Latest Updates
-
Jagannath Rath Yatra 2026 Wishes: रथ यात्रा पर शेयर करें भक्तिमय शुभकामना संदेश, मिलेगा प्रभु का आशीर्वाद -
अमरनाथ गुफा में पिघला तो फ्रिज में दिखा 'बाबा बर्फानी' का शिवलिंग? वायरल वीडियो देख लोग रह गए हैरान -
एक कली कच्चा लहसुन खाकर दिन की शुरुआत करती हैं सोहा अली खान, जानें खाली पेट गार्लिक खाने के 5 जबरदस्त फायदे -
पिृत दोष से मुक्ति के लिए आज आषाढ़ अमावस्या पर करें इन 5 चीजों का दान, पितरों का मिलेगा आशीर्वाद -
बार-बार मुंह में हो रहे छालों को भूलकर भी न करें नजरअंदाज, हो सकता है ओरल कैंसर, जानें लक्षण -
लड़के-लड़कियों के लिए सबसे मॉडर्न और छोटे 100+ टॉप नाम, यहां देखें अर्थ सहित लिस्ट -
कांवड़ यात्रा कब से होगी शुरू? इस दौरान भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां, अधूरी रह जाएगी पूजा -
Kriti Sanon ने करवाए अपने अंडे फ्रीज! जानें किस उम्र में ये कराना बेहतर और Egg Freezing फायदे-नुकसान? -
कब है आषाढ़ अमावस्या? इस दिन इन 4 राशियों पर मंडरा रहा संकट, कहीं आपकी राशि भी तो लिस्ट में नहीं? -
Corona Alert: सिंगर कुमार सानू के बेटे को हुआ कोविड, आंध्र प्रदेश में मिले सबसे ज्यादा मरीज, जानें लक्षण
The Origin of Food: भारत में मशहूर राजमा है विदेशियों की देन, जानें कैसे पहुंचा था हिंदुस्तान
The Origin of Rajma : राजमा और चावल खाना किसी का फेवरेट फूड कॉम्बों होता है, इसे खाने के शौकीन इसे खूब चाव से खाना पसंद करते हैं। वैसे राजमा की गिनती दालों में नहीं फलियों में होती है क्योंकि असल में यह फलियों से निकले एक तरह के बीज है, जो सब्जी के रूप में प्रयोग होते हैं।
पत्थर की तरह सख्त राजमा जब पकाया जाता है तो अंदर से यह एकदम मक्खन की तरह मुलायम हो जाता है। इसी तरह एक चीज और है जिसे जानकर आप दंग रह जाएंगे कि आपका फेवरेट राजमा भारतीय मूल का नहीं है बल्कि ये विदेशियों की देन है। जी हां, फूड एक्सपर्ट के अनुसार राजमा का इतिहास 7,000 वर्षो पुराना है। हजार मील तक यात्रा कर चुका है राजमा और इसे कई संस्कृतियों में इसे मुख्य भोजन के रूप में अपनाया गया है।
आइए जानते हैं कि कैसे ये भारत में पहुंचा और पॉपुलर हो गया।

मैक्सिको से आया भारत
राजमा का इतिहास हजारों साल पुराना है. भारत में भी यह हजारों सालों से खाया जा रहा है, लेकिन इसका उत्पत्ति स्थल भारत नहीं है। राजमा दक्षिण व मध्य अमेरिका की मूल उत्पत्ति है। करीब 7,000 साल पहले दक्षिणी मेक्सिको और पेरू में इसकी खेती की गई. बाद में इसकी वैरायटी बढ़ती चली गई। पुर्तगाली इसे यूरोप लेकर गए।
फिर ये यहां से दक्षिणी पश्चिमी तटों से होता हुआ भारत पहुंचा। कहते हैं कि राजमा सैंकड़ों साल पुराना है और तब से लेकर अब तक ये जितना भारत में पॉपुलर है, उतना शायद पश्चिमी देशों में भी नहीं है। इसकी एक किस्म सफेद राजमा को आप लोबिया के तौर पर भी जानते हैं।
कहां-कहां होती है खेती
भारत के उत्तरी हिस्से में कहा जाता है बेस्ट क्वालिटी का राजमा होता है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू के अलावा हरियाणा में भी इसकी खेती होती है। जम्मू के रामबन में लोग राजमा को बड़े चाव के साथ खाते हैं और अनार की चटनी के साथ इसे सर्व किया जाता है। जम्मू के डोडा जिले की चिंता वैली का राजमा आज दुनियाभर में मशहूर है। यहां का राजमा आकार में छोटा होता है और इसका स्वाद हल्का सा मीठा होता है। इसके अलावा कर्नाटक के कुछ भाग और तमिलनाडु व आंध्रप्रदेश में उगाया जाता है।

यहां है खूब फेमस
राजमा मसाला भारत के उत्तरी राज्यों के साथ-साथ पाकिस्तान में भी एक लोकप्रिय व्यंजन है। इसके अलावा ये नेपाल का भी मुख्य और नियमित भोजन का हिस्सा है।
एक कप उबले हुए राजमा की न्यूट्रिशियन वेल्यू
एक 100 ग्राम उबले हुए राजमा बीन्स में लगभग 140 कैलोरी, 5.7 ग्राम प्रोटीन, 5.9 ग्राम वसा और 18 ग्राम कार्बोहाइड्रेट होता है।



Click it and Unblock the Notifications