Latest Updates
-
गर्दन का कालापन दूर करने के लिए रामबाण हैं ये 5 देसी नुस्खे, आज ही आजमाएं -
आपके 'नन्हे कान्हा' और 'प्यारी राधा' के लिए रंगों जैसे खूबसूरत और ट्रेंडी नाम, अर्थ सहित -
15 या 16 मार्च कब है पापमोचिनी एकादशी? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और पारण का समय -
Women's Day 2026: चांद पर कदम, जमीन पर आज भी असुरक्षित है स्त्री; जानें कैसे बदलेगी नारी की किस्मत -
Women’s Day 2026: बचपन के हादसे ने बदली किस्मत, अपनी मेहनत के दम पर मिताली बनीं Supermodel -
Happy Women's Day 2026: महिला दिवस पर 'मां' जैसा प्यार देने वाली बुआ, मौसी और मामी को भेजें ये खास संदेश -
Rang Panchami 2026 Wishes: रंगों की फुहार हो…रंग पंचमी पर प्रियजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Women's Day 2026 Wishes for Mother: मेरी पहली 'सुपरवुमन' मेरी मां के नाम खास संदेश, जिसने दुनिया दिखाई -
Rang Panchami 2026 Wishes In Sanskrit: रंग पंचमी पर संस्कृत के इन पवित्र श्लोकों से दें देव होली की शुभकामनाएं -
Happy Women's Day 2026: नारी शक्ति को सलाम! मां, बहन, सास और ननद के लिए महिला दिवस पर प्रेरणादायक संदेश
अलर्ट! पब्लिक प्लेस पर पेशाब करने वाले सावधान, ये दीवार आपको कर देगी शर्मिदा!
पब्लिक प्लेस पर पेशाब करने वाले अब संभल जाएं, अगर उन्होंने दीवारों के ऊपर मूत्र त्यागा तो दीवार माफ करने वाली नहीं हैं, बल्कि उल्टा आपका मूत्र आप पर ही फेंक देगी। ये उन लोगों के लिए वॉर्निंग हैं जो किसी भी दीवार के कोने में जाकर मूत्र त्याग कर देते हैं। भारत में तो ये आम है और सार्वजनिक स्थानों पर यूरीन पास करने वाले इसे अपना अधिकार समझते हैं। खास तौर से वहां पर जहां पर बड़े-बड़े अक्षरों में लिखा होता है कि 'यहां पर पेशाब करना मना है', और उस दीवार पर जाकर तो वो खासतौर से मूत्र त्याग करने का आनंद लेते हैं। लेकिन अब एक ऐसा पेंट उन दीवारों पर चढ़ाया जा रहा है, जिसकी मदद से मूत्र त्याग करने वाले का पेशाब वापस उसी पर गिर जाएगा, यानि कि वो शख्स अपने ही मूत्र से भीग सकता है।

लंदन प्रशासन एंटी-पी पेंट का इस्तेमाल कर रहा
फिलहाल ये भारत में नहीं बल्कि लंदन की दीवारों को इस रंग से रंगा जा रहा है। यहां भी भारत की तरह ही सार्वजनिक स्थानों पर पेशाब की समस्या लगातार बनी हुई है। इस समस्या से निपटने के लिए लंदन प्रशासन एंटी-पी पेंट का इस्तेमाल दीवारों पर पेंट करवा रहा है।
लंदन के जिले सोहो में इसकी शुरूआत हो गई है। बार, रेस्टोरेंट, मूवी हॉल, सार्वजनिक वॉल्स, व अपार्टमेंट में भी इस स्पेशल एंटी-पी पेंट का यूज किया जा रहा है।

जर्मनी में सार्वजनिक दीवारों को पेशाब से बचाने के लिए हुई थी शुरूआत
साल 2015 में इस एंटी-पी पेंट से दीवारों को रंगने की शुरूआत जर्मनी के हैमबर्ग शहर से हुई। जहां की दीवारों पर ये सुपर हाइड्रोफोबिक पेंट किया गया था। यहां पर भी भारत की तरह लोग सार्वजनिक स्थानों पर मूत्र त्याग करते थे। इन दीवारों पर पेंट के साथ ही वॉर्निंग भी लिखी जाती है। ‘यहां पेशाब ना करें वरना हम तुम्हारे ऊपर पेशाब करेंगे।'

क्या भारत में भी एंटी पी-पेंट का इस्तेमाल हो सकता हैं ?
इस तरह की एंटी पी-पेंट की भारत की सार्वजनिक दीवारों को बहुत आवश्यकता है। क्योंकि ये पेंट मूत्र को वापस बाउंस करता है, जिसकी वजह से मूत्र त्याग करने वाले पर ही उसका पेशाब वापस आ जाएगा, इससे उसको शर्मिदगी उठानी पड़ेगी। भारतीय अधिकारी इस एंटी-पी पेंट से दीवारों को रंगने के बारें में विचार कर सकते हैं। एंटी पी पेंट से दीवार रंगने से बहुत कम लोग उन दीवारों पर दोबारा से पेशाब करेंगें, क्योंकि उनको इसका नतीजा पता होगा।

भारत में सिर्फ दीवारों पर ही नहीं कहीं भी कर देते हैं मूत्र विसर्जन
भारत में एक समस्या ये भी है कि यहां पर लोग दीवारों के साथ ही कूड़ेदान में, पेड़ों के ऊपर, सड़क के किनारे, पानी में, किसी भी कोने पर जहां दीवार ना भी हो वहां भी मूत्र त्याग कर देते हैं। ऐसे में भारत जैसे देश में जहां पर इस तरह से खुले में पेशाब करना मर्द अपना अधिकार समझते हैं। काम नहीं कर सकता है। जब तक मानसिकता में बदलाव नहीं होगा, स्वच्छ भारत की प्रेरणा नहीं होगी, साफ-सफाई के बारें में विचार नहीं करेंगे, और सबसे महत्वपूर्ण ये कि स्त्री का सम्मान नहीं करेंगे। तब तक इस तरह के लोग सार्वजनिक स्थलों पर मूत्र त्याग करना अपना कर्तव्य समझते रहेंगे।



Click it and Unblock the Notifications











