Latest Updates
-
लंच में बनाएं उत्तर प्रदेश की चना दाल कढ़ी, उंगलिया चाटते रह जाएंगे घरवाले -
Gangaur Ke Geet: 'आ टीकी बहू गोराँ ने सोवै'...इन मधुर गीतों के बिना अधूरी है गौरा पूजा, यहां पढ़ें पूरे लिरिक्स -
प्रेगनेंसी के शुरुआती 3 महीनों में भूलकर भी न खाएं ये 5 चीजें, वरना बच्चे की सेहत पर पड़ेगा बुरा असर -
Viral Video: टीम इंडिया की T20 वर्ल्ड कप जीत पर पाकिस्तान में जश्न, काटा केक और गाया 'जन-गण-मन' -
कौन हैं Mahieka Sharma? जिसके प्यार में 'क्लीन बोल्ड' हुए Hardik Pandya, देखें वायरल वीडियो -
कौन हैं Aditi Hundia? T20 वर्ल्ड कप जीत के बाद Ishan Kishan के साथ डांस Video Viral -
काले और फटे होंठों से हैं परेशान? तो पिंक लिप्स पाने के लिए आजमाएं ये घरेलू नुस्खे -
Chaitra Navratri 2026: 8 या 9 दिन जानें इस बार कितने दिन के होंगे नवरात्र? क्या है माता की सवारी और इसका फल -
Gangaur Vrat 2026: 20 या 21 मार्च, किस दिन रखा जाएगा गणगौर व्रत? नोट करें तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त -
घर में लाल चीटियों का दिखना शुभ है या अशुभ? जानें शकुन शास्त्र के ये 5 बड़े संकेत
National Space Day: भारत के सफल चंद्रयान 3 मिशन को सलाम, 23 अगस्त को मनाया जाएगा राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस
National Space Day: जैसे ही चंद्रयान के रोवर ने चांद की दक्षिणी ध्रुव की अनछुई धरती को छुआ भारत ने इतिहास रच दिया। स्पेस तकनीक और अनुसंधान के आसमां की बुलंदी को छूने वाला पहला मुल्क बन गया भारत।
पूरे विश्व में इस बात का डंका बज गया कि अब भारत एक स्पेस पॉवर मुल्क है। और जब ऐसे कारनामे करके इतिहास रचा जाता है तो फिर आगे आने वाली पीढ़ियों के लिए ये प्रेरणादायक बना रहे इसके लिए सरकार कुछ चीजे सुनिश्चित करती हैं।

इन्ही में से एक है नेशनल स्पेस डे की घोषणा करना। चंद्रयान 3 की सफलता का जश्न प्रेरणा बन कर हमें और भी आगे शोध करते रहने और नयी बुलंदियों को छूने के लिए प्रेरित करता रहे इसके लिए 23 अगस्त को जब चंद्रयान 3 सफलतापूर्वक चांद की धरती पर पंहुचा, उस दिन को राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के तौर पर मनाने का निर्णय लिया गया है।
इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दो और घोषणाएं भी कीं। जिस जगह चंद्रयान ने लैंड किया उस जगह का नाम शिवशक्ति पॉइंट रख दिया गया है। शिव पुरुष शक्ति और शक्ति महिला शक्ति का प्रतिनिधित्व करते हैं। चूँकि इस पूरे मिशन में महिला वैज्ञानिकों ने भी भरपूर योगदान दिया जिसकी वजह से मिशन सफल हुआ इसलिए इसमें महिलाओं के योगदान को भी नमस्कार करते हुए शिव शक्ति पॉइंट नाम दिया गया।
इसके साथ ही तीसरी घोषणा प्रधानमंत्री ने की कि जिस जगह चंद्रयान 2 ने लैंड किया उस जगह को तिरंगा पॉइंट कहा जाएगा। गौरतलब है कि कांग्रेस के शासन के दौरान भी चंद्रयान भेजा गया था और जिस जगह चंद्रयान लैंड हुआ था उस जगह को जवाहर पॉइंट नाम दिया गया था।
राष्ट्रीय स्पेस डे के जरिये अंतरिक्ष में भारत के बढ़ते प्रभुत्व और हमारे वैज्ञानिको के अथक परिश्रम को याद करते रहने की एक परंपरा स्थापित की गयी है।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











