरोध होता है. अंत में उसे स्वीकार कर लिया जाता है।
6. एक समय में एक काम करो, और ऐसा करते समय अपनी पूरी आत्मा उसमे डाल दो और बाकी सब कुछ भूल जाओ।
7. बहुत सी कमियों के बाद भी हम खुद से प्रेम करते हैं, तो दूसरों में एक कमी से कैसे घृणा कर सकते हैं।
8. जमीन अच्छी है, खाद अच्छा है, परंतु पानी अगर खारा है, तो फूल खिलते नहीं हैं.भाव अच्छे हैं, कर्म भी अच्छे हैं, मगर वाणी खराब है, तो संबंध कभी टिकते नहीं हैं।
9. हमे ऐसी शिक्षा चाहिए जिससे चरित्र का निर्माण हो, मन की शक्ति बढ़े, बुद्धि का विकास हो और मनुष्य अपने पैर पर खड़ा हो सके।
10. मुझे गर्व है कि मैं एक ऐसे धर्म से हूं, जिसने दुनिया को सहनशीलता और सार्वभौमिक स्वीकृति का पाठ पढ़ाया है। हम सिर्फ सार्वभौमिक सहनशीलता में ही विश्वास नहीं रखते, बल्कि हम विश्व के सभी धर्मों को सत्य के रूप में स्वीकार करते हैं।
11. यह देश धर्म, दर्शन और प्रेम की जन्मभूमि है। ये सब चीजें अभी भी भारत में विद्यमान है। मुझे इस दुनिया की जो जानकारी है, उसके बल पर दृढतापूर्वक कह सकता हूं कि इन बातों में भारत अन्य देशों की अपेक्षा अब भी श्रेष्ठ है।
12. अनुभव ही आपका सर्वोत्तम शिक्षक है। जब तक जीवन है सीखते रहो।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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