कैसे खत्‍म करें निगेटिव एटीट्यूड को?

By Aditi Pathak

क्‍या लोग हर वक्‍त आपकी आलोचना करते है? क्‍या आपको अपने लिए की गई सभी आलोचनाएं याद है? क्‍या लोगों का आपके प्रति ऐसा रवैया समझ से परे है? अगर आपके साथ भी ऐसा हो रहा है तो समझ जाइए कि गलती लोगों के बोलने में नहीं बल्कि आपके व्‍यवहार में है। आप निगेटिव एटीट्यूड वाले है और इसी कारण लोग आपको पसंद नहीं करते है और आलोचनाएं करते है। वैसे भी कहा जाता है कि नकारात्‍मक रवैये वाले के खिलाफ पूरी दुनिया खड़ी हो जाती है और वह अकेला रह जाता है। आप चाहें तो एक बार अपने विचारों पर गौर फरमा सकते है, इससे आपको समझ में आएगा कि आपकी गलती कहां है।

आपका मूड ठीक नहीं है, आपने सोचा इस इंसान से बात करना बेकार है और आप उस पर चिल्‍ला पड़ते है। उस दिन वह व्‍यक्ति आपसे दूरी बना लेगा और इस तरह आप अपने रवैये से कई लोगों को दूर कर देगें। निगेटिव एटीट्यूड वाले लोगों की जिन्‍दगी बहुत गड़बड़ हो जाती है और उनके हर काम का नतीजा भी बुरा होता है। घर - परिवार से मतभेद, रिश्‍तेदारों - दोस्‍तों से दूरी, ऑफिस में आलोचना के पात्र आदि सब सिर्फ आपके निगेटिव एटीट्यूड के कारण होता है। सोचिए अगर आप अपने इस रवैये को सुधार लें, तो आपको कितना ज्‍यादा फायदा होगा।

निगेटिव एटीट्यूड, इंसान को निश्चित दायरे में बांध देता है। उसमें ड़र, असुरक्षा और हताशा की भावना आ जाती है। ऐसा स्थिति से बचने के लिए अपने नकारात्‍मक विचारों को दूर भगाएं और दिमाग में अच्‍छे और सकारात्‍मक विचार लाएं।

1) अपनी सोच पर गौर फरमाएं :

1) अपनी सोच पर गौर फरमाएं :

निगेटिव एटीट्यूड को खत्‍म करने का सबसे अच्‍छा तरीका यही है कि आप सबसे पहले अपनी सोच पर गौर फरमाएं। नकारात्‍मक विचारों पर नियंत्रण रखें। आप जो भी सोचते है, उसे दूसरे के नजरिए से देखे, इससे आपको अपने निगेटिव एटीट्यूड के बारे में समझ में आएगा।

2) लिखने की आदत डालें :

2) लिखने की आदत डालें :

अगर आपमें निगेटिव एटीट्यूड काफी ज्‍यादा है तो लिखने की आदत डालें। आप जो भी महसूस करते हो या जो भी सोचते हो, उसे लिखें और फिर देखें कि आप कितना पॉजिटिव और कितना निगेटिव सोचते है। आप चाहें तो दिनचर्या डायरी भी मेंटेन कर सकते है।

3) अपने आप को व्‍यस्‍त रखें :

3) अपने आप को व्‍यस्‍त रखें :

अपने आप को व्‍यस्‍त रखें, निगेटिव एटीट्यूड को खत्‍म करने का यह सबसे अच्‍छा तरीका है। खाली दिमाग शैतान का घर होता है, अगर आप कुछ नहीं करेंगे तो आपका दिमाग फालतू की बात सोचेगा। किसी न किसी काम में खुद को व्‍यस्‍त रखें।

4) अपने पसंदीदा काम करें :

4) अपने पसंदीदा काम करें :

अगर आप फ्री है और कोई काम नहीं कर रहे है तो कुछ समय के लिए अपनी पसंद का काम करें। पेंटिग, गार्डनिंग या स्‍वेटर बुनें। आप चाहें तो घर पर कुछ खाना भी बना सकते है।

5) गपशप मारें :

5) गपशप मारें :

अपने दोस्‍तों या लाइफपार्टनर के शाम की सैर पर जाएं। अपनी चिंताओं को दूसरे के साथ शेयर करें। लोगों के साथ बात करके अपने आप को रिलैक्‍स करें। किसी से भी बात करते समय यह ध्‍यान रखें कि आप कोई भी निगेटिव बात न करें। इस तरह से निगेटिव एटीट्यूड को दूर किया जा सकता है।

6) कुछ भी नया सीखें :

6) कुछ भी नया सीखें :

अगर आपमें निगेटिव एटीट्यूड है तो कुछ भी नया करना सीखें। कोई गाना गाना सीखें या डांस करना सीखें, इससे आपका एनर्जी लेवल बढ़ेगा और आत्‍मविश्‍वास भी बढ़ेगा।

7) थैंक्‍यू कहना सीखें :

7) थैंक्‍यू कहना सीखें :

आप कभी निगेटिव एटीट्यूड वाले लोग देखिए, उन्‍हे थैंक्‍यू बोलने में बड़ी दिक्‍कत होती है। ऐसा न करें, लोगों को आपकी मदद करने पर थैंक्‍यू बोलना सीखें। अगर आपको शुरूआत में किसी को शुक्रिया अदा करने में झिझक महसूस होती है उसे थैंक्‍यू कार्ड देकर या किसी पेपर पर लिखकर भी बोल सकते है। आप आजमाकर देखिए, ऐसा करने के बाद आपको बहुत अच्‍छा फील होगा। इस तरह से आपका निगेटिव एटीट्यूड छूमंतर हो जाएगा।

8) खुशियां ढूंढे :

8) खुशियां ढूंढे :

खुश रहना सीखें। चिड़चिड़ाना और बेवजह गुस्‍सा करना बंद कर दें। हंसी - मजाक करें, बच्‍चों के साथ समय बिताएं। कॉमेडी शो देखें। कुछ भी मजाकिया या क्रिएटिव करना सीखें।

Story first published: Tuesday, November 26, 2013, 3:03 [IST]
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