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10 असत्य तथ्य जिन्हें अकसर लोग सच मान लेते हैं
10 असत्य तथ्य जिन्हें अकसर लोग सच मान लेते हैं
16वीं शताब्दी तक सभी लोग जानते थे कि सूर्य और अन्य ग्रह पृथ्वी के चारों ओर चक्कर लगाते हैं। 19वीं सदी तक लोगों का यह मानना था कि कॉलरा और प्लेग जैसी महामारी वाले रोग चीजों के सड़ने के बाद फैलने वाली विषाक्त हवा के कारण होते हैं। 20वीं सदी तक हजारों साल से शल्य चिकित्सकों द्वारा की जाने वाली प्रक्रिया में खून के बहने के साथ की जाती थी क्योंकि हमें ज्ञात था कि रक्त के बहने के साथ-साथ खराब स्वास्थ्य के लिये जिम्मेदार चीजें भी बाहर निकल जाती हैं। उस समय के लिये यही ज्ञान था। इतिहास में हुए ये 5 जुनूनी टैलेंटेड पेंटर
ये सभी बातें आज काफी गलत लगती हैं लेकिन हमारे पूर्वज को इन्हीं तथ्यों पर उसी प्रकार पूर्ण विश्वास था जैसे कि हम पृथ्वी के गोल होने और अनाप-शनाप भोजन द्वारा मोटे होने पर विश्वास करते हैं।
विज्ञान और तकनीक की चकाचौंध दुनिया में हम अपने विश्वास पर इस कदर अटल रहते हैं कि हम जो सोचते हैं कि हम सही जानते हैं परन्तु वास्तव में वह गलत होता है। यहाँ पर ऐसे ही कुछ समान्य गलत अवधारणायें दी जा रही हैं, जो शायद पत्नियों की कहानियों या गलत शोध द्वारा निकली हों लेकिन बाद में गलत साबित हुईं। चाहे जो भी हो ये सभी तथ्य गलत हैं।

1- गीले बालों के साथ ठण्ड में बाहर निकलने से आप बीमार पड़ जायेंगें
छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखने वाली माँ अक्सर ठंड में बाहर निकलने पर चीख पड़ती है कि अपनी टोपी लगा लो नहीं तो ठंड लग जायेगी। इस विषय पर हुये कई शोधों में यह साबित हुआ है कि ठंड को झेलने वालों की अपेक्षा ठंड में न निकलने वाले ज्यादा बीमार पड़ते हैं। और गीले या सूखे सिर से कोई फर्क नहीं पड़ता। (लेकिन इन उपायों से ठंड से बचने में मदद मिलती है।
2- वाइकिंग ने सींगदार हेल्मेट पहने थे
सींगदार हेल्मेट से बढ़कर और कुछ वाइकिंग योद्धा जैसा कुछ हो सकता है क्या। नेरी यह प्रदर्शित करता है कि नोर्स समुद्री लुटेरों ने किसी प्रकार का कवच सिर पर नहीं पहना था। योद्धाओं द्वारा सींग युक्त टोपियाँ अलास नहीं पहनी गई थीं। हलाँकि क्षेत्र में यह शैली केवल शुरूआती दौर में समारोहों के लिये होती थी जो वाइकिंग्स के समय तक धीरे-धारे समाप्त हो गई। कई प्रमुख गलत अवधारणाओं के कारण भ्रान्तियाँ फैल गईं और 19वीं सदी में वेजनर के तत्कालीन पोषाक डिजाइनर डेर रिंग देस निबेल्जेन ने जब गायकों के सिर पर सींगयुक्त हेल्मेट पहना दिये तो वापसी सम्भव नहीं थी।
3- मीठे से बच्चे अत्यधिक क्रियाशील हो जाते हैं
जरनल ऑफ अमेरिकन मेडिकल एसोसियेशन ने बच्चों और शर्करा से सम्बन्धित 23 विषयों को पुनर्विचार किया और पाया कि शर्करा से व्यवहार में फर्क नहीं पड़ता। और सम्भव है कि अगर तथ्य हमारी सोच में घर कर जाते हैं तो वैसा ही महसूस होने लगता है। उदाहरण के लिये एक शोध में माँओं को यह बताया गया कि उनके बच्चों ने उच्च शर्करा पेय का प्रयोग किया है, लेकिन वास्तव में उन्होंने शर्करा रहित पेय लिया था फिर भी माँओं ने बच्चों में अतिसक्रियता के बढ़े स्तर को बताया। इसके अलावा कुछ वैज्ञानिक चेतावनी देते हैं कि शर्करा से आप बेवकूफ हो जाते हैं।
4- शरीर की ज्यादातर गर्मी सिर से बाहर निकलती है
