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Telangana Election Results : तेलंगाना में जीत के नायक अनुमुला रेवंत रेड्डी कौन है, जिनकी हो रही है चर्चा?
Who is Revanth Reddy : तेलंगाना चुनाव नतीजे लगभग तय हो गए हैं। तेलंगाना के मतदाताओं ने कांग्रेस (तेलंगाना कांग्रेस) को ताज पहनाया है। चार राज्यों में से सिर्फ तेलंगाना में ही कांग्रेस सत्ता अपने नाम कर पाई। लेकिन कांग्रेस की जीत के बाद सबसे अधिक चर्चा जिस नाम की हो रही है वह हैं अनुमुला रेवंत रेड्डी।
रेवंत रेड्डी कांग्रेस की जीत के बाद राज्य के मुख्यमंत्री पद के अब सबसे बड़े दावेदार हैं। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के मेंबर के रूप में अपना राजनीतिक करियर शुरू करने वाले रेवंत रेड्डी ने अब राज्य में पार्टी को जीताकर अपनी स्थिति और मजबूत कर ली है।

छात्रनेता के रुप में की शुरुआत
अविभाजित आंध्र प्रदेश के महबूबनगर ज़िले में साल 1969 में पैदा हुए अनुमुला रेवंत रेड्डी ने राजनीति की शुरुआत अपने छात्र जीवन से ही कर दी थी। उस्मानिया विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री ले चुके रेवंत रेड्डी ने अपने छात्र जीवन में एबीवीपी से छात्र राजनीति की शुरुआत की। साल 2007 में रेवंत रेड्डी एक स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में एमएलसी चुने गए। बाद में वह तेलुगु देशम पार्टी में शामिल हो गए और साल 2009 में उन्होंने टीडीपी उम्मीदवार के रूप में आंध्र प्रदेश की कोडांगल विधानसभा सीट से चुनाव जीता। साल 2014 में उन्होंने आंध्र प्रदेश विधानसभा चुनाव में 46.45 प्रतिशत वोट शेयर के साथ जीत हासिल की। साल 2017 में वह टीडीपी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गए। साल 2018 में तेलंगाना विधानसभा चुनाव में वह कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में लड़े लेकिन तत्कालीन टीआरएस (बीआरएस) उम्मीदवार से चुनाव हार गए। यह किसी भी चुनाव में उनकी पहली हार थी। साल 2019 के आम चुनाव में उन्होंने मल्काजगिरी से लड़ा और 10 हजार से अधिक वोटों से चुनाव जीत गए। इसके बाद साल 2021 में एन उत्तम कुमार रेड्डी की जगह तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया।
जननेता की है छवि
रेवंत रेड्डी, तेलंगाना में कांग्रेस की इस धमाकेदार जीत के नायक बनकर उभरे हैं। उनकी बात इसलिए भी हो रही है क्योंकि उनका स्वभाव संघर्ष का है, उनकी छवि तेलंगाना में एक जननेता की है। यही कारण है कि जब वो टीडीपी के साथ थे तब भी वहां की जनता का उन्हें प्यार मिला और जब वो कांग्रेस के साथ हैं तब भी वो कमाल कर रहे हैं। रेवंत रेड्डी का उदय जनता के लिए छोटे-छोटे मुद्दों पर लड़ते हुए हुआ है। सड़कों पर विरोध प्रदर्शन करते हुए हुआ है, चौराहों पर पुलिस की लाठी खाते हुए हुआ है। रेवंत रेड्डी इसलिए भी खास हैं क्योंकि वो यहां तक लड़ते हुए पहुंचे हैं, संघर्ष करते हुए पहुंचे हैं और सबसे बड़ी बात की जनता के साथ जमीन पर दिखते रहे हैं।



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