Latest Updates
-
Sheetala Saptami Vrat Katha: शीतला सप्तमी के दिन जरूर पढ़ें यह व्रत कथा, मिलेगा आरोग्य का आशीर्वाद -
Sheetala Saptami 2026: कब है शीतला सप्तमी? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Sheetala Saptami 2026 Wishes: मां शीतला का आशीर्वाद...इन संदेशों के साथ अपनों को दें शीतला सप्तमी की शुभकामना -
मंगलवार को कर लें माचिस की तीली का ये गुप्त टोटका, बजरंगबली दूर करेंगे हर बाधा -
लंच में बनाएं उत्तर प्रदेश की चना दाल कढ़ी, उंगलिया चाटते रह जाएंगे घरवाले -
Gangaur Ke Geet: 'आ टीकी बहू गोराँ ने सोवै'...इन मधुर गीतों के बिना अधूरी है गौरा पूजा, यहां पढ़ें पूरे लिरिक्स -
प्रेगनेंसी के शुरुआती 3 महीनों में भूलकर भी न खाएं ये 5 चीजें, वरना बच्चे की सेहत पर पड़ेगा बुरा असर -
Viral Video: टीम इंडिया की T20 वर्ल्ड कप जीत पर पाकिस्तान में जश्न, काटा केक और गाया 'जन-गण-मन' -
कौन हैं Mahieka Sharma? जिसके प्यार में 'क्लीन बोल्ड' हुए Hardik Pandya, देखें वायरल वीडियो -
कौन हैं Aditi Hundia? T20 वर्ल्ड कप जीत के बाद Ishan Kishan के साथ डांस Video Viral
Summer Solstice 21 June 2023: इस तारीख को परछाई भी छोड़ देगी साथ
दिन बदलते हैं, मौसम बदलते हैं और साथ ही दिन और रात की अवधि में भी बदलाव आता है। साल के 365 दिन एक बराबर नहीं रहते हैं। कभी दिन छोटे और रातें लंबी होती हैं और कभी दिन लंबे तो रातें छोटी होती हैं।
इसी तरह से साल में एक दिन ऐसा आता है जब दिन सबसे लंबी और रात सबसे छोटी दर्ज की जाती है। आपको इस तरह का अनुभव 21 जून को होगा। जानते हैं साल में 21 जून को दिन सबसे लंबा और रात सबसे छोटी क्यों होती है।

क्यों होता है 21 जून को बड़ा दिन?
खगोल शास्त्रियों के मुताबिक, सूर्य उत्तरी गोलार्ध से चलकर भारत के बीच से पार होने वाली कर्क रेखा में आ जाता है। यही कारण है कि इस दिन सूर्य की किरणें पृथ्वी पर ज्यादा समय के लिए पड़ती है। इस दिन सूर्य की रोशनी धरती पर तकरीबन 15 से 16 घंटे तक पड़ती है। यही वजह है कि 21 जून को साल का सबसे लंबा दिन होता है। इस घटना को समर सॉल्स्टिस कहा जाता है। 20 से 23 जून के बीच समर सॉल्स्टिस यानि ग्रीष्म संक्रांति मनाई जाती है।

परछाई हो जाती है गायब
21 जून को मनुष्य की परछाई भी साथ छोड़ देती है। दरअसल जब सूर्य ठीक कर्क रेखा के ऊपर होता है तब परछाई कुछ पल के लिए गायब हो जाती है। यह प्रकृति की अद्भुत घटना है।

साल में दो बार होता है सॉल्स्टिस
संक्रांति यानि सॉल्स्टिस एक खगोलीय घटना है। यह साल में दो बार होती है। एक बार गर्मी के मौसम में जब सूर्य को नॉर्थ या साउथ पोल से देखा जाता है तब वह साल का सबसे लंबा दिन दर्ज किया जाता है। इस दिन यानी 21 जून को सूर्य की किरणें ज्यादा देर तक धरती पर मौजूद रहती हैं। वहीं यह दूसरी खगोलीय घटना 22 दिसंबर को होती है। इस दिन साल का सबसे छोटा दिन होता है और रात सबसे लंबी होती है। इस दिन सूर्य की किरण पृथ्वी पर कम समय के लिए रहती हैं। ये ही साल के वो दो दिन होते हैं जब दिन और रात की अवधि में काफी अंतर देखा जाता है।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