सभी को यह पता है कि आप अपने शरीर की 98 प्रतिशत ऊष्मा को सिर से खो देते हैं इसीलिये सर्दियों में टोपी पहननी चाहिये। लेकिन आप पहनते नहीं हैं। जैसा कि न्यूयॉर्क टाइम्स और अन्य स्थानों पर भी इस बात को उद्धत किया गया है कि शरीर के किसी भाग से निकलने वाली गर्मी उसके क्षेत्रफल पर निर्भर करती है- इसलिये सर्दी के दिनों में सिर की अपेक्षा आप खुली टाँगों या बाहों से कहीं अधिक गर्मी खो सकते हैं।
5- उँगलियाँ चटखाने से गठिया हो जायेगा
यह तर्कसंगत लगता है लेकिन सत्य नहीं है। उँगलियाँ चटखाने से गठिया नहीं होता है। इसप्रकार के सम्बन्ध को कोई प्रमाण नहीं है और कुछ सीमित शोधों में आदतन उँगलियाँ चटखाने वालों तथा उँगलियाँ नहीं चटखानें वालों में गठिया होने का कोई अन्तर नहीं देखा गया। चिकिच्सा विज्ञान में कई इस प्रकार के तथ्य हैं कि उँगलियाँ चटखाने से वहाँ के जोड़ों में पेशियों में चोट, और उखड़ने जैसी शिकायते हैं लेकिन गठिया नहीं।
6- नेपोलियन छोटे कद के थे
सामान्यतः नेपोलियन की ऊँचाई को 5 फुट 2 इन्च माना गया है लेकिन कई इतिहासकार उन्हे ज्यादा लम्बा मानते हैं। उनकी लम्बाई फ्रान्स के मानकों के अनुसार 5 फुट 2 इन्च थी लेकिन अन्तराष्ट्रीय मानकों के अनुसार यह 5 फुट 7 इन्च बनती है जोकि तत्कालीन फ्रांसीसी लोगों की औसत लम्बाई से ज्यादा है।
7- व्यायाम से पहले खिंचाव उत्पन्न करना चाहिये
किसी प्रकार की चोट से बचने के लिये व्यायाम से पहले खिंचाव जरूरी है और सभी करते हैं लेकिन शोधों के अनुसार इससे आपकी गति धीमी होती है। विशेषज्ञों ने यह दिखाया है कि दौड़ने से पहले खिंचाव उत्पन्न करने से क्षमता मे 5 प्रतिशत का ह्रास होता है। इसके अलावा साइकिल चलाने वाले लोगों पर इटली के शोधार्थियों ने साबित किया कि खिंचाव से नुकसान होता है। इसके अलावा व्यायाम से पूर्व खिचाव से चोट लगने की संभावना कम होने के सम्बन्ध में पर्याप्त वैज्ञानिक सबूत न के बराबर हैं।
8- अण्डों का कोलेस्ट्रॉल हृदय के लिये खराब होता है
कोलेस्ट्रॉल और हृदय रोग के बीच का सम्बन्ध की अवधारणा 1960 के एक आहार सम्बन्धी सलाह से बनी है जिसका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं था और इस शोध में भी पशुओं को समान्य से कहीं ज्यादा कोलेस्ट्रॉल दिया गया था। तब से कई शोधों ने इस बात को दर्शाया है कि आहार मे कोलेस्ट्रॉल से शरीर का कोलेस्ट्रॉल नकारात्मक रूप से नहीं बढ़ता है। वास्तव में संतृप्त वसा का सेवन हानिकारक होता है। तो अण्डे खायें न कि टिक्का।
9- कुत्ते की उम्र मानव वर्षों की सात गुनी होती है
आपका तीन साल का कुत्ता मानव रूप में 21 साल का है, क्या ये सही है। विशेषज्ञों के अनुसार नहीं। समान्य अवधारणा यह है कि कुत्ते मानवों से जल्दी वयस्क होते हैं और दो साल मे ही 21 साल के बराबर हो जाते हैं और फिर कुत्तों का एक साल मानव के चार साल के बराबर होता है। सेसार मिलान की वेबसाइट डॉग व्हिस्पर कुत्ते की मानव के सापेक्ष उम्र की गणना के बारे में कहती है कि उम्र से दो घटाकर चार से गुणा करे और फिर इक्कीस जोड़ दें।
10- जार्ज वाशिंग्टन के लकड़ी के दाँत थे
अमेरिका के पहले राष्ट्रपति के दाँत 20 वर्ष की आयु में ही गिरने लगे थे लकिन सामान्य अवधारणा के विपरीत उनके दाँत लकड़ी के नहीं थे। वाशिंग्टन के पास दाँत के चार सेट थे जोकि सोने के, दरियाइ घोड़े के दाँत के, सीसे के और मानव तथा जानवरों (घोड़े और गधे के दाँत) के बने थे। दाँतों में बोल्ट लगे थे जो एकसाथ जकड़े रहते थे और खोलकर अपना पसन्दीदा भोज्य पदार्थ और मेरी वाशिंग्टन का स्वादिष्ट पकवान जिंजरब्रेड के खाने में सहायक थे।



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