World Milk Day: जानें कब, क्यों और कैसे हुई विश्व दुग्ध दिवस मनाने की शुरुआत

हर घर में दूध का इस्तेमाल रोजान होता है। ये हमारी सेहत को कई तरह से फायदा पहुंचाता है। बच्चों के साथ साथ बड़ों के लिए भी दूध के फायदे कम नहीं है। दूध हमारे आहार का कितना जरूरी हिस्सा है और इससे किस तरह के लाभ मिलते हैं, इसकी जानकारी देने के लिए ही दुनियाभर में विश्व दुग्ध दिवस मनाया जाता है। हमारे देश के कई लोग ऐसे हैं जिन्हें दूध नहीं मिल पाता है। लोगों को दूध का महत्व समझना चाहिए और इसे बर्बाद जाने से रोकना चाहिए। मानव शरीर के लिए दूध की पौष्टिकता और इसकी महत्ता के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए ही 1 जून को वर्ल्ड मिल्क डे मनाया जाता है।

जानें वर्ल्ड मिल्क डे का इतिहास

जानें वर्ल्ड मिल्क डे का इतिहास

साल 2001 से ही विश्व दुग्ध दिवस मनाना शुरू किया गया है। इस खास दिन को मनाने की पहल संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन (FAO) ने की। इसके लिए 1 जून की तारीख तय की गई है ताकि इस मौके पर डेयरी क्षेत्र का जश्न मनाया जा सके। अब लगभग 70 देश वर्ल्ड मिल्क डे मनाते हैं। गौरतलब है कि भारत में 26 नवंबर को नेशनल मिल्क डे यानी राष्ट्रीय दुग्ध दिवस मनाया जाता है।

कैसे मनाया जाता है वर्ल्ड मिल्क डे?

कैसे मनाया जाता है वर्ल्ड मिल्क डे?

हर साल इस मौके पर अलग अलग राष्ट्र विभिन्न तरह के कार्यक्रमों का आयोजन करते हैं। इन प्रोग्रामों के जरिये लोगों में दूध के प्रति जागरूकता फैलाई जाती है। दुनियाभर में फैले कोरोना महामारी के कारण इस बार ऑनलाइन गतिविधियां ही हो पाएंगी।

विश्व दुग्ध दिवस 2021 की थीम

विश्व दुग्ध दिवस 2021 की थीम

साल 2021 में वर्ल्ड मिल्क डे के लिए थीम 'पर्यावरण, पोषण और सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण के साथ-साथ डेयरी क्षेत्र में स्थिरता' रखा गया है। इस विषय के साथ लोगों के बीच दूध और डेयरी उत्पादों को अपने आहार में शामिल करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसका मकसद जागरूकता फैलाना है ताकि लोगों का स्वास्थ्य बेहतर होने के साथ दूध का सही उपयोग भी हो।

Story first published: Tuesday, June 1, 2021, 10:20 [IST]
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